महाकुंभ में नहाती महिलाओं की अश्लील तस्वीरें बेचने का खुलासा, जानें कितना बड़ा है ये कारोबार
इस मामले में 13 एफआईआर दर्ज की हैं गई हैं और 100 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ एक्शन लिया गया है. पुलिस को इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे प्लेटफार्म अश्लील तस्वीरें अपलोड करने की शिकायत मिली थी.

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में अब तक 55 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अस्था की डुबकी लगा चुके हैं. अभी भी लोगों को मजमा महाकुंभ की ओर से रुख कर रहा है. इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पुलिस से लेकर सुरक्षा एजेंसियों को परेशान कर दिया है. दरअसल, महाकुंभ में कुछ ऐसे लोग भी एक्टिव हैं, जो नहाती और कपड़े बदलती महिलाओं के अश्लील वीडियो और तस्वीरें ले रहे हैं. इतना ही नहीं उन वीडियो और तस्वीरों को डार्क वेब (अश्लील साइट) पर बेचा जा रहा है.
प्रयागराज पुलिस ने इस मामले में करीब 13 एफआईआर दर्ज की हैं. इसके अलावा 100 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ भी एक्शन लिया गया है. दरअसल, पुलिस को इंस्टाग्राम, फेसबुक और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्म पर महिलाओं की अश्लील तस्वीरें अपलोड करने की शिकायत मिली थी. बता दें, महिलाओं की इस तरह अश्लील तस्वीरों का सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाना कोई नई बात नहीं है. ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें इस धंधे से जुड़े लोग पैसा कमाने के लिए इस तरह की हरकतें करते हैं. आइए जानते हैं सोशल मीडया और डार्क वेब पर यह अश्लील कारोबार कैसे होता है और यह कारोबार कितना बड़ा है...
टीजर की तरह हो रहे इस्तेमाल
पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की हैं, उसमें कहा गया है कि महिलाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल टेलीग्राम चैनल के टीजर के तौर पर हो रहा है. इसमें कहा जा रहा है कि 1999 का सब्सिक्रिप्शन लेने पर आपको कई वीडियो और तस्वीरें देखने को मिलेंगी. इतना ही नहीं सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर ऐसे ही दावे किए जा रहे हैं. यहां तक कि यह भी कहा जा रहा है कुछ वीडियो पोर्न साइट्स को भी बेचे जा रहे हैं.
डार्क वेब से हो रहा कारोबार
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि महाकुंभ में जो तस्वीरें और वीडियो बनाए गए उन्हें सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए नहीं, बल्कि डार्क वेब के जरिए बेचने के लिए किया गया. दरअसल, डार्क वेब इंटरनेट की दुनिया का ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसे बड़े साइबर अपराधी इस्तेमाल करते हैं. यह गूगल जैसे सर्ज इंजन जैसा नहीं है, जिसे आसानी से एक्सेस किया जा सके. यह एक प्रकार का एन्क्रिप्टेड नेटवर्क है, जिसे विशेष तरह के सॉफ्टवेयर के लिए जरिए एक्सेस किया जा सकता है. इसके जरिए पोर्न साइट्स के लिए वीडियो, तस्वीरें तो बेचे ही जाते हैं. वहीं कई बड़ी तस्करी के मामले भी यहीं से प्लान होते हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरी इंडस्ट्री की कमाई 100 बिलियन डॉलर से भी अधिक है.
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