एक्सप्लोरर

जिस मशहद में अयातुल्ला खामेनेई को गया दफनाया, वहां कितने हिंदू रहते हैं? यहां किसकी आबादी सबसे ज्यादा?

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को देश के दूसरे सबसे बड़े और पवित्र शहर मशहद में दफनाया गया है. चलिए जानें कि इस शहर में कितने हिंदू रहते हैं और यहां किस धर्म की आबादी सबसे ज्यादा है.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके राजनीय सम्मान के साथ देश के सबसे पवित्र शहर मशहद में सुपुर्दे-खाक कर दिया गया है. इस एतिहासिक अंतिम संस्कार में लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा शहर गमगीन नजर आया. इस बड़े सियासी बदलाव के बीच हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि उत्तर-पूर्वी ईरान के इस बेहद खास और एतिहासिक शहर मशहद की अनूठी डेमोग्राफी, वहां रहने वाले समुदाय और हिंदू आबादी की जमीनी सच्चाई क्या है? चलिए इसे जानें.

ईरान में सबसे ज्यादा किस मूल के लोग? 

ईरान का मशहद शहर अपनी जनसांख्यिकी और आबादी की बनावट के लिए जाना जाता है. इस एतिहासिक शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना को देखें, तो यहां सबसे आबादी फारसी मूल के लोगों की है, जो मुख्य रूप से फारसी भाषा बोलते हैं. इसके अलावा शहर में अजरबैजान और कुर्द समुदाय के अल्पसंख्यक लोग भी भाईचारे के साथ रहते हैं. अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण यह शहर ईरान के साथ-साथ पूरे पश्चिम एशिया में एक खास पहचान रखता है, जहां की स्थानीय संस्कृति सदियों पुरानी परंपराओं और फारसी विरासत को समेटे हुए है.

बहुसंख्यक आबादी का धार्मिक समीकरण

धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मशहद केवल ईरान का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का बेहद पवित्र और प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है. इस पूरे शहर और इसके आसपास के इलाकों में शिया इस्लाम को मानने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा, यानी यहां पर शिया समुदाय भारी बहुसंख्या में रहता है. शहर का पूरा सामाजिक ताना-बाना और रोजमर्रा की जिंदगी इसी धार्मिक महत्व के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके कारण इसे ईरान के सबसे रसूखदार और आस्था से जुड़े शहरों में सबसे ऊपर गिना जाता है.

यह भी पढ़ें: US Attack Chabahar Port: ईरान के चाबहार पोर्ट पर भारत ने लगाए थे 1 हजार करोड़ रुपये, जानें उनका अब क्या होगा?

मशहद में कितनी है हिंदू आबादी?

इस पवित्र शहर में हिंदू समुदाय की मौजूदगी को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं. आधिकारिक और एतिहासिक आंकड़ों के मुताबिक, मशहद में स्थानीय हिंदू आबादी पूरी तरह से नगण्य यानी लगभग शून्य के बराबर है. इस धार्मिक शहर में स्थायी रूप से रहने वाले हिंदुओं का कोई पुख्ता या उल्लेखनीय आंकड़ा मौजूद नहीं है. इसकी मुख्य वजह यह है कि मशहद पूरी तरह से शिया धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है, जिसके कारण यहां पारंपरिक रूप से गैर-मुस्लिम आबादी का निवास न के बराबर रहा है.

पूरे ईरान में कितने हिंदू?

अगर पूरे ईरान की बात करें तो वहां कुल मिलाकर कुछ हजार प्रवासी हिंदू रहते हैं, जिसकी अनुमानित संख्या लगभग 20,000 से 40,000 के बीच मानी जाती है. इसमें सबसे खास बात यह है कि ईरान में रहने वाले अधिकांश हिंदू परिवार व्यापार या काम के सिलसिले में तेहरान, बंदर अब्बास और इस्फहान जैसे बड़े वाणिज्यिक और औद्योगिक शहरों में बसे हुए हैं. इन औद्योगिक केंद्रों की तुलना में मशहद जैसे पूरी तरह से धार्मिक शहर में हिंदुओं की मौजूदगी न के बराबर है, क्योंकि वहां मुख्य रूप से केवल धार्मिक और फारसी संस्कृति का प्रभाव है.

यह भी पढ़ें: Bengal Rajya Sabha Bypolls 2026: TMC के बागी लोकसभा सांसदों ने बदली पार्टी, लेकिन राज्यसभा सांसदों ने पहले दिया इस्तीफा; क्या है कानूनी पेंच?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?
क्या POK के लोगों की मदद कर सकता है भारत, क्या हैं नियम?
World Tiger Day: किस राज्य में सबसे ज्यादा टाइगर, लोगों के लिए क्यों बन रहे खतरा?
किस राज्य में सबसे ज्यादा टाइगर, लोगों के लिए क्यों बन रहे खतरा?
Police Behaviour Report: किस देश की पुलिस है सबसे ज्यादा फ्रेंडली, कहां की सबसे क्रूर?
किस देश की पुलिस है सबसे ज्यादा फ्रेंडली, कहां की सबसे क्रूर?
संसद में बोलने के लिए कितना मिलता है वक्त, यह कैसे होता है तय?
संसद में बोलने के लिए कितना मिलता है वक्त, यह कैसे होता है तय?
Advertisement

वीडियोज

Toyota Hilux 2026 launched at Rs 31.99 lakh| Auto Live #hilux #toyota
Bentley Continental GT S hybrid India first look and details | #bentley #autolive
Badshah और Isha Rikhi के रिश्ते में आई दरार? Cryptic Post के बाद बढ़ीं Separation की चर्चाएं
सड़क पर गर्लफ्रेंड के साथ दरिंदगी!
Ram Kapoor का दर्दनाक खुलासा: Father ने पूछा
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
गोली चलाने का आदेश कौन देता है- लोकसभा में जितेंद्र सिंह ने बताया कानून
गोली चलाने का आदेश कौन देता है- लोकसभा में जितेंद्र सिंह ने बताया कानून
बिहार: TRE-4 शिक्षक भर्ती का ऐलान, इतने पदों पर होगी बहाली
बिहार: TRE-4 शिक्षक भर्ती का ऐलान, इतने पदों पर होगी बहाली
निधन के बाद मिला पूर्व PM मनमोहन सिंह को न्याय, कोयला घोटाला में समन निरस्त
निधन के बाद मिला पूर्व PM मनमोहन सिंह को न्याय, कोयला घोटाला में समन निरस्त
ICC रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी का कमाल, 230 पायदान की लगाई छलांग
ICC रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी का कमाल, 230 पायदान की लगाई छलांग
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर? जानकर नम हो जाएंगी आखें
न आलिया न राहा, फिर रणबीर के फोन के वॉलपेपर पर है किसकी तस्वीर?
क्या फिर मारेंगे पलटी? ओम प्रकाश राजभर ने कर दी राहुल गांधी की तारीफ
क्या फिर मारेंगे पलटी? ओम प्रकाश राजभर ने कर दी राहुल गांधी की तारीफ
CJP प्रोटेस्ट को पाकिस्तान के Gen-Z ने किया सपोर्ट, भारत सरकार ने दिया जवाब
CJP प्रोटेस्ट को पाकिस्तान के Gen-Z ने किया सपोर्ट, भारत सरकार ने दिया जवाब
क्या एसटी-एससी की जमीन जनरल में करा सकते हैं शिफ्ट, कितना आता है खर्च?
क्या एसटी-एससी की जमीन जनरल में करा सकते हैं शिफ्ट, कितना आता है खर्च?
Embed widget