Prime Minister Minimum Age: नेपाल में 35 साल के बालेन शाह बने पीएम उम्मीदवार, भारत में पीएम बनने की मिनिमम एज लिमिट कितनी?
Prime Minister Minimum Age: नेपाल में 35 साल के बालेन शाह पीएम उम्मीदवार बन चुके हैं. आइए जानते हैं भारत में प्रधानमंत्री बनने के लिए मिनिमम एज लिमिट क्या है.

Prime Minister Minimum Age: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर बालेन शाह, जिनकी उम्र सिर्फ 35 साल ही है, अब प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर पेश किए गए हैं. इसके बाद लोगों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ चुकी है कि आखिर भारत में प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम उम्र क्या है. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
बालेन शाह नेपाल के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार कैसे बने?
बालेन शाह एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू मेयर चुनाव जीतने के बाद सुर्खियों में आए. पहले एक रैपर और सिविल इंजीनियर के तौर पर पहचाने जाने वाले वाले बालेन शाह नेपाल के युवाओं, शहरी मतदाताओं और यहां तक की विदेश में रहने वाले नेपालियों के बीच एक मजबूत पहचान बना चुके हैं.
रविवार को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के साथ 7 पॉइंट्स एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने के बाद बालेन शाह को आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया. इस समझौते के तहत उन्हें संसदीय दल के नेता और 5 मार्च को होने वाले आगामी चुनाव के लिए संयुक्त पीएम उम्मीदवार के तौर पर नामित किया गया है. बालेन शाह ने नेपाल के Gen Z संचालित राजनीतिक आंदोलन का प्रतिनिधित्व भी किया था.
भारत में प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम उम्र
भारत में संविधान में खास तौर से प्रधानमंत्री के लिए कोई अलग उम्र सीमा तय नहीं की गई है. इसके बजाय योग्यता संसद सदस्य बनने के लिए जरूरी उम्र पर निर्भर करती है. यदि कोई भी व्यक्ति लोकसभा से चुना जाता है तो न्यूनतम उम्र 25 साल है. अगर कोई व्यक्ति राज्यसभा का सदस्य है तो न्यूनतम उम्र 30 साल हो जाती है. इसका सीधा सा मतलब होता है कि कानूनी तौर पर 25 साल का युवा भी भारत का प्रधानमंत्री बन सकता है. बशर्ते लोकसभा के लिए चुना गया हो और उसे बहुमत का समर्थन प्राप्त हो.
उम्र के अलावा संवैधानिक शर्तें
उम्र के अलावा कुछ जरूरी संवैधानिक शर्तें भी हैं. व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए और लोकसभा या फिर राज्यसभा का सदस्य होना चाहिए. अगर प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त व्यक्ति नियुक्ति के समय संसद का सदस्य नहीं है तो उसे 6 महीने के अंदर किसी भी सदन के लिए चुना या फिर नामित होना होगा. ऐसा न करने पर इस्तीफा देना होगा.
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