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Composite Gas Cylinder: क्या हैं कंपोजिट सिलेंडर, जानें आम सिलेंडर से ये कैसे अलग और कहां होते हैं इस्तेमाल?

Composite Gas Cylinder: गैस सिलेंडर का एक नया रूप पारंपरिक सिलेंडरों से काफी अलग है और फायदेमंद भी. आइए जानते हैं कि कंपोजिट सिलेंडर पुराने सिलेंडरों से कितना अलग है.

Composite Gas Cylinder: खाड़ी देशों में तनाव की वजह से एलपीजी की सप्लाई में रुकावट आने से कई घर और इंडस्ट्रीज ज्यादा सुरक्षित और असरदार विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ पारंपरिक गैस सिलेंडर का आधुनिक अपग्रेड भी लोगों का ध्यान खींच रहा है. इसका नाम है कंपोजिट सिलेंडर. आइए जानते हैं कि यह पारंपरिक सिलेंडरों से कैसे अलग होता है.

क्या होते हैं कंपोजिट सिलेंडर? 

कंपोजिट सिलेंडर अगली पीढ़ी के गैस सिलेंडर हैं. इन्हें फाइबर ग्लास और हाई डेंसिटी प्लास्टिक जैसे पदार्थ की कई परतों का इस्तेमाल करके बनाया जाता है. धातु की ही बॉडी के बजाय इन्हें परतों में बनाया जाता है. इस वजह से इन्हें मजबूती और लचीलापन दोनों मिलते हैं. इस डिजाइन की वजह से यह हल्के होते हैं, इनमें जंग नहीं लगता और पारंपरिक स्टील सिलेंडरों के  मुकाबले ये काफी बेहतर होते हैं.

पारंपरिक सिलेंडर से कैसे अलग? 

सबसे बड़ा फर्क उनके वजन में है. कंपोजिट सिलेंडर सामान्य स्टील सिलेंडर के मुकाबले लगभग 50% हल्के होते हैं. इस वजह से इन्हें उठाना, लगाना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना काफी आसान होता है. एक और बड़ा फायदा है सुरक्षा. धातु के सिलेंडर के उलट कंपोजिट सिलेंडरों को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वे फटे नहीं. काफी ज्यादा गर्मी या फिर आग लगने पर भी यह फटते नहीं बल्कि धीरे-धीरे गैस छोड़ते हैं. 

पारदर्शी बॉडी से समस्या का हाल 

कंपोजिट सिलेंडरों की सबसे कम की खूबियां में से एक है इनकी सेमी ट्रांसपेरेंट बॉडी. यूजर्स आसानी से देख सकते हैं कि सिलेंडर के अंदर कितनी गैस बची है. इससे खाना बनाते समय अचानक गैस खत्म हो जाने की आम समस्या खत्म हो जाती है. 

पारंपरिक लोहे के सिलेंडरों में समय के साथ अक्सर जंग लग जाता है. इस वजह से फर्श पर दाग पड़ जाते हैं और उनके रखरखाव की जरूरत पड़ती है. लेकिन कंपोजिट सिलेंडर में बिल्कुल भी जंग नहीं लगता. कंपोजिट सिलेंडरों को आधुनिक समय को ध्यान में रखकर बनाया गया है. पारंपरिक भारी भरकम सिलेंडरों के उलट इनका डिजाइन भी काफी आकर्षक है जो आधुनिक घरों में आसानी से फिट हो जाता है. यह सिलेंडर सिर्फ घरों की रसोई तक सीमित नहीं है. अपने हल्के वजन की वजह से ये कैंपिंग, पिकनिक और बारबेक्यू जैसी बाहरी गतिविधियों के लिए भी एकदम सही हैं.

यह भी पढ़ें: ईरान से कितनी दूर है डिएगो गार्सिया मिलिट्री बेस, क्या यहां तक पहुंच सकती है मिसाइल?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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