पहलगाम हमले के बाद जंग हो या न हो, इन पांच मोर्चों पर भारत से पहले ही हार चुका पाकिस्तान
इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान को हर बार मुंह की खानी पड़ी है. इसके बावजूद पाकिस्तान जंग जैसे हालात पैदा करने की कोशिश करता है, लेकिन पांच मोर्चे ऐसे हैं जहां वह पहले ही भारत से हार चुका है.

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते अब तक के सबसे खराब दौर में पहुंच चुके हैं. पहलगाम में आतंकी वारदात के पीछे एक बार फिर पाकिस्तानी साजिश के आरोप लग रहे हैं, जिसके बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने समेत कई कड़े कदम उठाए हैं. पाकिस्तान ने इसे 'एक्ट ऑफ वॉर' करार देते हुए कहा है कि पाकिस्तान हर तरह से तैयार है. इधर, भारत में भी पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की मांग तेजी से उठ रही है और अब सब कुछ भारत सरकार के रुख पर निर्भर करता है.
भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल में जंग हो या न हो, लेकिन इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान को हर बार भारत से मुंह की खानी पड़ी है. मौजूदा हालातों में एक बार फिर जंग जैसे आसार बन रहे हैं, दोनों देशों के बीच जंग हो या न हो, लेकिन पांच मोर्चे ऐसे हैं, जिनमें पाकिस्तान पहले ही भारत से हार चुका है.
प्रति व्यक्ति आय में हारा पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय की तुलना की जाए तो इस मोर्चे पर भारत ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी है. 2024 के आंकड़ों को देखें तो भारत की प्रति व्यक्ति आय 2711 डॉलर थी, तो वहीं पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय 1581 डॉलर थी. जबकि, 1960 में दोनों देशों की प्रति व्यक्ति आय लगभग बराबर थी. 1960 में भारत की प्रति व्यक्ति आय 85 डॉलर तो पाकिस्तान की 82 डॉलर थी.
औसत उम्र में भी पीछे पाकिस्तान
भारत ने जीवन प्रत्याशा दर में भी पाकिस्तान को काफी पीछे छोड़ दिया है. आजादी के बाद 1960 में भारत के लोगों की जीवन प्रत्याशा यानी औसत उम्र 45.6 साल थी, वहीं पाकिस्तानियों की औसत उम्र 44.1 थी. 2024 में भारतीयों की जीवन प्रत्याशा में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस समय भारतीयों की जीवन प्रत्याशा दर 72.2 साल है, जबकि पाकिस्तान के लोगों की औसत उम्र 67.8 साल है.
साक्षरता दर में भी मात खाया पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान की साक्षरता दर में भी बड़ा अंतर है. आंकड़ों को देखें तो 15 साल के ऊपर के व्यक्तियों की भारत में साक्षरता दर करीब 80 फीसदी है. यह आंकड़े 2023 के हैं. वहीं पाकिस्तान में 2021 में साक्षरता दर मात्र 58 फीसदी ही थी.
शिक्षा पर खर्च में भी भारत आगे
भारत अपने नागरिकों को शिक्षित बनाने और उनके लिए रोजगार के नए अवसर खोजने के लिए जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा खर्च करता है. जबकि, पाकिस्तान इस मामले में भारत से कहीं पीछे है. इसका असर दोनों देशों की साक्षरता दर में भी दिखता है. 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत जीडीपी का 4.1 फीसदी शिक्षा पर खर्च करता है. जबकि, पाकिस्तान अपनी जीडीपी का मात्र 1.9 फीसदी ही शिक्षा पर खर्च करता है.
भारत में है बेहतर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भारत तेजी से उभर रहा है. यही कारण है कि दुनिया के कई देशों के लोग अब भारत में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं. यहां तक कि भारत दुनिया का उभरता मेडिकल टूरिज्म वाला देश बन गया है. 2021 के आंकड़ों के अनुसार, भारत अपनी स्वास्थ्य सेवाओं पर जीपीडी का 3.4 फीसदी खर्च करता है, जबकि पाकिस्तान 3.0 फीसदी ही खर्च करता है.
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Source: IOCL






















