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भारत में 30 दिन तो पाकिस्तान में कितने दिन में मिल रहा एलपीजी सिलेंडर, वहां क्या है स्थिति?

Pakistan LPG Crisis: होर्मुज तनाव से पाकिस्तान में एलपीजी संकट गहराया है. कीमतें बढ़ीं, सप्लाई घटी और सिलेंडर मिलने में देरी से आम लोग परेशान हैं. आइए जानें वहां कितने दिन में सिलेंडर मिल रहा है.

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  • होर्मुज तनाव से पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतें बेकाबू हुई हैं.
  • पाकिस्तान में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3,900 से 5,100 रुपये तक.
  • सरकारी रेट और बाजार मूल्य में बड़ा अंतर, कालाबाजारी बढ़ी.
  • भारत के मुकाबले पाकिस्तान में सिलेंडर डिलीवरी में लग रहा ज्यादा समय.

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच रहा है. खासतौर पर पाकिस्तान में एलपीजी सिलेंडर की कीमत और सप्लाई दोनों बिगड़ चुकी हैं. जहां भारत में आम तौर पर 30 दिन के भीतर सिलेंडर मिल जाता है, वहीं पाकिस्तान में हालात अलग हैं. वहां गैस मिलने में देरी, महंगाई और सप्लाई संकट ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है. आइए जानते हैं वहां असल स्थिति क्या है और सिलेंडर कितने दिन में मिल रहा है.

होर्मुज तनाव का सीधा असर

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़े तनाव ने वैश्विक तेल और गैस सप्लाई को प्रभावित किया है. ईरान द्वारा समुद्री रास्तों पर नियंत्रण और जहाजों की आवाजाही पर रोक के कारण मिडिल ईस्ट से आने वाली ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो रही है. इसका असर पाकिस्तान जैसे देशों पर ज्यादा पड़ा है, जो एलपीजी के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं.

पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतें बेकाबू

मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान पाकिस्तान में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3,900 से 5,100 पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गई है. 11.67 से 11.8 किलोग्राम के सिलेंडर के लिए यह कीमत आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही है. कई इलाकों में यह कीमत 5,100 रुपये के पार भी दर्ज की गई है, जिससे रसोई गैस एक बड़ा खर्च बन गई है.

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सरकारी रेट और बाजार में बड़ा अंतर

सरकार द्वारा तय की गई कीमत और बाजार में बिक रही कीमत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. आधिकारिक तौर पर कीमत कम दिखाई जाती है, लेकिन असल में लोगों को सिलेंडर काफी महंगे दाम पर खरीदना पड़ रहा है. मार्च 2026 में औसत खुदरा कीमत करीब 4,139 PKR दर्ज की गई, लेकिन कई जगह इससे ज्यादा वसूली हो रही है.

कितने दिन में मिल रहा सिलेंडर?

भारत में जहां आमतौर पर 30 दिन के भीतर एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हो जाती है, वहीं पाकिस्तान में यह समय तय नहीं है. बड़े शहरों जैसे कराची और लाहौर में प्राइवेट सप्लायर्स के जरिए कुछ दिनों में सिलेंडर मिल जाता है, लेकिन छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोगों को कई बार 7 से 15 दिन या उससे और ज्यादा वक्त इंतजार करना पड़ रहा है. सप्लाई की अनिश्चितता के कारण यह समय और बढ़ भी सकता है.

कालाबाजारी और मुनाफाखोरी बढ़ी

सप्लाई कम होने और मांग ज्यादा रहने के कारण कालाबाजारी तेजी से बढ़ रही है. कई जगह डिस्ट्रीब्यूटर्स सीमित स्टॉक दिखाकर ऊंचे दाम वसूल रहे हैं. इससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है. सरकार की निगरानी कमजोर होने के कारण इस पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो पा रहा है.

मुद्रास्फीति और रुपये की कमजोरी असर

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है. डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की कमजोरी के कारण आयात महंगा हो गया है. इसके साथ ही बढ़ती महंगाई ने एलपीजी की कीमतों को और ऊपर धकेल दिया है. यानी अंतरराष्ट्रीय संकट के साथ घरेलू आर्थिक हालात भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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