US Enemies: रूस-चीन और ईरान के अलावा अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन कौन, देख लें लिस्ट
US Enemies: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को अमेरिका का एक बड़ा सहयोगी बताया है. इसी बीच आइए जानते हैं अमेरिका के कुछ विरोधी देशों के बारे में.

- ट्रंप ने इजरायल को महान सहयोगी बताते हुए उसकी तारीफ की।
- अमेरिका रूस, चीन, ईरान, उत्तर कोरिया को प्रमुख खतरे मानता है।
- वेनेजुएला, क्यूबा, सीरिया को भी अमेरिका ने विरोधी घोषित किया है।
- पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यांमार आदि उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं।
US Enemies: मिडिल ईस्ट में अभी भी तनाव जारी है. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को संयुक्त राज्य अमेरिका का एक महान सहयोगी बताया है. साथ ही ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच इजरायल के साहस और वफादारी की खूब तारीफ की है. लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका कई देशों को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा भी मानता रहा है. जिस तरफ रूस, चीन और ईरान सुर्खियों में छाए हुए हैं वहीं अमेरिका ने कई दूसरे देशों और शासन को विदेशी विरोधी के रूप में वर्गीकृत किया है. आइए जानते हैं कौन से हैं वे देश.
सबसे खतरनाक देश
रूस, चीन और ईरान के बाद उत्तरी कोरिया को संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक माना जाता है. इसका परमाणु हथियार कार्यक्रम और लंबी दूरी की मिसाइल क्षमताएं अमेरिकी क्षेत्र के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं. रूस के साथ चल रहे सैन्य सहयोग ने चिंताओं को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है. इसी के साथ उत्तर कोरिया अक्सर ही अमेरिका को राख कर देने की धमकी देता है.
राजनीतिक तनाव और प्रतिबंध
अमेरिका वेनेजुएला को वेस्टर्न हेमिस्फीयर में एक बड़े विरोधी के रूप में देखता है. खासकर निकोलस मादुरो के शासन के दौरान. मानवाधिकारों के उल्लंघन, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक कुप्रबंधन के आरोपों की वजह से कड़े प्रतिबंध भी लगाए गए हैं और संबंध काफी ज्यादा खराब हुए हैं.
एक लंबे समय से चले आ रही दुश्मनी
शीत युद्ध के दौर से ही क्यूबा संयुक्त राज्य अमेरिका का विरोधी रहा है. संबंधों को सामान्य बनाने के कभी कभार किए गए प्रयासों के बावजूद वैचारिक मतभेद और सुरक्षा चिंताओं की वजह से तनाव बना हुआ है. इनमें विदेशी सैन्य प्रभाव का डर भी शामिल है.
संघर्ष और आतंकवाद संबंधी चिंताएं
क्षेत्रीय अस्थिरता में अपनी भूमिका और आतंकवादी संगठनों को कथित समर्थन की वजह से सीरिया को एक बड़ा खतरा माना जाता है. अमेरिका सीरियाई शासन को मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों में एक बड़ा खिलाड़ी मानता है.
उभरती हुई सुरक्षा चिंताएं
हालिया खुफिया आंकलन में पाकिस्तान को एक बढ़ती हुई चिंता के रूप में भी देखा गया है. इसके बढ़ते परमाणु जखीरे और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के विकास से यह डर पैदा होता है कि यह एक सीधा खतरा बन सकता है. चीन के साथ इसके घनिष्ठ सैन्य संबंध भी अमेरिका की चिंताओं को बढ़ाते हैं.
इन सबके अलावा कई देशों को आधिकारिक तौर पर प्राथमिक विरोधी के रूप में नामित नहीं किया गया है. लेकिन अस्थिरता और सुरक्षा चिंता की वजह से उन्हें अभी भी उच्च जोखिम वाला माना जाता है. इनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन और हैती शामिल हैं. अमेरिका ने इन देशों पर कड़े वीजा और सुरक्षा प्रतिबंध लगाए हैं.
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