एक्सप्लोरर

आसिम मुनीर बनेंगे पाकिस्तानी सेना के CDF, जानें भारत में इसके बराबर कौन सा पद? 

पाकिस्तान ने सीडीएफ का पद ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मिली करारी शिकस्त के बाद सृजित करने का फैसला किया है, जिससे युद्ध या किसी ऐसी परिस्थिति में सेना के तीनों अंगों को साथ लेकर कार्य किया जा सके.

भारत के साथ हर क्षेत्र में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान एक बार फिर भारत के बराबरी करने चला है. खबर है कि पाकिस्तान की सेना में एक नया पद गठित करने पर काम चल रहा है. इसके लिए पाकिस्तान की संसद में 27वें संविधान संशोधन बिल को पेश किया गया है, जिसके तहत रक्षा बलों के कमांडर (CDF) का पद सृजित किया जाएगा. यह पद पाकिस्तान के सेना अध्यक्ष और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ताकत में और इजाफा करेगा. पाकिस्तान के फील्ड मार्शल बनने के बाद अब मुनीर पाकिस्तान के पहले सीडीएफ भी बनने जा रहे हैं.

बता दें, सीडीएफ का पद पाकिस्तान की तीनों सेनाओं में सर्वोच्च पद होगा. इसके तहत सेना के तीनों अंगों थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच तालमेल को बेहतर किया जा सकेगा. अब सवाल यह उठता है कि पाकिस्तान में सीडीएफ का पद सृजित करना भारत की नकल कैसे है और भारत में यह पद किसके बराबर है? चलिए जानते हैं इस सवाल का जवाब... 

पाकिस्तान के CDF की तरह भारत में क्या?

पाकिस्तान में सीडीएफ यानी चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस का पद तीनों सेनाओं में सर्वोच्च पद होगा, यानी पाकिस्तान की थल सेना, वायु सेना और जल सेना के चीफ सीडीएफ के अधीन होंगे और उनके आदेश के मानने के लिए बाध्य होंगे. अब बात भारत की करते हैं भारत में ठीक इसी तरह सीडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद है, जिस पर इस समय CDS अनिल चौहान कार्यरत हैं. इस पद का उद्देश्य सेना के तीनों अंगों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर बनाना और रक्षा जरूरतों और खरीद की प्राथमिकताएं तय करना है.  

पाकिस्तान को क्यों पड़ी इसकी जरूरत

खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान ने सीडीएफ का पद ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मिली करारी शिकस्त के बाद सृजित करने का फैसला किया है, जिससे युद्ध या किसी ऐसी परिस्थिति में सेना के तीनों अंगों को साथ लेकर कार्य किया जा सके. इसके तहत सेना के तीनों अंगों की एक संयुक्त कमान भी स्थापित की जा सकती है. 

भारत में कब से है यह पद?

भारत में 2019 से पहले तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) के अलग-अलग प्रमुख हुआ करते थे, लेकिन कोई संयुक्त सैन्य प्रमुख नहीं था, जो तीनों सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई की निगरानी कर सके. 2019 में ही केंद्र सरकार ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बनाया और जनरल बिपिन रावत भारत के पहले सीडीएस नियुक्त किए गए थे. इसका उद्देश्य तीनों सेनाओं के प्रमुखों के बीच कोऑर्डिनेशन को बेहतर करना और सरकार को सैन्य सलाह देना था, इसके अलावा थिएटर कमांड की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाना था. 

यह भी पढ़ें: चीन ने बनाया अपना सबसे एडवांस्ड वॉरशिप, यह कितने देशों के लिए बड़ा खतरा?

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ईरान जंग में कितने अमेरिकी विमान हुए तबाह, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में US को अब तक कितना हो चुका नुकसान?
ईरान जंग में कितने अमेरिकी विमान हुए तबाह, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में US को अब तक कितना हो चुका नुकसान?
PNG Connections: देश के इन राज्यों में है सबसे ज्यादा पीएनजी का कनेक्शन, देख लें सरकार के आंकड़े
देश के इन राज्यों में है सबसे ज्यादा पीएनजी का कनेक्शन, देख लें सरकार के आंकड़े
Diamond Rain: ब्रह्मांड में कहां होती है सबसे महंगी बारिश, आसमान से बरसते हैं हीरे?
ब्रह्मांड में कहां होती है सबसे महंगी बारिश, आसमान से बरसते हैं हीरे?
Delhi Assembly Security: किसके जिम्मे होती है दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा, जानें इसमें कितने जवान होते हैं तैनात?
किसके जिम्मे होती है दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा, जानें इसमें कितने जवान होते हैं तैनात?

वीडियोज

Iran Vs US-Israel War: ईरान की 'Missile City'! क्यों भेदने में US का Advance Satellite भी फेल ?
Iran Vs US-Israel War: ईरान की सेना IRGC अपने ही देश के खिलाफ बगावत करेगी? Reza Pahlavi का दांव!
Trump Final Ultimatum to Iran: ट्रंप का 'धमकी मीटर'..Iran को बार-बार चेता रहे! | Iran Israel War
Iran US-Israel War: Shadow War तो बस झांकी थी,अब 'Epic Fury' ! क्या दहल जाएगा मिडिल ईस्ट?
Iran US-Israel War: ईरान की नाक के नीचे से पायलट को निकाल ले गया इजरायल! | Pilot Rescue

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘नेताओं की हत्या से नहीं रुकेगा ईरान’, US अटैक पर ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का बड़ा बयान
‘नेताओं की हत्या से नहीं रुकेगा ईरान’, US अटैक पर ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का बड़ा बयान
कार का दरवाजा खोलते समय हुआ हादसा तो कौन होगा जिम्मेदार? दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया ये आदेश
कार का दरवाजा खोलते समय हुआ हादसा तो कौन होगा जिम्मेदार? दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया ये आदेश
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद विपक्ष को झटका, महाभियोग नोटिस खारिज, भड़के डेरेक ओ'ब्रायन बोले- BJP ने बनाया मजाक
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद विपक्ष को झटका, महाभियोग नोटिस खारिज, भड़के डेरेक ओ'ब्रायन
KKR vs PBKS: अगर कट-ऑफ टाइम तक शुरू नहीं हुआ 5-5 ओवर का मैच? तो कैसे होगा विजेता का फैसला
अगर कट-ऑफ टाइम तक शुरू नहीं हुआ 5-5 ओवर का मैच? तो कैसे होगा विजेता का फैसला
Explained: अब नहीं चलेगी अमेरिका की हुकूमत! मल्टीपोलर की ओर बढ़ रहा वर्ल्ड ऑर्डर, कैसे ईरान जंग ने बदला हवा का रुख
अब नहीं चलेगी अमेरिका की हुकूमत! कैसे ईरान युद्ध के बाद मल्टीपोलर की ओर बढ़ रहा वर्ल्ड ऑर्डर?
Excessive Yawning Causes: बार-बार आ रही है जम्हाई तो हल्के में न लें, जानें किन-किन बीमारियों का खतरा?
बार-बार आ रही है जम्हाई तो हल्के में न लें, जानें किन-किन बीमारियों का खतरा?
पिता-बेटे को पुलिस कस्टडी में बर्बरता और मौत पर चला कानून का डंडा, 9 पुलिसवालों को मौत की सजा
पिता-बेटे को पुलिस कस्टडी में बर्बरता और मौत पर चला कानून का डंडा, 9 पुलिसवालों को मौत की सजा
पेट्रोल-डीजल की टेंशन के बीच कम फ्यूल में कैसे चलाएं गाड़ी? आज ही अपनाएं ये जरूरी टिप्स
पेट्रोल-डीजल की टेंशन के बीच कम फ्यूल में कैसे चलाएं गाड़ी? आज ही अपनाएं ये जरूरी टिप्स
Embed widget