एक्सप्लोरर

नेपाल की कब-कब मदद कर चुका है भारत, अब तक कितना किया खर्च?

Nepal Floods: नेपाल में बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है. आइए जानते हैं कि अब तक भारत ने नेपाल की कब-कब मदद की है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • भारत ने 2015 भूकंप के बाद $1 अरब की सहायता की।
  • हालिया बाढ़ में भारत ने राहत, 20 बेली पुल दिए।
  • स्वास्थ्य, वैक्सीन, जलविद्युत, पाइपलाइन में भारत ने मदद की।

Nepal Floods: बुधवार सुबह नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ में 210 लोगों की जान चली गई. इसी के साथ 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. इस आपदा ने एक बार फिर से भारत और नेपाल के बीच गहरे संबंध को उजागर किया है. अकेले 2026 27 के केंद्रीय बजट में भारत ने नेपाल के लिए सहायता के रूप में ₹12.8 बिलियन यानी लगभग ₹1280 करोड़ आवंटित किए हैं. आइए जानते हैं इसके अलावा भारत ने नेपाल की कब-कब मदद की है और कितना खर्च किया है.

2015 के भूकंप के बाद बड़ी सहायता 

नेपाल के लिए भारत की सबसे बड़ी राहत प्रतिबद्धताओं में से एक अप्रैल 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद आई थी. भारत ने नेपाल के दोबारा निर्माण के लिए एक बिलियन डॉलर की सहायता की घोषणा की थी. 

यह सहायता सिर्फ तत्काल राहत तक ही सीमित नहीं थी. पुनर्निर्माण कार्यक्रम के तहत भारत ने 50,000 घरों के निर्माण के साथ-साथ 132 स्वास्थ्य केंद्र और 71 शैक्षणिक संस्थान के दोबारा निर्माण में सहायता की.  इसने 2015 के भूकंप को नेपाल के लिए भारत की दीर्घकालिक मानवीय और पुनर्निर्माण सहायता के सबसे जरूरी उदाहरणों में से एक बना दिया. 


नेपाल की कब-कब मदद कर चुका है भारत, अब तक कितना किया खर्च?

2024 की बाढ़ 

सितंबर 2024 में नेपाल को फिर से भीषण बाढ़ और भूस्खलन का सामना करना पड़ा. भारत ने प्रभावित परिवारों के लिए दवा, टेंट और राशन सामग्री सहित 25 टन से ज्यादा मानवीय सहायता सामग्री भेज कर मदद की. भारत ने ₹41 करोड़ से ज्यादा मूल्य के 10 प्री-फैब्रिकेटेड स्टील बेली ब्रिज भी अनुदान के रूप में दिए. ऐसे पुल बाढ़ और भूस्खलन के बाद खासतौर से जरूरी होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वे उनके क्षेत्र में संपर्क बहाल कर सकते हैं जहां स्थायी पुल टूट गए हो या फिर बह गए हो. 

अगस्त 2026 की बाढ़ के बाद तुरंत मदद 

अगस्त 2026 में भोटे कोशी नदी में भयानक बाढ़ के बाद भारत ने एक बार फिर से सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले देश के तौर पर कदम बढ़ाया है. भारतीय वायु सेना के C-130J विमान से काठमांडू तक 10 टन से ज्यादा राहत सामग्री और जीवन रक्षक दवा पहुंचाई गई है. 

भारत पूर्वी नेपाल के लिए 10 और बेली ब्रिज उपलब्ध कराने पर भी काम कर रहा है. इन पुल की कीमत 73 करोड़ से ज्यादा है और इनका मकसद बाढ़ प्रभावित इलाकों में परिवहन संपर्क को फिर से बहाल करना है.

वैक्सीन मैत्री और स्वास्थ्य सेवा में मदद 

नेपाल को भारत का सहयोग स्वास्थ्य क्षेत्र तक भी फैला है. कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने वैक्सीन मैत्री पहल के तहत नेपाल को कोविड-19 वैक्सीन की 95 लाख से ज्यादा खुराक को उपलब्ध कराई. पहली 10 लाख खुराक अनुदान के तौर पर पूरी तरह से मुफ्त में दी गई थी. यह भारत में अपनी वैक्सीन का टीकाकरण शुरू होने से एक हफ्ते के अंदर ही किया गया था. 

भारत ने नेपाल में बड़े स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे में भी मदद की है. इसने 100 करोड़ की लागत से काठमांडू में नेपाल भारत फ्रेंडशिप इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर का निर्माण किया. एक और बड़ा प्रोजेक्ट धरान में बी पी कोइराला इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज में नया कॉलेज ब्लॉक किया था, इसे ₹125 करोड़ की लागत से बनाया गया था. 


नेपाल की कब-कब मदद कर चुका है भारत, अब तक कितना किया खर्च?

हाइड्रोपावर और ईंधन बुनियादी ढांचे के लिए सहयोग 

नेपाल को भारत की मदद कई दशकों से चली आ रही है. 1976 में भारत ने 21 मेगावाट के त्रिशूली हाइड्रो पावर स्टेशन के निर्माण के लिए ₹14 करोड़ का अनुदान दिया था. एक और जरूरी प्रोजेक्ट मोतिहारी-अमलेखगंज पेट्रोलियम पाइपलाइन थी. इसका उद्घाटन 2019 में हुआ था. भारत ने लगभग ₹324 करोड़ की लागत से यह पाइपलाइन बनाई. इससे नेपाल को सुरक्षित और किफायती परिवहन प्रणाली के जरिए ईंधन प्राप्त करने में मदद मिली. 

स्थानीय स्तर पर विकास प्रोजेक्ट 

भारत शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे क्षेत्रों में छोटे पैमाने के लेकिन बड़े असर वाले विकास प्रोजेक्ट के जरिए भी मदद करता है. यह प्रोजेक्ट स्थानीय जरूरत को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं. 

इस तरह की समुदायिक स्तर की पहल, बड़े बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट और आपातकालीन राहत के साथ-साथ नेपाल के साथ भारत की विकास साझेदारी का एक जरूरी हिस्सा है. 

यह भी पढ़ेंः नेपाल में बार-बार क्यों होता है जलप्रलय, इसके पीछे क्या चीजें जिम्मेदार?

भारत हर साल कितना बजट आवंटित करता है? 

भारत विदेश मंत्रालय के बजट के जरिए नेपाल को खास मदद देता है. बीते कुछ सालों में यह रकम काफी ज्यादा रही है. साल 2026-27 के लिए भारत ने नेपाल को ₹12.8 अरब आवंटित किए. 2025-26 में संशोधित अनुमान ₹13.28 अरब था.

हालांकि भारत की कुल मदद को सिर्फ इन सालाना बजट आवंटनों से नहीं मापा जाता. कई दशकों से नेपाल के साथ भारत के कुल आर्थिक सहयोग में आपदा राहत, पुनर्निर्माण में मदद, बुनियादी ढांचे के लिए अनुदान, स्वास्थ्य सेवा परियोजना और सामुदायिक विकास कार्यक्रम शामिल रहे.

यह भी पढ़ेंः कृति सेनन से पहले किन-किन विज्ञापनों पर हो चुका बवाल, देखें पूरी लिस्ट

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

मुसलमान अगर हिंदू बन जाए, क्या तब भी मिलेगा आरक्षण का लाभ?
मुसलमान अगर हिंदू बन जाए, क्या तब भी मिलेगा आरक्षण का लाभ?
US के खेतों में काम करके कितना पैसा कमाते हैं भारतीय, कितनी है मजदूरी?
US के खेतों में काम करके कितना पैसा कमाते हैं भारतीय, कितनी है मजदूरी?
भारत को सबसे ज्यादा कौन बेचता है सोना, उसके पास कहां से आता है इतना गोल्ड?
भारत को सबसे ज्यादा कौन बेचता है सोना, उसके पास कहां से आता है इतना गोल्ड?
क्या काली बिल्ली के रास्ता काटने पर सच में होता है अपशगुन, जानें क्या है सच?
क्या काली बिल्ली के रास्ता काटने पर सच में होता है अपशगुन, जानें क्या है सच?
Advertisement

वीडियोज

'इच्छाधारी बीवी' को सजा-ए-मौत!
विदेश से 'मंतर' अराजक 'जंतर'
संविधान नहीं..सड़कतंत्र पर भरोसा ?
CEC पर दिल्ली में NON-STOP बवाल...तख्तापलट का ट्रेलर?
Bollywood News: 'रामायण' का हॉलीवुड में डंका, 3 घंटे 15 मिनट की होगी महागाथा! (16.10.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अभिजीत दीपके के खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई? पुलिस का अगला कदम क्या, जानें सब कुछ
अभिजीत दीपके के खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई? पुलिस का अगला कदम क्या, जानें
राजस्थान: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 8 लोगों की मौत
राजस्थान: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 8 लोगों की मौत
'स्वस्थ जीवन की कामना', PM मोदी ने CM भगवंत मान को किया बर्थडे विश
'स्वस्थ जीवन की कामना', PM मोदी ने CM भगवंत मान को किया बर्थडे विश
4 हजार करोड़ से ज्यादा कमाने वाली ये हॉरर फिल्म अब OTT पर फैलाएगी दशहत, जानें- कब और कहां देखें?
4 हजार करोड़ से ज्यादा कमाने वाली ये फिल्म अब ओटीटी पर होगी रिलीज, जानें- कब और कहां देखें?
NZ टूर के लिए टेस्ट और ODI टीम का ऐलान, 6 बड़ी बातें आई सामने
NZ टूर के लिए टेस्ट और ODI टीम का ऐलान, 6 बड़ी बातें आई सामने
ट्रंप ने सिर्फ 5 दिन में नई प्रेस सेक्रेटरी को पद से हटाया? सामने आई वजह
ट्रंप ने सिर्फ 5 दिन में नई प्रेस सेक्रेटरी को पद से हटाया? सामने आई वजह
मर चुके बच्चे को दफनाने आई डॉगी मां, यूजर्स बोले- मां तो मां होती है...
मर चुके बच्चे को दफनाने आई डॉगी मां, यूजर्स बोले- मां तो मां होती है...
अब खेतों में आग रोकने का काम अफसरों को, पराली पर और ज्यादा सख्ती
अब खेतों में आग रोकने का काम अफसरों को, पराली पर और ज्यादा सख्ती
Embed widget