दुनिया का वह देश जहां सेनेटरी पैड पर पूरी तरह है पाबंदी, फिर पीरियड्स में क्या करती हैं महिलाएं?
Sanitary Pad Ban: दुनिया में एक देश ऐसा है जहां सैनेटरी पैड्स सिर्फ बैन नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की जरूरतों को अनसुना कर दिया गया है. सवाल है कि आखिर उन दिनों में महिलाएं क्या करती होंगी.

दुनिया में कई देशों के अजीब कानूनों पर लोग हंसते हैं, हैरान होते हैं या चौंक जाते हैं, लेकिन एक देश ऐसा भी है, जहां की हकीकत सुनकर लोग खामोश हो जाते हैं. वहां महिलाओं के जीवन का सबसे सामान्य, सबसे प्राकृतिक और सबसे जरूरी पहलू भी नियमों की जंजीरों में बंधा हुआ है. सोचिए, जहां मोबाइल, टीवी, यात्रा सब पर पाबंदी हो, वहां जब मासिक धर्म जैसी बुनियादी जरूरत को भी कानून से बांध दिया जाए, तो महिलाएं आखिर कैसे जीती होंगी?
किस देश में है ऐसा अजीब कानून?
दुनिया के नक्शे पर भले ही नॉर्थ कोरिया छोटा दिखता हो, लेकिन उसके कानूनों की दहशत और रहस्य इतने बड़े हैं कि हर बात अंतरराष्ट्रीय बहस बन जाती है. किम जोंग उन के शासन में रोजमर्रा का हर फैसला सरकार तय करती है कि लोग क्या पहनेंगे, कौन सा गाना सुनेंगे, किस टीवी चैनल पर क्या देखेंगे, यहां तक कि किस दिन हंस सकते हैं और किस दिन नहीं. इसी अजीबो-गरीब व्यवस्था में एक ऐसा कानून भी शामिल है, जो दुनिया के किसी भी आधुनिक देश में सुना तक नहीं जाता, वह है सेनेटरी पैड्स पर पूरी तरह प्रतिबंध.
दुकानों पर भी नहीं मिलेंगे सेनेटरी नैपकिन
नॉर्थ कोरिया में सैनिटरी नैपकिन न सिर्फ बाजार में उपलब्ध नहीं होते, बल्कि लोगों को इनका इस्तेमाल करने से भी रोका जाता है. दुकानों में आपको खाने से लेकर घरेलू सामान तक सब मिलेगा, लेकिन सेनेटरी पैड्स की एक भी पैक नहीं मिलेगा. यहां तक कि टैंपून्स और पीरियड पैंटी जैसी बेसिक चीजें भी देश में पूरी तरह गैरकानूनी मानी जाती हैं.
तो महिलाएं करती क्या हैं?
सरकार की सख्त नीतियों के बीच महिलाओं ने पुराने तरीकों को फिर से अपनाया है. यहां महिलाएं कपड़े के पैड बनाती हैं, जिन्हें धोकर बार-बार इस्तेमाल किया जाता है. यह तरीका दशकों पुराना है, लेकिन मजबूरी ने इसे फिर से जीवन का हिस्सा बना दिया है. कई महिलाएं सूती कपड़े की कई परतें सिलकर घर में ही दोबारा इस्तेमाल करने वाला कपड़ा तैयार करती हैं. इन्हें धूप में सुखाना भी आसान नहीं होता, क्योंकि घरों के बाहर ऐसे कपड़े खुले में टांगना भी सामाजिक तौर पर गलत माना जाता है.
नॉर्थ कोरिया में महिलाओं के पीरियड्स की देखभाल प्राइवेट ड्यूटी मानी जाती है, ना कोई सरकारी सहायता, ना कोई हेल्थ प्रोडक्ट, ना कोई मासिक धर्म को लेकर जागरूकता. कहा जाता है कि सरकार ने सेनेटरी आइटम्स को विदेशी लग्जरी माना है, इसलिए इनके आयात और बिक्री दोनों पर ताला जड़ दिया गया है.
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