एक्सप्लोरर

World Environment Day: समुद्र में तैरता कचरे का यह द्वीप है कई देशों से भी बड़ा, जानें कौन फैंकता है यहां कूड़ा

World Environment Day: आज दुनिया भर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है. इसी बीच आइए जानते हैं उस कचरे के ढेर के बारे में जिसका आकार दुनिया के कई देशों से भी बड़ा है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • प्रशांत महासागर में विशाल 'ग्रेट पैसिफिक गार्बेज पैच' चिंताजनक है।
  • यह 1.6 मिलियन वर्ग किमी में फैला, विशाल प्लास्टिक द्वीप।
  • ज्यादातर कचरा जापान, चीन समेत 6 देशों से आता।
  • माइक्रोप्लास्टिक खाद्य श्रृंखला में पहुँचकर इंसानी सेहत पर खतरा।

World Environment Day: हर साल 5 जून को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. हालांकि चर्चाएं अक्सर प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और संरक्षण पर केंद्रित होती है लेकिन पर्यावरण से जुड़ा एक सबसे चिंताजनक संकट प्रशांत महासागर के बीचों-बीच तैर रहा है.  ग्रेट पेसिफिक गार्बेज पैच के नाम से जाना जाने वाला प्लास्टिक कचरे का यह विशाल ढेर इतना बड़ा हो गया है कि अब यह कई देशों से भी बड़े इलाके में फैला हुआ है.

ग्रेट पेसिफिक गार्बेज पैच क्या है? 

ग्रेट पेसिफिक गार्बेज पैच को अक्सर प्लास्टिक आइलैंड भी कहा जाता है. यह उत्तरी प्रशांत महासागर में अमेरिका के कैलिफोर्निया और हवाई द्वीपों के बीच स्थित है. आम धारणा के उलट यह कोई ठोस द्वीप नहीं है जिस पर लोग चल सकें. यह एक काफी बड़ा इलाका है जहां समुद्र की तेज लहरों और धाराओं की वजह से लाखों टन तैरता हुआ प्लास्टिक कचरा जमा हो गया है. सालों से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आया प्लास्टिक कचरा इस इलाके में फंसता गया है. 

कचरे का यह तैरता हुआ जोन कितना बड़ा है?

ग्रेट पेसिफिक गार्बेज पैच का आकार चौंकाने वाला है. वैज्ञानिकों का यह अनुमान है कि यह पैच लगभग 16 लाख वर्ग किलोमीटर के इलाके में फैला हुआ है. यह इसे फ्रांस से लगभग तीन गुणा और भारत के आकार का लगभग आधा बनाता है. 

इस पैच में 80000 मेट्रिक टन से ज्यादा प्लास्टिक कचरा और अनुमानित 1.8 ट्रिलियन प्लास्टिक के टुकड़े समुद्र में तैर रहे हैं. हर साल समुद्री इकोसिस्टम में और कचरा आने की वजह से इसका आकार बढ़ता जा रहा है. 

कौन से देश सबसे ज्यादा कचरा फैलाते हैं?

पर्यावरण संगठनों और समुद्री वैज्ञानिकों की रिसर्च से यह पता चलता है कि कचरे का एक बड़ा हिस्सा कुछ औद्योगिक देशों से आता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस इलाके में पाए जाने वाले 90% से ज्यादा कचरे का स्रोत 6 देश हैं. इनमें जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ताइवान और कनाडा शामिल हैं. 

इंसानों को कैसे प्रभावित करता है? 

इसके परिणाम सिर्फ समुद्री परिस्थितिकी तंत्र तक ही सीमित नहीं है. मछली और समुद्री भोजन की प्रजातियां माइक्रोप्लास्टिक खाती हैं. यह बाद में इंसानी खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर सकता है. वैज्ञानिक माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में आने के दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों पर स्टडी कर रहे हैं. लेकिन बढ़ते सबूत बताते हैं कि इससे पर्यावरण और इंसानी सेहत दोनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है.

यह भी पढ़ेंः रिकॉर्ड तोड़ तापमान की ओर जा रहे हम! जानिए कितने साल बाद आग का गोला बन जाएगी धरती?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

ये है दुनिया का सबसे सुरक्षित ठिकाना जहां परमाणु बम भी बेअसर, जानें कितने लोगों को मिल सकती है पनाह?
ये है दुनिया का सबसे सुरक्षित ठिकाना जहां परमाणु बम भी बेअसर, जानें कितने लोगों को मिल सकती है पनाह?
सिंधु नदी की वजह से भारत को कैसे मिला 'इंडिया' नाम, जानें क्या है इसका इतिहास?
सिंधु नदी की वजह से भारत को कैसे मिला 'इंडिया' नाम, जानें क्या है इसका इतिहास?
संसद की कार्यवाही स्थगित होने पर सरकार का कितना नुकसान, जानिए हर मिनट कितना पड़ता है भार?
संसद की कार्यवाही स्थगित होने पर सरकार का कितना नुकसान, जानिए हर मिनट कितना पड़ता है भार?
Mughal Games: मोबाइल नहीं था तो टाइम पास कैसे करते थे मुगल, जानें क्या था उनके पसंदीदा खेल?
मोबाइल नहीं था तो टाइम पास कैसे करते थे मुगल, जानें क्या था उनके पसंदीदा खेल?
Advertisement

वीडियोज

DR. Aarambhi: Aarambhi ने खोला सच, Tandon परिवार को सजा दिलाने अड़ी Nayra!
Amitabh Bachchan ने सर्जरी के बाद शेयर किया भावुक हेल्थ अपडेट, बोले- रिकवरी का मुश्किल दौर अब शुरू हुआ
BMW खरीदते वक्त Mileage कौन देखता है? Mileage नहीं, Experience मायने रखता है! Ft. Himanshu Arya
Ramayana में Ravi Dubey होंगे सबसे बड़ा Surprise Package? Yash ने किया बड़ा खुलासा
Lock Upp 2 से Yogesh Rawat हुए Evict, Fans ने Makers को किया ट्रोल, बोले- 'Unfair Elimination!'
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘प्रधान, शाह और पीएम मोदी दें इस्तीफा’, पीएम आवास के बाहर रातभर चलेगा राहुल का धरना, मान-मनौव्वल की कोशिश नाकाम
‘प्रधान, शाह और पीएम मोदी दें इस्तीफा’, पीएम आवास के बाहर रातभर चलेगा राहुल का धरना
यूपी चुनाव 2027 में बीजेपी का चेहरा सीएम योगी होंगे या नहीं? पंकज चौधरी ने दिए ये संकेत
यूपी चुनाव 2027 में बीजेपी का चेहरा सीएम योगी होंगे या नहीं? पंकज चौधरी ने दिए ये संकेत
Maharashtra Politics: शिवसेना में फिर सियासी संग्राम! 6 सांसदों के दलबदल पर उद्धव गुट ने SC का खटखटाया दरवाजा
शिवसेना में फिर सियासी संग्राम! 6 सांसदों के दलबदल पर उद्धव गुट ने SC का खटखटाया दरवाजा
Dhamaal 4 BO Day 11 Worldwide: 'धमाल 4' ने मचाया तहलका, शाहिद कपूर की फिल्म के उड़ाए परखच्चे, बना दिया इतना बड़ा रिकॉर्ड
धमाल 4' ने वर्ल्डवाइड मचाया तहलका, शाहिद कपूर की फिल्म को मात देकर बना दिया इतना बड़ा रिकॉर्ड
लॉर्ड्स में इतिहास रचने वाली हरमनप्रीत कौर पर क्योंं उठे सवाल? पूर्व भारतीय दिग्गज ने कप्तानी बदलने की उठाई मांग
लॉर्ड्स में इतिहास रचने वाली हरमनप्रीत कौर पर क्योंं उठे सवाल? पूर्व भारतीय दिग्गज ने कप्तानी बदलने की उठाई मांग
'तो यह दिन नहीं देखना पड़ता... ' मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के धरने पर बोले अशोक गहलोत
'तो यह दिन नहीं देखना पड़ता... ' मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के धरने पर बोले अशोक गहलोत
नीम के पेड़ पर कैसे उग आता है पीपल या बरगद, जानें इसके पीछे का विज्ञान
नीम के पेड़ पर कैसे उग आता है पीपल या बरगद, जानें इसके पीछे का विज्ञान
सफदरजंग से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट होंगे सोनम वांगचुक, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश    
सफदरजंग से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट होंगे सोनम वांगचुक, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश    
Embed widget