CJP प्रोटेस्ट को पाकिस्तान के Gen-Z ने किया सपोर्ट, भारत सरकार ने दिया जवाब
भारत ने पाकिस्तान के कुछ Gen Z समूहों की तरफ से छात्र प्रदर्शनों के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान को सीमापार आतंकवाद खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए.

पाकिस्तान के कुछ Gen Z ग्रुप की तरफ से जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों के समर्थन की खबरों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. मंगलवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय पाकिस्तान को अपने राज्य समर्थित सीमा पार आतंकवाद को समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि हम सभी जानते हैं कि पाकिस्तान कई दशकों से भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है.
रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि भारत के लोग यह मांग कर रहे हैं कि पाकिस्तान अपने राज्य समर्थित सीमापार आतंकवाद को बंद करे. हमें उम्मीद है कि उनके साथी भी इस बात पर ध्यान दे रहे होंगे. मांग करने वालों में Gen Z भी शामिल हैं, दरअसल, उनसे हाल ही में दिल्ली और देश के अन्य शहरों में हुए प्रदर्शनों के दौरान कुछ पाकिस्तानी युवाओं की ओर से भारतीय प्रदर्शनकारियों के समर्थन को लेकर सवाल पूछा गया था.
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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का बयान
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी भारत में चल रहे प्रदर्शनों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा था कि यह भारत का आंतरिक मामला है. हम ऐसे मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करते. हालांकि, इसके बावजूद पाकिस्तान के कई युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया था. कई लोगों ने एकजुटता के संदेश साझा किए और भारत और पाकिस्तान के साझा इतिहास का भी जिक्र किया.
सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में क्या कहा?
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान सिंधु घाटी सभ्यता की साझा विरासत को लेकर पाकिस्तान के हालिया दावों पर भी सवाल पूछा गया. इस पर जवाब देते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि आतंकवाद और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मामले में पाकिस्तान का रिकॉर्ड ऐसे दावों को कमजोर करता है. उन्होंने कहा, "मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि एक ऐसा देश जो दशकों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जो धार्मिक कट्टरता और हिंसा को समर्थन देता है, वह किसी भी बहुलतावादी सांस्कृतिक विरासत पर दावा नहीं कर सकता. अल्पसंख्यकों और उनके सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा के मामले में उसका खराब रिकॉर्ड ऐसे दावों को केवल दिखावटी बनाता है."
पाकिस्तान के मंत्री का बयान
हाल ही में पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने सिंधु घाटी सभ्यता को पाकिस्तान की राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा बताया था. यह बयान ऐसे समय आया जब पिछले वर्ष अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. उस हमले में 26 आम नागरिकों की मौत हुई थी. भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद ने सिंधु जल संधि की मूल भावना को कमजोर कर दिया है और इस मुद्दे को आतंकवाद से अलग करके नहीं देखा जा सकता.
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