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Venezuela Earthquake: क्या 'रिंग ऑफ फायर' की हलचल का हिस्सा है वेनेजुएला का भूकंप, जानें क्या है यह बला?

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए भूकंपों ने देश में भारी तबाही बचाई है. आइए जानते हैं कि क्या इसका संबंध रिंग ऑफ फायर से है.

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  • वेनेजुएला में आए भूकंप रिंग ऑफ फायर से संबंधित नहीं हैं।
  • भूकंप कैरिबियन और दक्षिण अमेरिकी प्लेटों की हलचल से आए।
  • ये प्लेटें समानांतर खिसकीं, रिंग ऑफ फायर से प्रक्रिया भिन्न।

Venezuela Earthquake: हाल ही में वेनेजुएला में आए दो जबरदस्त भूकंपों ने राजधानी काराकस के साथ कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है. सिर्फ 39 सेकंड के अंतराल पर आए इन भूकंप के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह आपदा दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र पेसिफिक रिंग ऑफ फायर से जुड़ी है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

रिंग ऑफ फायर से संबंध 

वैज्ञानिकों का ऐसा कहना है कि हाल ही में आए भूकंप कैरिबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट के बीच हुई हलचल की वजह से आए थे. ये दो टेक्टोनिक प्लेट उत्तरी वेनेजुएला में फॉल्ट लाइनों के साथ एक दूसरे के समानांतर आड़ी दिशा में खिसकती हैं. इन फॉल्ट पर अचानक तनाव कम होने से भूकंप आए. पेसिफिक क्षेत्र में आने वाले कई भूकंप के उलट वेनेजुएला की यह घटना एट टेक्टोनिक प्लेट के दूसरी प्लेट के नीचे धंसने की वजह से नहीं हुई थी.

वेनेजुएला रिंग ऑफ फायर से अलग क्यों है?

पेसिफिक रिंग ऑफ फायर प्रशांत महासागर के चारों तरफ घोड़े की नाल के आकार का एक बड़ा क्षेत्र बनाता है. हालांकि वेनेजुएला कैरेबियन सागर और उत्तरी दक्षिणी अमेरिका के पास बसा है, यह रिंग ऑफ फायर में आने वाले ज्यादातर भूकंपों के लिए जिम्मेदार सीमाओं से काफी दूर है. यही वजह है कि वेनेजुएला में भूकंप लाने वाली भू वैज्ञानिक प्रक्रिया जापान, इंडोनेशिया और चिली जैसे देशों को प्रभावित करने वाली प्रक्रियाओं से काफी अलग है. 

यह भी पढ़ेंः क्या भूकंप से ऑयल रिजर्व पर भी पड़ता है असर, जानें वेनेजुएला को कितना हुआ नुकसान?

क्या है रिंग ऑफ फायर? 

रिंग ऑफ फायर पृथ्वी पर भूकंप और ज्वालामुखी का सबसे सक्रिय जोन है. प्रशांत महासागर के चारों तरफ लगभग 40000 किलोमीटर तक फैले इस क्षेत्र में सैकड़ों सक्रिय ज्वालामुखी और कहीं बड़े फॉल्ट सिस्टम हैं. यह क्षेत्र तब बनता है जब कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराती हैं, अलग होती हैं या फिर एक दूसरे के नीचे खिसकती हैं. इससे काफी ज्यादा भू वैज्ञानिक दबाव पैदा होता है. यही दबाव समय-समय पर भूकंप और ज्वालामुखी के फटने के बाद बाहर निकलता रहता है. 

वैज्ञानिकों का ऐसा अनुमान है कि दुनिया भर में आने वाले लगभग 90% भूकंप रिंग ऑफ फायर में ही आते हैं. इतिहास के कई सबसे बड़े भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट इसी इलाके में हुए हैं. 

कौन से देश यहां मौजूद हैं?

कई देश लगातार भूकंप के खतरे में रहते हैं क्योंकि वे सीधे रिंग ऑफ फायर जोन में आते हैं. इनमें जापान, इंडोनेशिया, फिलीपींस, न्यूजीलैंड, चिली, मेक्सिको और अमेरिका के कुछ हिस्से शामिल हैं.

यह भी पढ़ेंः इस देश में कौड़ियों के दाम मिलते हैं घर, कीमत सुनकर नहीं होगा यकीन

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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