एक्सप्लोरर

Muharram 2026: किसे कहते हैं इस्लाम का पहला महीना, मुहर्रम से क्यों जुड़ा है इसका वजूद?

देश में आज मुहर्रम माह की पहली तारीख है. मुहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इस्लामिक नव वर्ष की शुरुआत हो गई है. चलिए जानें इस्लाम धर्म का पहला महीना कौन सा है और इसका मुहर्रम से क्या ताल्लुक है.

Muharram 2026: दुनिया में जब भी नए साल की शुरुआत होती है तो लोग जश्न मनाते हैं, मिठाई बांटते हैं और पटाखे फोड़ते हैं , लेकिन इस्लाम धर्म में ऐसा नहीं होता है. इस्लाम धर्म का नया साल बेहद भावुक और अनोखे संदेश के साथ शुरू होता है. इस्लामिक कैंलेंडर यानि हिजरी वर्ष के पहले महीने को मुहर्रम कहा जाता है. यह कोई त्योहार या जश्न का मौका नहीं, बल्कि इतिहास की दर्दनाक और महान घटना की याद दिलाता है, जिसने पूरी दुनिया को न्याय के लिए मर-मिटने का सबक सिखाया. यह पाक महीना चांद के दीदार के साथ शुरू होता है और कर्बला की जंग और हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद दिलाता है. 

इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना

इस्लामिक कैलेंडर में मुहर्रम का पहला महीना बेहद खास होता है, जिस तरीके से अंग्रेजी कैलेंडर की शुरुआत जनवरी से की जाती है, उसी तरीके से इस्लामिक साल का पहला महीना मुहर्रम का होता है. चांद दिखने के आधार पर ही इस महीने की तारीख तय की जाती है. भारत में मुहर्रम महीने की पहली तारीख शुरू हो चुकी है और इसकी सबसे खास यानि दसवीं तारीख, जिसे यौमे अशूरा कहा जाता है, वह इस बार 26 जून शुक्रवार को पड़ रहा है. 

नए साल की शुरुआत का आधार क्या?

इस्लाम धर्म के इस नए साल के कैलेंडर को हिजरी कैलेंडर भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत इतिहास की एक बड़ी घटना से जुड़ी हुई है. इस्लाम धर्म में मान्यता है कि जब पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब ने मक्का छोड़कर मदीना के लिए प्रवास शुरू किया था, उस ऐतिहासिक सफर को हिजरत कहा गया था. इसी हिजरत की याद में और इसे आधार मानकर इस्लामिक नव वर्ष की शुरुआत हुई थी. इसी तरह मुहर्रम का चांद दिखते ही इस्लामिक लोगों का नया साल शुरू हो जाता है.

यह भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका में तो सुलह हो गई, लेकिन क्यों नहीं खत्म हो रही रूस-यूक्रेन जंग, किन मुद्दों पर नहीं बन रही बात?

कर्बला की जंग

भले ही मुहर्रम इस्लाम का पहला महीना हो, लेकिन इसका शोक और मातम से गहरा नाता है. आज से करीब 1400 साल पहले इराक के कर्बला के तपते मैदान में एक बहुत बड़ी एतिहासिक जंग हुई थी. यह जंग पैगंबर मुहम्मद साहब के छोटे नवासे हजरत इमाम हुसैन और उस वक्त के क्रूर शासक यजीद की सेना बची थी. यजीद चाहता था कि इमाम हुसैन उसके गलत तौर-तरीकों को सही मान लें, लेकिन इमाम हुसैन ने हक और सच के लिए उसे मानने से इनकार कर दिया. 

आशुरा का दिन और कुर्बानी

मुहर्रम के शुरुआती 10 दिन बेहद गमगीन माने जाते हैं. दसवीं तारीख यानि आशुरा को कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन ने अपने परिवार के 72 जांबाज साथियों के साथ भूखे-प्यासे रहकर जान की कुर्बानी दी थी. उन्होंने सिर कटवाना मंजूर किया, लेकिन जुर्म के आगे नहीं झुके. इसी शहादत की याद में मुस्लिम धर्म के लोग खासतौर से शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहनकर मातम मनाते हैं, मजलिसें करते हैं और इमाम हुसैन की याद में ताजिया निकालते हैं.

किन चीजों पर रहती है पाबंदी?

इस्लामिक मान्यताओं और पवित्र कुरान के अनुसार पूरे साल में चार महीने ऐसे होते हैं, जिनको बेहद पाक और खास माना गया है. मुहर्रम भी उन्ही चार महीनों में से एक है. इसे अल्लाह का महीना भी कहा जाता है. इस दौरान किसी भी तरह की लड़ाई, हिंसा, युद्ध करना, जश्न मनाना, शादी करना यहां तक कि नया घर खरीदना सबकुछ मना होता है. 

यह भी पढ़ें: Canteen In Tihar Jail: तिहाड़ जेल में कैसे खोल सकते हैं कैंटीन, जानें क्या होता है प्रोसेस और किससे लेनी होती है परमिशन?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या मस्जिद से जबरन लाउडस्पीकर उतरवा सकती है सरकार? क्या है नियम
क्या मस्जिद से जबरन लाउडस्पीकर उतरवा सकती है सरकार? क्या है नियम
कुछ भी बोल सकता है विपक्ष का नेता, संसद में बोलने का नियम क्या?
कुछ भी बोल सकता है विपक्ष का नेता, संसद में बोलने का नियम क्या?
बादलों के बीच कैसे बनती है बिजली, इसमें कितने वोल्ट का झटका लगता है?
बादलों के बीच कैसे बनती है बिजली, इसमें कितने वोल्ट का झटका लगता है?
हिंदू, मुस्लिम या ईसाई... धर्म बदलना किस रिलीजन में ज्यादा मुश्किल, जानें यहां?
हिंदू, मुस्लिम या ईसाई... धर्म बदलना किस रिलीजन में ज्यादा मुश्किल, जानें यहां?
Advertisement

वीडियोज

Vasudha: Vasudha-Chandrika को मिलेगा 'Business Women Award', परखने घर पहुंची स्पेशल कमेटी
R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
'सेंसरशिप नहीं, कानून का पालन', AI कंटेंट-CSAM पर केंद्र की मेटा को दो टूक
UP चुनाव से पहले RLD में बड़ा बदलाव, ऐश्वर्य राज सिंह बने प्रदेश अध्यक्ष
UP चुनाव से पहले RLD में बड़ा बदलाव, ऐश्वर्य राज सिंह बने प्रदेश अध्यक्ष
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले 5 भारतीय गेंदबाज
Xप्लेन: कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
कैंसर से भारत कैसे बच सकता है? ऐसे पहचानें हर रोज दोहराने वाला दर्दनाक सच
Bharat Bhhagya Viddhaata OTT Release: कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
कंगना रनौत की 'भारत भाग्य विधाता' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब-कहां देख सकते हैं
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी..., भारत-चीन पर 100% टैरिफ का US सीनेटर ने किया विरोध
एक पर हमला, तीनों पर माना जाएगा अटैक! पाक-सऊदी-तुर्किए डिफेंस डील पर क्या बोला भारत?
एक पर हमला, तीनों पर माना जाएगा अटैक! पाक-सऊदी-तुर्किए डिफेंस डील पर क्या बोला भारत?
ड्रोन हंटर्स बना रही भारतीय वायुसेना, ऑपरेशन सिंदूर से क्या है इसका कनेक्शन?
ड्रोन हंटर्स बना रही भारतीय वायुसेना, ऑपरेशन सिंदूर से क्या है इसका कनेक्शन?
Embed widget