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माउंट एवरेस्ट चढ़ने में प्रति व्यक्ति इतना आता है खर्च, सच्चाई जान चौंक जाएंगे आप

माउंट एवरेस्ट ना सिर्फ दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है, बल्कि इसकी चढ़ाई सबसे महंगी और खतरनाक भी है. चलिए जानते हैं कि माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई में प्रति व्यक्ति कितना खर्च आता है.

माउंट एवरेस्ट दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है इसकी ऊंचाई 8,848.86 मीटर है. माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करना हर पर्वतारोही का सपना होता है. लेकिन इस सपने को सच करने के लिए न सिर्फ हिम्मत और मेहनत चाहिए, बल्कि मोटी रकम भी खर्च करनी पड़ती है. चलिए जानते हैं कि माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए एक आदमी पर कितना खर्च आता है.

प्रति व्यक्ति कितना आता है खर्च

हर साल सैकड़ों एडवेंचर्स लोग एवरेस्ट पर चढ़ने की कोशिश करते हैं. लेकिन बहुत कम लोग ही सफल हो पाते हैं. माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई का खर्च इतना ज्यादा है कि यह आम आदमी की पहुंच से बाहर माना जाता है. माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का कुल खर्च प्रति व्यक्ति 30 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक हो सकता है. यह लागत कई कारकों पर निर्भर करती है जैसे परमिट शुल्क, गाइड, उपकरण, प्रशिक्षण और यात्रा व्यवस्था.

नेपाल सरकार ने बढ़ाया परमिट शुल्क

नेपाल सरकार ने हाल ही में परमिट शुल्क में 36% की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद 2025 से यह शुल्क भारतीय पर्वतारोहियों के लिए जो पहले करीब 80 हजार रुपये लगते थे अब 12 लाख रुपये लगेंगे. ऊंची चोटी पर चढ़ने के लिए नए रेट सितंबर से लागू होंगे.

कैसे तय होता है खर्च

नेपाल सरकार की परमिट फीस के अलावा स्थानीय कंपनी चार्ज जो लगभग 2.08 लाख तक होता है. रिफंडेबल कचरा फीस लगभग 3.32 लाख, सागरमाथा प्रदूषण नियंत्रण शुल्क लगभग 49,800 रुपये प्रति व्यक्ति, ऊपरी पर्वतीय क्षेत्रों में रस्सी बिछाने का खर्च लगभग 16,600 रुपये और लायजॉन ऑफिसर का खर्च लगभग 2.08 लाख आता है साथ में फ्लाइट टिकट. इसके अलावा इंश्योरेंस भी अनिवार्य होता है जो जोखिम के अनुसार महंगा पड़ सकता है.

इसके अलावा, जोखिम भी कम नहीं हैं. मौसम की अनिश्चितता, हिमस्खलन, ऑक्सीजन की कमी और ऊंचाई से संबंधित बीमारियां जानलेवा हो सकती हैं. हर साल केवल 50-60% पर्वतारोही ही सफल हो पाते हैं और 1920 के दशक से अब तक 300 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

सीजन के हिसाब से लगती है फीस

माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के रेट सीजन के हिसाब से अलग-अलग होते हैं. सितंबर से नवंबर के बीच चढ़ाई की फीस 5500 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 7500 अमेरिकी डॉलर कर दी गई है. यानी इस फीस में करीब एक लाख 60 हजार भारतीय रुपये की बढ़ोतरी की गई है. वहीं दिसंबर से फरवरी और जून से अगस्त के बीच प्रति व्यकत्ति परमिट फीस 2,750 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 3,750 अमेरिकी डॉलर हो गया है. यानी इसमें 80 हजार रुपये फीस बढ़ाई गई है.

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About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

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