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क्या खत्म होने जा रहा रूस-यूक्रेन युद्ध, जानें दोनों देशों को अब तक कितना नुकसान?

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच शांति प्रयास चल रहे हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या रूस और यूक्रेन युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. जानें दोनों देशों को अब तक कितना नुकसान हुआ.

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  • अमेरिकी दूतों ने पुतिन से शांति प्रयासों पर तीन घंटे बात की।
  • रूस को 1.2 मिलियन सैन्य कर्मी और ऊर्जा बुनियादी ढांचे का नुकसान हुआ।
  • यूक्रेन को क्षेत्रीय क्षति, विनाश और सैनिकों की कमी का सामना।
  • डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी, पर युद्ध समाप्त होने के कोई संकेत नहीं।

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच शांति प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने के प्रयास तेज हो चुके हैं. अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने शनिवार को क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 3 घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत की. चर्चा का उद्देश्य संघर्ष को समाप्त करने के लिए राजनीतिक प्रयास को पुनर्जीवित करना था। बातचीत के बाद कीव और मॉस्को पर हमलों को अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति बनी. इन घटनाक्रमों के बावजूद इस बात के कोई भी ठोस संकेत नहीं हैं  कि यह रूस यूक्रेन युद्ध तुरंत समाप्त होने वाला है. इसी बीच आइए जानते हैं कि इस युद्ध में दोनों देशों को कितना नुकसान हुआ है.

युद्ध में रूस का नुकसान 

संघर्ष की शुरुआत के बाद से रूस को काफी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा. सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 1.2 मिलियन रूसी सैन्यकर्मी हताहत हुए हैं. जिनमें मारे गए, घायल या फिर लापता लोग शामिल हैं. इनमें से लगभग 3,25,000 सैनिकों के मारे जाने का अनुमान है. 

देश के सैन्य उपकरणों को भी भारी नुकसान हुआ है. कथित तौर पर रूस ने युद्ध के दौरान 8000 से ज्यादा बख्तरबंद वाहन और 2700 से ज्यादा टैंक हो दिए हैं. इस तरह के नुकसान ने रूस के सैन्य संसाधनों और लंबे वक्त तक युक्त संचालन को बनाए रखने की क्षमता पर काफी दबाव डाला है.


क्या खत्म होने जा रहा रूस-यूक्रेन युद्ध, जानें दोनों देशों को अब तक कितना नुकसान?

ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान 

रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर भी तेजी से हमले हो रहे हैं. यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने तेल रिफाइनरी उपकरण और दूसरी ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया है. बुनियादी ढांचे को सीधे तौर पर अरबों डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है. 

जब एक्सपोर्ट में कमी और रुके हुए उत्पादन सहित व्यापक आर्थिक परिणामों को ध्यान में रखा जाता है तो कुल नुकसान 13 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है. ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान खास तौर से जरूरी है क्योंकि यह क्षेत्र रूस की अर्थव्यवस्था और एक्सपोर्ट इनकम का एक बड़ा घटक है.

युद्ध में यूक्रेन को नुकसान 

यूक्रेन को और भी ज्यादा विनाश का सामना करना पड़ा है क्योंकि ज्यादातर लड़ाई और बार-बार हमले उसके क्षेत्र पर हुए हैं. रूस वर्तमान में यूक्रेन के क्षेत्र का लगभग पांचवा हिस्सा या फिर 20% कंट्रोल करता है. यह कीव के लिए एक प्रमुख क्षेत्रीय नुकसान का प्रतिनिधित्व करता है. 

युद्ध ने कई यूक्रेनी शहरों और नागरिक सुविधाओं को भी तबाह कर दिया है. मिसाइल और ड्रोन हमलों ने बिजली ग्रिडों, घरों और दूसरे बुनियादी ढांचे को क्षतिग्रस्त या फिर नष्ट कर दिया है. विनाश की वजह से अरबों डॉलर का नुकसान हुआ और लाखों यूक्रेनियनों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.


क्या खत्म होने जा रहा रूस-यूक्रेन युद्ध, जानें दोनों देशों को अब तक कितना नुकसान?

यूक्रेन को सैनिकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है 

सालों की लगातार लड़ाई के बाद यूक्रेन को सैन्य कर्मियों की गंभीर कमी का भी सामना करना पड़ रहा है. संघर्ष जारी रहने की वजह से पर्याप्त सैन्य संख्या बनाए रखना कठिन होता जा रहा है. लंबे वक्त तक चले युद्ध की वजह से पश्चिमी देशों से सैन्य, वित्तीय और आर्थिक सहायता पर यूक्रेन के निर्भरता बढ़ गई है. इस तरह का समर्थन इसकी रक्षा क्षमताओं को बनाए रखने के साथ-साथ जरूरी आर्थिक गतिविधि को बनाए रखने के लिए भी जरूरी हो गया है.

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क्या युद्ध खत्म होने वाला है?

नई राजनयिक गतिविधियों से कुछ संकेत मिलते हैं कि बातचीत फिर से शुरू करने के प्रयास रफ्तार पकड़ रहे हैं लेकिन यह फैसला निकालना जल्दबाजी होगा की युद्ध समाप्त होने के करीब है. हमलों में अस्थायी रोक और अमेरिकी प्रतिनिधियों और रूसी नेतृत्व की सीधी चर्चा संभावित रूप से आगे की बातचीत के लिए जगह बना सकती है. हालांकि एक स्थायी शांति समझौते के लिए रूस और यूक्रेन को दोनों पक्षों के बीच क्षेत्र, सुरक्षा और भविष्य के राजनीतिक और सैन्य संबंधों पर असहमति को हल करने की जरूरत होगी.

फिलहाल मिसाइल और ड्रोन हमलों का जारी रहना इस बात को दर्शाता है कि नए राजनयिक प्रयासों के बावजूद सैन्य टकराव एक वास्तविकता बनी हुई है. रूस-यूक्रेन युद्ध ने पहले ही दोनों देशों को भारी नुकसान पहुंचाया है. रूस को भारी सैन्य और उपकरण हानि के साथ-साथ ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ है. इसी के साथ यूक्रेन को क्षेत्रीय नुकसान, बड़ा विनाश, जनसंख्या विस्थापन और सैनिकों की भारी कमी का सामना करना पड़ा है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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