एक्सप्लोरर

New Year 2026: कैलेंडर का आविष्कार किसने किया था, जानें कैसे चुने गए थे दिन और तारीख?

New Year 2026: नया साल शुरू हो चुका है और सभी के घर में 2026 के कैलेंडर लग चुके हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि कैसे हुआ था कैलेंडर का आविष्कार.

New Year 2026: नया साल शुरू हो चुका है और सभी ने अपने घरों में कैलेंडर बदल दिए हैं. हर साल कैलेंडर एक जैसा ही होता है. वही हफ्ते में सात दिन, एक साल में 12 महीने और तारीखें अच्छे से अरेंज्ड. इसी बीच सवाल यह उठता है कि आखिर कैलेंडर का आविष्कार किसने किया था. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

कैसे हुई थी इसकी शुरुआत?

समय को ट्रैक करने का विचार तब शुरू हुआ जब शुरुआती इंसानों ने दोहराए जाने वाले प्राकृतिक पैटर्न को नोटिस किया. सूर्योदय और सूर्यास्त, चांद के चरण और मौसमी बदलाव. अलग-अलग सभ्यताओं ने खेती, धार्मिक त्योहार, टैक्स और शासन को मैनेज करने के लिए कैलेंडर बनाए. वक्त के साथ यह सिस्टम साधारण चंद्र चार्ट से जटिल सौर कैलेंडर में बदल गए. 

किसने बनाया था सबसे पहला कैलेंडर?

सबसे पुराने ज्ञात कैलेंडर सुमेरियन और बेबीलोनियन लोगों ने लगभग 3000 से 2100 ईसा पूर्व में बनाए थे. उन्होंने चांद के चरणों के आधार पर चंद्र कैलेंडर बनाए और साल को 12 महीना में बांटा. उनके बेस 60 नंबर सिस्टम ने भी आज हम जिस तरह से समय मापते हैं उसे काफी ज्यादा प्रभावित किया. इसमें 1 घंटे में 60 मिनट और 1 मिनट में 60 सेकंड शामिल हैं. इन कैलेंडरों का इस्तेमाल खेती और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए ज्यादा किया जाता था. 

पहला सौर कैलेंडर

प्राचीन मिस्त्र वासी सौर वर्ष की गणना करने वाले पहले व्यक्ति थे. नील नदी की वार्षिक बाढ़ और सीरियस तारे के उदय को देखकर उन्होंने यह तय किया कि एक साल 365 दिनों का होता है. उनके कैलेंडर में 30 दिनों के 12 महीने थे. इसी के साथ पांच अतिरिक्त त्योहार के दिन थे.

जूलियस सीजर और जूलियन कैलेंडर 

45 ईसा पूर्व में रोमन सम्राट जूलियस सीजर ने ग्रीक खगोल शास्त्री सोसीजेनेस की मदद से जूलियन कैलेंडर बनाया. इस सुधार ने रोम के पहले के कैलेंडर की बड़ी कमियों को ठीक किया. पहली बार साल आधिकारिक तौर पर 1 जनवरी को शुरू हुआ और हर 4 साल में लीप ईयर की अवधारणा भी पेश की गई. हालांकि जूलियन कैलेंडर ने सौर वर्ष की थोड़ी गलत गणना की जिस वजह से एक एरर पैदा हुआ जो सदियों में जमा होता गया.

कैसे आया आधुनिक कैलेंडर?

16वीं सदी तक जूलियन कैलेंडर मौसमों से दूर होता जा रहा था. इसे ठीक करने के लिए पोप ग्रेगरी XIII ने 1582 में ग्रेगोरियन कैलेंडर पेश किया. तारीखों को सौर वर्ष के साथ फिर से मिलाने के लिए 10 दिन घटा दिए गए. इसी के साथ एक और नया लीप ईयर नियम जोड़ा गया कि सदी के साल तभी लीप ईयर होंगे जब वह 400 से डिविजिबल हों. इसी कैलेंडर का इस्तेमाल आज ज्यादातर देश करते हैं. 

दिन, महीने और साल कैसे चुने गए?

कैलेंडर का स्ट्रक्चर पूरी तरह से एस्ट्रोनॉमी पर आधारित है. एक दिन पृथ्वी के अपनी धुरी पर एक पूरे चक्कर से बनता है. एक महीना चंद्र चक्र से बनता है जो लगभग 29.5 दिनों का होता है. इस वजह से शुरुआती कैलेंडर में महीने 29 या 30 दिनों के होते थे. 1 साल सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की ऑर्बिट पर आधारित होता है जो लगभग 365.24 दिनों का होता है. महीनों के नाम ज्यादातर रोमन देवताओं और शासकों से आते हैं. जैसे जनवरी जानूस से, मार्च मार्स से और जुलाई जूलियस सीजर से.

ये भी पढ़ें: ट्रेन की पटरियों पर क्यों होते हैं पत्थर, जानें सुरक्षा में ये कैसे आते हैं काम

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Longest Wars History: ये हैं इतिहास के सबसे लंबे युद्ध, 100 साल से भी ज्यादा समय तक होती रही थी जंग
ये हैं इतिहास के सबसे लंबे युद्ध, 100 साल से भी ज्यादा समय तक होती रही थी जंग
Governor Salary India: क्या दो राज्यों का काम संभालने वाले राज्यपाल को अलग से मिलती है सैलरी, क्या है नियम?
क्या दो राज्यों का काम संभालने वाले राज्यपाल को अलग से मिलती है सैलरी, क्या है नियम?
LBSNAA ट्रेनिंग के दौरान IAS को कितना मिलता है पैसा, जानें कहां कितनी होती है कटौती?
LBSNAA ट्रेनिंग के दौरान IAS को कितना मिलता है पैसा, जानें कहां कितनी होती है कटौती?
Persian Gulf Energy Supply: पर्शियन गल्फ से किन-किन देशों को होती है एनर्जी सप्लाई, इन पर कितना डिपेंड है भारत?
पर्शियन गल्फ से किन-किन देशों को होती है एनर्जी सप्लाई, इन पर कितना डिपेंड है भारत?
Advertisement

वीडियोज

Jab Khuli Kitaab Review: पंकज कपूर और डिंपल कपाड़िया | एक खूबसूरत और परिपक्व प्रेम कहानी
Dhurandhar 2 Trailer : Ranveer Singh और Sanjay Dutt का जबरदस्त धमाका
Iran Israel War: ईरान की मिसाइल फैक्ट्री को कर देंगे बर्बाद- बेसेंट | Trump | Netanyahu | Tehran
Bollywood news: धुरंधर की एंट्री, एक शक्तिशाली किरदार की वापसी जो पूरी बाजी पलटने का दम रखता है (07-03-2026)
Jagadhatri: 😮Shivay की खुशियों को लगी नजर! पिता का आशीर्वाद मिला पर Gunjan की जान पर बनी #sbs
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
US Israel Iran War Live: ईरान ने इजरायल पर फिर दागीं मिसाइलें, IDF का दावा- तेहरान में IRGC के 16 फाइटर जेट किए तबाह
Live: ईरान ने इजरायल पर फिर दागीं मिसाइलें, IDF का दावा- तेहरान में IRGC के 16 फाइटर जेट किए तबाह
रवींद्र सिंह भाटी की मुस्लिम वोटर्स को चुनौती, बोले- 'वोट नहीं दिया', राजस्थान में सियासी बवाल
रवींद्र सिंह भाटी की मुस्लिम वोटर्स को चुनौती, बोले- 'वोट नहीं दिया', राजस्थान में सियासी बवाल
3000 रुपये पेंशन, 50 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस... केरल में चुनाव से पहले राहुल गांधी ने किया 5 गारंटी का ऐलान
3000 रुपये पेंशन, 50 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस... केरल में चुनाव से पहले राहुल गांधी की 5 बड़ी गारंटी
4 ओवर में 64 रन लुटाने वाले वरुण चक्रवर्ती की होगी छुट्टी? कप्तान सूर्या ने प्लेइंग 11 पर दिया बड़ा अपडेट 
4 ओवर में 64 रन लुटाने वाले वरुण चक्रवर्ती की होगी छुट्टी? कप्तान प्लेइंग 11 पर दिया अपडेट 
'जवान' के बाद फिर से बॉलीवुड में धमाका करने को तैयार हैं नयनतारा? नए प्रोजेक्ट को लेकर सामने आई बड़ी अपडेट
'जवान' के बाद फिर से बॉलीवुड में धमाका करने को तैयार हैं नयनतारा? सामने आई बड़ी अपडेट
'बुरी तरह हारे ईरान ने किया आत्मसमर्पण', पेजेशकियान के खाड़ी देशों से Sorry बोलने पर बोले ट्रंप, फिर दी ये धमकी
'बुरी तरह हारे ईरान ने किया आत्मसमर्पण', पेजेशकियान के खाड़ी देशों से Sorry बोलने पर बोले ट्रंप
रांची में पीडब्लू का छात्र संवाद कार्यक्रम, बोर्ड परीक्षा के बाद छात्रों को दी सकारात्मक सोच की सीख
रांची में पीडब्लू का छात्र संवाद कार्यक्रम, बोर्ड परीक्षा के बाद छात्रों को दी सकारात्मक सोच की सीख
गर्मी शुरू होते ही फ्रिज में कर लीजिए ये सेटिंग, बढ़ जाएगी कूलिंग
गर्मी शुरू होते ही फ्रिज में कर लीजिए ये सेटिंग, बढ़ जाएगी कूलिंग
Embed widget