क्या यूक्रेन में वॉर क्राइम के लिए पुतिन को गिरफ्तार करवा सकते हैं ट्रंप? वर्ल्ड कोर्ट ने जारी कर रखा है वारंट
पूरी दुनिया की नजर ट्रंप-पुतिन के मुलाकात पर रही हैं. इसी बीच सवाल उठता है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आईसीसी वारंट के आधार पर गिरफ्तार करवा सकते हैं

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शुक्रवार देर रात(भारतीय समय के अनुसार) अलास्का में मुलाकात हुई. यूक्रेन जंग पर करीब 3 घंटे मीटिंग हुई. 2022 में युद्ध छिड़ने के बाद पहली बार अमेरिका में पुतिन का ये पहला दौरा था. आपको बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) ने यूक्रेन में युद्ध अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस वारंट के आधार पर पुतिन को गिरफ्तार करवा सकते हैं, खासकर तब जब दोनों नेता अलास्का में मुलाकात करने वाले हैं? चलिए जानते हैं.
पुतिन के खिलाफ जारी है अरेस्ट वारंट
17 मार्च 2023 को आईसीसी यानी अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने यूक्रेन में युद्ध अपराधों को लेकर रूसी राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट जारी किया हुआ है. आरोप है कि रूस ने यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों से बच्चों को अवैध रूप से निर्वासित किया और उन्हें रूस में स्थानांतरित किया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध माना जाता है.
कौन कर सकता है पुतिन की गिरफ्तारी
इस वारंट के बाद पुतिन की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर कई तरह की पाबंदियां लग गई हैं क्योंकि आईसीसी के 124 सदस्य देशों को उन्हें गिरफ्तार करने का अधिकार है. यानी आईसीसी के वारंट को लागू करने की कानूनी बाध्यता केवल उन देशों पर होती है जो इसके सदस्य होते हैं. रोम संविधि के अनुसार किसी व्यक्ति को तभी गिरफ्तार किया जा सकता है जब वह किसी ऐसे देश की सीमा में प्रवेश करता है जो आईसीसी का सदस्य हो.
क्या ट्रंप करवा सकते हैं पुतिन को गिरफ्तार
अमेरिका आईसीसी का सदस्य नहीं है इसका मतलब है कि अमेरिका कानूनी रूप से पुतिन को आईसीसी वारंट के आधार पर गिरफ्तार नहीं कर सकता. इसलिए पुतिन के खिलाफ आईसीसी द्वारा जारी किए गए गिरफ्तारी के वारंट के बावजूद ट्रंप उन्हें गिरफ्तार नहीं करवा सकते हैं. वहीं अलास्का की भौगोलिक स्थिति का जिक्र करें तो रूस के मिलिट्री बेस से इसकी दूरी महज 88 किलोमीटर है.
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Source: IOCL























