इस मुस्लिम देश में है दुनिया का सबसे बड़ा शिव मंदिर, जानें किसने बनवाया था यह?
भारत में महाशिवरात्रि के दिन भक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और भगवान शिव की पूजा करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि महाशिवरात्रि के इस दिन को मनाने वाले देश में एक बहुत बड़ा शिव मंदिर है

आज यानी 15 फरवरी को देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. हिंदू धर्म में यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसे भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की रात माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. भारत में महाशिवरात्रि के दिन भक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और भगवान शिव की पूजा करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि महाशिवरात्रि के इस दिन को मनाने वाले मुस्लिम देश में एक बहुत बड़ा शिव मंदिर है, जो न सिर्फ विशाल है, बल्कि अपनी वास्तुकला और इतिहास के लिए भी बेहद प्रसिद्ध है. यह शिव मंदिर दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम-बहुसंख्यक देश, इंडोनेशिया में स्थित है. इस मंदिर का प्रंबानन मंदिर नाम है. यह सिर्फ इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया का भी दूसरा सबसे बड़ा मंदिर परिसर माना जाता है.
दुनिया का सबसे बड़ा शिव मंदिर किसने बनवाया था?
प्रंबानन मंदिर का निर्माण 9वीं शताब्दी में हुआ था और इसका निर्माण संजय वंश के राजा रकाई पिकाटन ने करवाया था. यह मंदिर अपने आप में एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है, जो हिंदू धर्म की त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, और शिव) को समर्पित है. यह मंदिर जावा द्वीप के मध्य क्षेत्र में स्थित है और यहां पर 240 छोटे-बड़े मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं. इतिहास में कहा जाता है कि प्रंबानन मंदिर का निर्माण शैलेंद्र वंश के बौद्ध धर्म के प्रभाव को चुनौती देने के लिए किया गया था, ताकि हिंदू धर्म और उसकी वास्तुकला को भी सम्मानित किया जा सके. इस मंदिर का निर्माण, बोरोबुदुर मंदिर के निर्माण के लगभग 50 साल बाद हुआ था, जो खुद एक विशाल बौद्ध स्मारक है. प्रंबानन मंदिर का निर्माण इसलिए भी किया गया ताकि हिंदू धर्म की महानता और उसका सांस्कृतिक गौरव प्रदर्शित किया जा सके.
प्रंबानन मंदिर का पुनर्निर्माण
सैकड़ों वर्षों बाद, इस मंदिर के खंडहरों को भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट से काफी नुकसान हुआ. लेकिन 17वीं शताब्दी में, जब इस मंदिर को फिर से खोजा गया, तो यह जंगल से ढका हुआ था और काफी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था. इसके बाद 1918 में इस मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ, और कई पारंपरिक और आधुनिक विधियों से इसे फिर से सजाया और सुधारा गया. 1991 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया गया.
कहां स्थित है प्रंबानन मंदिर?
प्रंबानन मंदिर, इंडोनेशिया के जावा द्वीप के योग्याकार्ता और मध्य जावा प्रांतों के बीच स्थित है. योग्याकार्ता शहर से यह मंदिर लगभग 17 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और सोलो शहर से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है. इस मंदिर की भव्यता, स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि प्रंबानन मंदिर न सिर्फ हिंदू धर्म का एक अद्वितीय उदाहरण है, बल्कि यह इंडोनेशिया की सांस्कृतिक धरोहर और भारत के साथ ऐतिहासिक संबंधों का भी प्रतीक है.
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