एक्सप्लोरर

विधानसभा चुनाव 2026

(Source:  Matrize | *Exit polls are projections; official results on May 4, 2026)

रूस का डेड हैंड एटॉमिक अटैक सिस्टम जिससे थर-थर कांपती है दुनिया, जानिए क्या है ये बला

रूस के पास डेड हैंड सिस्टम है. इस हथियार से दुनिया थर-थर कांपती है चलिए जानते हैं कि ये हथियार दुनिया के लिए क्यों इतना खतरनाक है. क्या है ये कैसे काम करता है और इसकी खासियत?

रूस के पास दुनिया की सबसे ताकतवर मिसाइलें और परमाणु हथियार हैं. रूस के पास परमाणु मिसाइलों का विशाल जखीरा है. लेकिन आज हम बात करेंगे रूस के उस रहस्यमयी और खतरनाक हथियार की जिसका नाम सुनकर ही दुनिया के ताकतवर देश थर-थर कांपते हैं. चलिए जानते हैं कि उस हथियार का नाम क्या है और उसकी क्या खासियत है.

ये है दुनिया का खतरनाक हथियार

रूस के पास डेड हैंड सिस्टम है जिसे रूस में पेरिमीटर के नाम से जाना जाता है. यह एक ऐसा ऑटोमैटिक एटॉमिक अटैक सिस्टम है, जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के दुश्मन देश को तबाह करने की क्षमता रखता है. ये आखिरी सांस तक दुश्मन को तबाह करने की ताकत रखता है. यही वजह है कि इसे दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार माना जाता है.

डेड हैंड की खासियत

डेड हैंड एक ऑटोमैटिक परमाणु जवाबी हमला प्रणाली है, जिसे 1980 के दशक में सोवियत संघ ने विकसित किया था. इसका मकसद था रूस की परमाणु ताकत को इस तरह सुरक्षित करना कि अगर कोई देश जैसे अमेरिका, रूस पर पहला परमाणु हमला करे और उसकी पूरी नेतृत्व व्यवस्था या कमांड चेन नष्ट हो जाए, तब भी यह सिस्टम अपने आप जवाबी हमला कर सके. इसे आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी मशीन है जो 'मरते दम तक बदला' ले सकती है.

कैसे काम करता है यह सिस्टम?

डेड हैंड सिस्टम अत्याधुनिक सेंसरों से लैस है, जो परमाणु हमले के संकेतों को पकड़ते हैं. ये सेंसर भूकंपीय गतिविधियां, रेडिएशन स्तर, वायुदाब और कम्युनिकेशन नेटवर्क में रुकावट को मॉनिटर करते हैं. अगर ये सेंसर पुष्टि करते हैं कि रूस पर परमाणु हमला हुआ है और कोई जवाबी कमांड नहीं आ रहा, तो यह सिस्टम स्वचालित रूप से सक्रिय हो जाता है. इसके बाद एक विशेष कमांड मिसाइल लॉन्च होती है, जो रेडियो सिग्नल के जरिए रूस के सभी परमाणु हथियारों को लॉन्च करने का आदेश देती है. ये मिसाइलें अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के प्रमुख सैन्य ठिकानों और शहरों को निशाना बनाती हैं.

क्या यह अभी भी सक्रिय है?

रूस ने आधिकारिक तौर पर कभी नहीं माना कि डेड हैंड आज भी सक्रिय है, लेकिन 2011 में रूसी कमांडर सर्गेई कराकायेव ने इसके अस्तित्व की पुष्टि की थी. विशेषज्ञों का मानना है कि इसे और आधुनिक बनाया गया है, जिसमें AI और सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल हो सकता है. हाल ही में, रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसकी चेतावनी दी जिससे वैश्विक तनाव और बढ़ गया.

क्यों है खतरा?

डेड हैंड को 'डूम्सडे डिवाइस' भी कहा जाता है. अगर तकनीकी गड़बड़ी या गलत सिग्नल के कारण यह सक्रिय हो जाए, तो पूरी दुनिया परमाणु युद्ध की चपेट में आ सकती है. 

इसे भी पढ़ें- क्या यूक्रेन में वॉर क्राइम के लिए पुतिन को गिरफ्तार करवा सकते हैं ट्रंप? वर्ल्ड कोर्ट ने जारी कर रखा है वारंट

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

OPEC देशों के पास दुनिया का कितना तेल रिजर्व, UAE के बाहर होने से कितना पड़ेगा फर्क?
OPEC देशों के पास दुनिया का कितना तेल रिजर्व, UAE के बाहर होने से कितना पड़ेगा फर्क?
NSG Commandos Liquor Quota: क्या ब्लैक कैट कमांडोज को भी मिलता है शराब का कोटा, कितनी सस्ती मिलती है शराब?
क्या ब्लैक कैट कमांडोज को भी मिलता है शराब का कोटा, कितनी सस्ती मिलती है शराब?
कितना ताकतवर है OPEC, जिससे बाहर होने का यूएई ने किया ऐलान, क्या करता है यह संगठन?
कितना ताकतवर है OPEC, जिससे बाहर होने का यूएई ने किया ऐलान, क्या करता है यह संगठन?
Andhra Bhawan Tender: दिल्ली के आंध्र भवन में क्या आम आदमी भी ले सकता है कैंटीन का ठेका, क्या है प्रोसीजर?
दिल्ली के आंध्र भवन में क्या आम आदमी भी ले सकता है कैंटीन का ठेका, क्या है प्रोसीजर?

वीडियोज

Bengal Elections Phase 2 Voting: कोलकाता में शुभेंदु के घेराव पर का बड़ा खुलासा | Suvendu Adhikari
UP Ganga Expressway Inauguration: 'विकसित भारत की हस्तरेखाएं हैं एक्सप्रेसवे'-PM Modi
Bengal Election Phase 2 Voting: 'मर जाएंगे पर हटेंगे नहीं!', फाइनल राउंड में ममता बनर्जी!
Bengal Elections Phase 2 Voting: Bhawanipur में Suvendu का 'हनुमान' अवतार!, 142 सीटों पर मतदान!
Phase 2 Voting in Bengal:क्या बचेगा Mamta का गढ़? 142 सीटों पर Voting! | TMC Vs BJP | PM Modi

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
London News: लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में चाकू बाजी, दो याहूदियों को बनाया निशाना, हमलावर अरेस्ट
लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में चाकू बाजी, दो याहूदियों को बनाया निशाना, हमलावर अरेस्ट
यूपी में दंगे और मार-काट जारी रहे...?, अखिलेश यादव की इस बात पर भड़के मंत्री ओम प्रकाश राजभर
यूपी में दंगे और मार-काट जारी रहे...?, अखिलेश यादव की इस बात पर भड़के मंत्री ओम प्रकाश राजभर
भ्रष्टाचार के आरोपों से हिला श्रीलंका क्रिकेट! सरकार ने किया सीधा टेकओवर, जानें क्या है मामला
भ्रष्टाचार के आरोपों से हिला श्रीलंका क्रिकेट! सरकार ने किया सीधा टेकओवर, जानें क्या है मामला
Michael BO: 'माइकल' का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा, 4 दिनों में ही 'धुरंधर 2' के लाइफटाइम कलेक्शन को पछाड़ा, बनाया ये रिकॉर्ड
'माइकल' का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा, 4 दिनों में ही 'धुरंधर 2' के लाइफटाइम कलेक्शन को पछाड़ा
महाराष्ट्र MLC चुनाव: उद्धव गुट के अंबादास दानवे को समर्थन देगी या नहीं? कांग्रेस ने साफ किया रुख
महाराष्ट्र MLC चुनाव: उद्धव गुट के अंबादास दानवे को समर्थन देगी या नहीं? कांग्रेस ने साफ किया रुख
ईरान ने 21 लोगों को फांसी के फंदे पर लटकाया, युद्ध के बाद से अब तक 4 हजार से ज्यादा गिरफ्तारी, UN बोला-आखिर चल क्या रहा?
ईरान ने 21 लोगों को फांसी के फंदे पर लटकाया, युद्ध के बाद से अब तक 4 हजार से ज्यादा गिरफ्तारी, UN बोला-आखिर चल क्या रहा?
NSG Commandos Liquor Quota: क्या ब्लैक कैट कमांडोज को भी मिलता है शराब का कोटा, कितनी सस्ती मिलती है शराब?
क्या ब्लैक कैट कमांडोज को भी मिलता है शराब का कोटा, कितनी सस्ती मिलती है शराब?
गेहूं के बाद लगाएं ये 4 फसलें, कम लागत में जमीन बनेगी सोना और मुनाफा होगा दोगुना
गेहूं के बाद लगाएं ये 4 फसलें, कम लागत में जमीन बनेगी सोना और मुनाफा होगा दोगुना
Embed widget