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नेपाल की बाढ़ से खतरे में भारत के ये प्रोजेक्ट्स, जानें कितना होगा नुकसान?

नेपाल में आई भीषण बाढ़ से कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं. भारत की कंपनियों के नेपाल में कई प्रोजेक्ट हैं, ऐसे में इनके काम और बिजली सप्लाई पर भी नजर है.

नेपाल में बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है. बाढ़ का असर खास तौर पर रसुवा जिले में देखने को मिला, जहां कई घर, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं और इनकी कुल क्षमता 748 मेगावाट है. इनमें कुछ प्रोजेक्ट चालू थे, जबकि कुछ का निर्माण चल रहा था। ऐसे में नेपाल के साथ-साथ भारत के लिए भी चिंता बढ़ी है, क्योंकि भारतीय कंपनियां नेपाल में कई बड़े बिजली प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं.

भारत के प्रोजेक्ट पर कितना असर?

नेपाल में आई बाढ़ से फिलहाल भारत के किसी बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को सीधे नुकसान होने की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि भारत की कंपनियां नेपाल में कई बड़े बिजली प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं, इसलिए इन पर भी नजर रखी जा रही है. बाढ़ से नेपाल के पावर प्रोजेक्ट और ट्रांसमिशन सिस्टम प्रभावित होने पर बिजली उत्पादन और सप्लाई पर असर पड़ सकता है. इसका असर आगे चलकर भारत-नेपाल के बीच होने वाले बिजली कारोबार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल भारत के किसी प्रोजेक्ट के नुकसान की अंतिम जानकारी का इंतजार है.

कौन से प्रोजेक्ट सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?

रसुवा में अपर त्रिशूली-1, रसुवागढ़ी, रसुवा-भोटेकोशी, सान्जेन खोला, चिलिमे और लांगटांग खोला जैसे प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं. कुछ जगहों पर बिजली उत्पादन रुक गया है. रिपोर्टों के मुताबिक रसुवागढ़ी और चिलिमे जैसे प्रोजेक्ट से बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई है, इसके अलावा ट्रांसमिशन से जुड़ी संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है.

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भारत से जुड़े कितने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट?

भारत की सरकारी और निजी कंपनियां नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर में कई प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं. इनमें 900 MW का Arun-3 और 669 MW का Lower Arun जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. इन प्रोजेक्ट्स में भारतीय कंपनी SJVN की अहम भूमिका है. हालांकि ये प्रोजेक्ट नेपाल के अलग-अलग इलाकों में हैं और मौजूदा बाढ़ का मुख्य असर रसुवा क्षेत्र में हुआ है. इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि इन सभी भारतीय प्रोजेक्ट्स पर बाढ़ का सीधा असर पड़ा है.

फिर भारत के लिए चिंता क्यों बढ़ी?

नेपाल और भारत के बीच बिजली का कारोबार लगातार बढ़ रहा है. नेपाल अपनी अतिरिक्त बिजली भारत को बेचता है और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बिजली व्यापार और बढ़ाने की योजना है. ऐसे में नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर में बड़ी प्राकृतिक आपदा का असर बिजली उत्पादन और सप्लाई पर पड़ सकता है. अगर लंबे समय तक प्रोजेक्ट बंद रहते हैं तो नेपाल की बिजली उपलब्धता और भारत को होने वाली बिजली सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है.

कितना होगा नुकसान?

फिलहाल नुकसान की कोई अंतिम रकम सामने नहीं आई है. 748 मेगावाट क्षमता प्रभावित होने का आंकड़ा शुरुआती है और इसमें निर्माणाधीन प्रोजेक्ट भी शामिल हैं. इसलिए अभी करोड़ों या अरबों रुपये के नुकसान का पक्का आंकड़ा बताना जल्दबाजी होगी. अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि मशीनरी, बांध, पावरहाउस और ट्रांसमिशन सिस्टम को कितना नुकसान हुआ है.

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Bhumika Panwar ABP News की Lifestyle डेस्क पर डिजिटल मीडिया इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह Mandsaur University से बीए जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री कर रही हैं. ABP News में वह आर्टिकल और वेब स्टोरी लिखने का काम कर रही हैं, जिससे उन्हें डिजिटल मीडिया में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है. उन्हें हिंदी में कंटेंट लिखने और नई जानकारी जुटाने में रुचि है.

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