एक्सप्लोरर

Will Law: क्या सादे कागज पर लिखी वसीयत कोर्ट में होती है वैलिड, जान लीजिए कानून?

Will Law: अक्सर ही लोग यह समझते हैं कि वसीयत तभी लीगल बनी जाती है जब वह स्टैंप पेपर पर लिखी गई हो. आइए जानते हैं इस बारे में पूरा सच.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • सादे कागज पर लिखी वसीयत भी मान्य होती है, बशर्ते शर्तें पूरी हों।
  • स्पष्ट घोषणा, मानसिक स्वस्थता, और हस्ताक्षर अनिवार्य हैं।
  • दो गवाहों की उपस्थिति और उनके हस्ताक्षर भी जरूरी हैं।
  • वसीयत का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य नहीं, पर सुरक्षा के लिए बेहतर।

Will Law: काफी लोग यह मानते हैं कि वसीयत तभी मान्य होती है जब वह स्टैंप पेपर पर लिखी गई हो या फिर आधिकारिक तौर पर रजिस्टर्ड हो. हालांकि भारतीय कानून के तहत सादे कागज पर लिखी गई वसीयत भी पूरी तरह से कानूनी होती है. बशर्ते कुछ जरूरी शर्तों को पूरा किया गया हो. भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 के मुताबिक वसीयत का रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी नहीं है. यहां तक कि सादे कागज पर लिखी गई एक बिना रजिस्टर्ड वसीयत भी अदालत में स्वीकार की जा सकती है. बस शर्त यह है कि वह कानून के तहत निर्धारित कानूनी जरूरतों को पूरा करती हो. 

एक साफ घोषणा जरूरी है 

वसीयत के कानूनी रूप से मान्य होने के लिए उसे लिखने वाले व्यक्ति को साफ तौर से यह बताना होगा की संपत्ति या फिर परिसंपत्तियों का बंटवारा कैसे किया जाएगा. दस्तावेज में लाभार्थियों के नाम और हर व्यक्ति को मिलने वाला हिस्सा ठीक से बताया जाना चाहिए. ऐसा इसलिए ताकि बाद में कोई भी विवाद ना हो. 

व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए 

भारतीय कानून की यह भी शर्त है कि वसीयत बनाने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ हो और अपनी मर्जी से काम कर रहा हो. अगर यह साबित हो जाता है कि वसीयत दबाव, डर, धोखाधड़ी या फिर जबरदस्ती के तहत तैयार की गई थी तो अदालत में उसकी वैधता को चुनौती दी जा सकती है.

हस्ताक्षर या फिर अंगूठे का निशान जरूरी 

वसीयत लिखने वाले व्यक्ति को, जिसे कानूनी तौर पर वसीयत करता कहा जाता है, दस्तावेज पर अपने हस्ताक्षर या फिर अंगूठे के निशान लगाना अनिवार्य है. यह हस्ताक्षर आम तौर पर वसीयत के आखिर में किया जाता है ताकि इस बात को पक्का किया जा सके कि उसमें लिखी सभी बातें अपनी मर्जी से मंजूर की गई थी. 

यह भी पढ़ेंः संबंध बनाकर आशिक को जिंदा जला डालती थी ये रानी, रात बिताने के लिए लड़कों को करना पड़ता था युद्ध

दो गवाह जरूरी 

सबसे जरूरी शर्तों में से एक है कम से कम दो गवाहों की मौजूदगी. वसीयत पर हस्ताक्षर करते समय दोनों गवाहों का वहां पर मौजूद होना जरूरी है. साथ ही उनके हस्ताक्षर भी दस्तावेज पर होने चाहिए. गवाहों के बिना कानूनी विवादों में वसीयत की वैधता कमजोर पड़ सकती है. 

रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी या नहीं? 

हालांकि रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं है फिर भी कानूनी विशेषज्ञ अक्सर लोगों को और ज्यादा सुरक्षा के लिए अपनी वसीयत रजिस्टर्ड करवाने की सलाह देते हैं. एक रजिस्टर्ड वसीयत का अदालत में ज्यादा मजबूत सबूत के तौर पर महत्व होता है.

यह भी पढ़ेंः भारत के इन किलों पर अब तक नहीं कर पाया कोई कब्जा, जान लीजिए इतिहास

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Will Law: क्या सादे कागज पर लिखी वसीयत कोर्ट में होती है वैलिड, जान लीजिए कानून?
क्या सादे कागज पर लिखी वसीयत कोर्ट में होती है वैलिड, जान लीजिए कानून?
Queen Nzinga: संबंध बनाकर आशिक को जिंदा जला डालती थी ये रानी, रात बिताने के लिए लड़कों को करना पड़ता था युद्ध
संबंध बनाकर आशिक को जिंदा जला डालती थी ये रानी, रात बिताने के लिए लड़कों को करना पड़ता था युद्ध
जब अल्ट्रासाउंड मशीने नहीं थीं, तब कैसे होती थी प्रेग्नेंसी की जांच?
जब अल्ट्रासाउंड मशीने नहीं थीं, तब कैसे होती थी प्रेग्नेंसी की जांच?
शिया मुस्लिमों पर पाबंदियां क्यों लगा रही अफगानिस्तान की तालिबान सरकार, किस बैन से क्या असर?
शिया मुस्लिमों पर पाबंदियां क्यों लगा रही अफगानिस्तान की तालिबान सरकार, किस बैन से क्या असर?
Advertisement

वीडियोज

बॉलीवुड न्यूज़: 😯'कॉकटेल 2' का ट्रेलर आउट, दिखेगा प्यार, दोस्ती और हार्टब्रेक का तड़का!
Mumbai में ताबड़तोड़ Bulldozer Action, दरगाह बना निशाना | Goregaon Bulldozer Action | Mumbai Police
Signature Case: Bengal चुनाव हार के बाद बिखर रही है TMC? | Abhisekh Banerjee | Breaking | Mamata
Signature Case: Mamata Banerjee के लिए 13 विधायक बने मुसिबत? | TMC | Abhisekh Banerjee | Breaking
Breaking | Attack on Lebanon: Trump की Netanyahu से नाराजगी खुलकर आई सामने | Hormuz | Latest Update
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान वॉर के बीच इस महीने से लगने जा रही तेल में भीषण आग, होर्मुज खुला तो जानें क्या होंगे आगे हालात
ईरान वॉर के बीच इस महीने से लगने जा रही तेल में भीषण आग, होर्मुज खुला तो जानें क्या होंगे आगे हालात
राबड़ी आवास खाली करने के लिए RJD तैयार, पार्टी ने रख दी ये बड़ी शर्त, मानेगी सम्राट सरकार?
राबड़ी आवास खाली करने के लिए RJD तैयार, पार्टी ने रख दी ये बड़ी शर्त, मानेगी सम्राट सरकार?
US Ro Khanna: अमेरिका में हिंदुओं पर हमले, नफरत बर्दाश्त नहीं! US संसद में लाया गया प्रस्ताव, इकट्ठे हो गए 32 MP
अमेरिका में हिंदुओं पर हमले, नफरत बर्दाश्त नहीं! US संसद में लाया गया प्रस्ताव, इकट्ठे हो गए 32 MP
IPL 2026 में फ्लॉप खिलाड़ियों की प्लेइंग इलेवन, हार्दिक पांड्या कप्तान तो ऋषभ पंत विकेटकीपर
IPL 2026 में फ्लॉप खिलाड़ियों की प्लेइंग इलेवन, हार्दिक पांड्या कप्तान तो ऋषभ पंत विकेटकीपर
Cocktail 2 Trailer Out: रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गया शाहिद-कृति और रश्मिका का लव ट्रायंगल
रोमांस और कॉमेडी से भरपूर है 'कॉकटेल 2' का ट्रेलर, छा गई शाहिद-कृति और रश्मिका की तिकड़ी
Explained: FIFA वर्ल्ड कप का दुनियाभर में शोर लेकिन में भारत में सन्नाटा! भारतीयों के खून में क्यों दौड़ता क्रिकेट?
FIFA का दुनियाभर में शोर लेकिन में भारत में सन्नाटा! भारतीयों के खून में क्यों दौड़ता क्रिकेट?
इमारतें धराशायी, जिंदगी का नामोनिशां नहीं...इजरायल के हवाई हमलों में दक्षिणी लेबनान में तबाही, सहमे लोग बोले- हमारा कोई ठिकाना नहीं
इमारतें धराशायी, जिंदगी का नामोनिशां नहीं...इजरायल के हवाई हमलों में दक्षिणी लेबनान में तबाही, सहमे लोग बोले- हमारा कोई ठिकाना नहीं
Snake Myths: जमीन में छिपे खजानों के पास अक्सर क्यों मिलते हैं सांप, क्या सच में करते हैं रखवाली?
जमीन में छिपे खजानों के पास अक्सर क्यों मिलते हैं सांप, क्या सच में करते हैं रखवाली?
Embed widget