इस गांव में हुआ था पतियों का कत्लेआम, 50 महिलाओं ने खुद उजाड़ा था अपना सुहाग
हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से लगभग 130 किलोमीटर दूर बसा नाग्यरेव गांव 20वीं सदी की शुरुआत में एक ऐसी घटना का गवाह बना जिसने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया. यहां 50 महिलाओं ने अपने पति की हत्या कर दी.

दुनिया में रिश्तों को तार-तार कर देने वाले कई मामले सामने आए जिसे सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. ऐसी ही एक खौफनाक कहानी है हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट की जहां से करीब 130 किमी दूर नाग्यरेव नाम का गांव था जहां 1911 में अचानक से मर्दों की रहस्यमयी मौत ने सबको हैरत में डाल दिया. जम मामले की असलियत सामने आई तो लोगो के पैरों तले जमीन खिसक गई. चलिए जानते हैं इस रहस्यमयी कहानी के बारे में.
50 से ज्यादा मर्दों की रहस्यमयी मौत
यह कहानी उस समय की है, जब 1911 से 1929 के बीच इस छोटे से गांव में करीब 50 से अधिक पुरुषों की रहस्यमयी मौतें हुईं. इन मौतों के पीछे का सच सामने आने पर पता चला कि इन हत्याओं को अंजाम देने वाली कोई और नहीं बल्कि उनकी खुद की पत्नियां ही थीं. इस घटना ने नाग्यरेव को दुनिया भर में कुख्यात कर दिया.
क्या थी हत्या के पीछे की वजह?
इस ग्रामीण और अलग-थलग पड़े क्षेत्र में सामाजिक और पारिवारिक ढांचा बेहद कठोर था. यहां कम उम्र में लड़कियों की शादी बड़े उम्र के पुरुषों से कर दी जाती थी. इन शादियों में महिलाओं को अक्सर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था. पुरुषों द्वारा मारपीट, बलात्कार और बेवफाई जैसी घटनाएं आम थीं. ऐसी परिस्थितियों में महिलाएं अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए गांव की एक दाई, जोजसाना फाजकास के पास जाया करती थीं. फाजकास न केवल दाई थी, बल्कि उसने गर्भपात जैसे प्रतिबंधित कार्य भी शुरू किए थे जो उस समय समाज में अस्वीकार्य थे.
ये थीं साजिशकर्ता
फाजकास ने इन महिलाओं को एक खतरनाक रास्ता दिखाया. उसने उन्हें अपने पतियों से छुटकारा पाने के लिए आर्सेनिक युक्त जहर का उपयोग करने की सलाह दी. यह जहर आसानी से उपलब्ध था और इसे भोजन या पेय में मिलाकर देना आसान था. धीरे-धीरे, गांव की कई महिलाओं ने इस सलाह को अपनाया और अपने पतियों को जहर देकर मारना शुरू कर दिया. यह सिलसिला इतना चुपके से चला कि कई साल तक किसी को भनक तक नहीं लगी. इन हत्याओं को प्राकृतिक मौत या बीमारी का रूप दे दिया जाता था.
1929 में जब इन रहस्यमयी मौतों की जांच शुरू हुई, तो सच्चाई सामने आई. करीब 50 महिलाओं पर अपने पतियों और कुछ मामलों में अन्य पुरुष रिश्तेदारों की हत्या का आरोप लगा. मुकदमे के दौरान सामने आए बयानों ने समाज की कड़वी सच्चाई को उजागर किया. महिलाओं ने बताया कि वे अपने पतियों के दुर्व्यवहार, हिंसा और यौन शोषण से तंग आ चुकी थीं. फाजकास को इस सामूहिक हत्या की मुख्य साजिशकर्ता माना गया.
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Source: IOCL























