एक्सप्लोरर

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के पास कितना पैसा, कहां-कहां से होती है कमाई?

ईरान का नया सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को बनाया गया है. IRGC के करीबी मुज्तबा अब युद्ध के बीच ईरान की कमान संभालेंगे. आइए जानें कि मोजतबा के पास कितनी संपत्ति है और उनकी कमाई का जरिया क्या है.

अयातुल्ला अली खामेनेई के अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मारे जाने के बाद ईरान एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है. इस भीषण संकट के बीच उनके दूसरे सबसे बड़े बेटे मुज्तबा हुसैनी खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है. मुज्तबा की पहचान कभी एक बड़े मौलवी के रूप में नहीं रही और न ही उन्होंने कभी सरकार में कोई आधिकारिक पद संभाला, फिर भी वे ईरान की सत्ता के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बनकर उभरे हैं. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कड़े समर्थन और एक विशाल वित्तीय साम्राज्य के बल पर मुज्तबा अब ईरान के सबसे मुश्किल दौर की कमान संभालने जा रहे हैं.

शिया सिद्धांतों और राजनीति के बीच फंसी कुर्सी

ईरान के शिया मौलवी घराने में पिता की जगह पुत्र को सत्ता सौंपना हमेशा से विवादित रहा है. शिया धार्मिक सिद्धांतों के अनुसार, नेतृत्व योग्यता और धार्मिक विद्वता पर आधारित होना चाहिए, न कि वंशवाद पर. यही कारण है कि मुज्तबा के चुनाव को लेकर ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' के भीतर भारी विरोध की खबरें आई हैं. बताया जा रहा है कि मुज्तबा को यह पद 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' के भारी दबाव में दिया गया है. 

दिलचस्प बात यह है कि खुद अयातुल्ला अली खामेनेई ने पिछले साल तैयार की गई संभावित वारिसों की लिस्ट में अपने बेटे का नाम शामिल नहीं किया था, लेकिन मौजूदा युद्ध में ईरान के कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने के बाद, नेतृत्व के शून्य को भरने के लिए मुज्तबा को वक्ती तौर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है.

यह भी पढ़ें: Highway Rules: इस देश में हाइवे पर फ्यूल खत्म होना है गैरकानूनी, पकड़े जाने पर लगता है जुर्माना

मुज्तबा खामेनेई की नेटवर्थ

मोजतबा खामेनेई केवल एक राजनीतिक उत्तराधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे एक विशाल और बेहद गुप्त वित्तीय साम्राज्य के मालिक भी हैं. उन पर 2019 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि वे वैश्विक स्तर पर एक बड़ा प्रॉपर्टी एम्पायर खड़ा करने में सफल रहे. उनके पास लंदन के सबसे महंगे इलाके 'बिलियनेयर्स रो' (बिशप्स एवेन्यू) में आलीशान घर हैं, जिनकी कीमत 138 मिलियन डॉलर (करीब 1150 करोड़ रुपये) से अधिक आंकी गई है. 

इसके अलावा जर्मनी और स्पेन के होटल व्यवसाय में भी उनके निवेश की खबरें हैं. वे शेल कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए पश्चिमी बाजारों में अरबों डॉलर का फंड संचालित करते हैं. इसके अलावा उनकी नेटवर्थ की बहुत ज्यादा जानकारी पब्लिक डोमेन में नहीं है.

कमाई के स्रोत

मुज्तबा की ताकत का असली स्रोत ईरान का राष्ट्रीय 'स्लश फंड' यानी 'सेताद' माना जाता है. लगभग 100 बिलियन डॉलर की संपत्ति वाले इस फंड का प्रबंधन मुज्तबा के पास रहा है. उनके वित्तीय नेटवर्क के तार तेल व्यापार, टेलीकॉम और खनन उद्योगों से गहराई से जुड़े हैं. यह भी दावा किया जाता है कि यूएई, सीरिया, वेनेजुएला और कई अफ्रीकी देशों के बैंकों में उनके खाते हैं और वहां उन्होंने बड़ी मात्रा में सोना और हीरा जमा कर रखा है. आधिकारिक तौर पर सरकार में कोई भूमिका न होने के बावजूद, ईरान की अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से पर उनका सीधा या परोक्ष नियंत्रण रहा है.

मुज्तबा खामेनेई का निजी जीवन

मुज्तबा खामेनेई का निजी जीवन भी हालिया हमलों से अछूता नहीं रहा है. उनकी शादी पूर्व पार्लियामेंट चेयरमैन गुलाम-अली हद्दाद-अदेल की बेटी जहरा हद्दाद-अदेल से हुई थी. लेकिन इजरायल और अमेरिका के हालिया हमलों में जहरा के भी मारे जाने की खबर है. मुज्तबा के तीन बच्चे हैं, हालांकि सुरक्षा कारणों से उनके बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. 

यह भी पढ़ें: क्यों ईरान के गाढ़े काले सोने के लिए पागल है दुनिया, क्या है इस देश के लिक्विड गोल्ड का रहस्य?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अभिजीत दीपके-सौरभ दास और आशुतोष रांका में कौन ज्यादा रईस? जान लें सच
अभिजीत दीपके-सौरभ दास और आशुतोष रांका में कौन ज्यादा रईस? जान लें सच
देश की किन जेलों में दी जाती है फांसी की सजा, कहां बनाई जाती है इसकी रस्सी?
देश की किन जेलों में दी जाती है फांसी की सजा, कहां बनाई जाती है इसकी रस्सी?
लोगों को करोड़ों रुपये बांटने के बाद भी कैसे पैसा कमाता है KBC?
लोगों को करोड़ों रुपये बांटने के बाद भी कैसे पैसा कमाता है KBC?
कौन है आरामको का मालिक, हमलों से कितना उठा रहे नुकसान?
कौन है आरामको का मालिक, हमलों से कितना उठा रहे नुकसान?

वीडियोज

सजा-ए-मौत का नीला ड्रम!
CJP को भी 'हाइजैक' कर लेंगे राहुल ?
थम नहीं रहा घमासान... कैसे निकलेगा समाधान? सटीक विश्लेषण
घुसपैठिया और SIR, 2029 की 'जंग' तैयार!
Vasudha: Vasudha के प्यार में रस्में भूला Dev, दादी ने कान पकड़कर सिखाया सबक!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राहुल गांधी ने बढ़ाया अभिजीत दीपके की ओर दोस्ती का हाथ? चाय पर बुलाया
राहुल गांधी ने बढ़ाया अभिजीत दीपके की ओर दोस्ती का हाथ? चाय पर बुलाया
गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा बिहार, सुबह-सुबह रिटायर्ड कस्टम अफसर की हत्या
गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा बिहार, सुबह-सुबह रिटायर्ड कस्टम अफसर की हत्या
CJP नेता अभिजीत दीपके-सौरव दास और आशुतोष रांका फंसे, दर्ज हुआ SC-ST एक्ट में केस
CJP नेता अभिजीत दीपके-सौरव दास और आशुतोष रांका फंसे, दर्ज हुआ SC-ST एक्ट में केस
Box Office: बुधवार को फिर 'दृश्यम 3' ने मारी बाजी, 'हनुमान अंश' का कमाल जारी, 'द वन' का हुआ बंटाधार
बुधवार को फिर 'दृश्यम 3' ने मारी बाजी, 'हनुमान अंश' का कमाल जारी, जानें- कलेक्शन
चौथा टी20 जीतने की दहलीज पर खड़ी थी टीम इंडिया, 6 गेंदों ने पलट दिया मैच, जानें कैसे मिली हार
चौथा टी20 जीतने की दहलीज पर खड़ी थी टीम इंडिया, 6 गेंदों ने पलट दिया मैच
शिवा शर्मा हत्याकांड: आरोपी श्रद्धा दुबे ने शेयर किया Video, बोली- 'मैं गायब नहीं हूं'
शिवा शर्मा हत्याकांड: आरोपी श्रद्धा दुबे ने शेयर किया Video, बोली- 'मैं गायब नहीं हूं'
नीला ड्रम केस: मुस्कान और उसके लवर को सजा-ए-मौत देने वाले जज कौन? फेंका पेन
नीला ड्रम केस: मुस्कान और उसके लवर को सजा-ए-मौत देने वाले जज कौन? फेंका पेन
सर्दियों में गुलाब से भरा रहेगा पौधा, बस अक्टूबर से शुरू कर दें ये काम
सर्दियों में गुलाब से भरा रहेगा पौधा, बस अक्टूबर से शुरू कर दें ये काम
Embed widget