Tuvalu Currency: तवालु में कितनी है भारत के रुपये की कीमत, जानें वहां की करेंसी कमजोर या मजबूत?
Tuvalu Currency: तवालुआन डॉलर भारतीय रुपये की तुलना में काफी मजबूत है. आईए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह और तवालु में कितनी है भारतीय रुपये की कीमत.

Tuvalu Currency: काफी लोगों को ऐसा लगता है कि एक छोटे से द्वीप देश की करेंसी कमजोर हो सकती है लेकिन तवालु इसका ठीक उल्टा साबित करता है. काफी कम आबादी और सीमित आर्थिक गतिविधि के बावजूद भी इस देश की करेंसी भारतीय रुपए से काफी ज्यादा मजबूत है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.
तवालु में भारतीय रुपए की कीमत कितनी है
वर्तमान एक्सचेंज डेटा के मुताबिक एक तवालुआन डॉलर की कीमत 60.35 रुपये है. इसका मतलब हुआ कि यहां भारतीय रुपये की खरीदने की शक्ति काफी कम है. आसान शब्दों में कहें तो ₹1 लगभग 0.016 तवालुआन डॉलर के बराबर है. इस वजह से भारतीय करेंसी से बदलने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए रोजमर्रा के खर्चे महंगे लगते हैं.
भारतीय रुपये की तुलना में तवालुआन डॉलर काफी मजबूत माना जाता है. हालांकि यह मजबूती उनकी खुद की अर्थव्यवस्था से नहीं आती. दरअसल देश में बड़े उद्योग, निर्यात या फिर फाइनेंशियल मार्केट है ही नहीं. तवालु की करेंसी की मजबूती का असली कारण यह है कि इसे कैसे मैनेज किया जाता है.
ऑस्ट्रेलियन डॉलर से लिंक
तवालु की करेंसी ऑस्ट्रेलियन डॉलर के साथ 1:1 के फिक्स्ड अनुपात पर तय है. इसका सीधा सा मतलब है कि तवालुआन डॉलर का मूल्य हमेशा एक ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के बराबर ही होता है. अब क्योंकि ऑस्ट्रेलियन डॉलर एक स्थिर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेड होने वाली करेंसी है इस वजह से तवालु को उस स्थिरता का फायदा अपने आप मिलता है.
तवालु में नोट्स और सिक्के
तवालु के अपने खुद के बैंक नोट नहीं हैं. इसके बजाय देश भर में लगभग सभी लेनदेन के लिए ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के नोटों का ही इस्तेमाल किया जाता है. तवालु सिर्फ सिक्के जारी करता है. यह सिक्के विदेश में ढाले जाते हैं और सरकार के लिए रॉयल्टी इनकम भी जनरेट करते हैं.
आपको बता दें कि तवालु की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से मछली पकड़ने के लाइसेंस, अंतरराष्ट्रीय सहायता और लोकप्रिय '.tv' इंटरनेट डोमेन से होने वाली आय पर निर्भर करती है. पर्यटन और प्राइवेट सेक्टर में यहां पर नौकरियां सीमित है. अब क्योंकि यह देश फ्लोटिंग करेंसी सिस्टम से बचता है और ऑस्ट्रेलिया की मौद्रिक स्थिरता पर निर्भर है इसलिए इसकी करेंसी घरेलू आर्थिक झटकों से सुरक्षित ही रहती है. पिछले कुछ सालों में भारतीय रुपए में डॉलर के मुकाबले धीरे-धीरे गिरावट आई है. क्योंकि तवालुआन डॉलर ऑस्ट्रेलियन डॉलर से जुड़ा हुआ है इसलिए यह अंतर और भी ज्यादा साफ दिखाई देता है.
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Source: IOCL























