निधन के बाद मिला पूर्व PM मनमोहन सिंह को न्याय, कोयला घोटाला में समन निरस्त
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निधन के बाद न्याय मिला है. कोयला घोटाला केस में मनमोहन सिंह को बतौर आरोपी जारी हुए समन को अब सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है.

कोयला घोटाला केस में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बतौर आरोपी जारी हुए समन को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. निचली अदालत के 2015 में आए आदेश को निरस्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के बावजूद समन जारी करना सही नहीं था. इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में ही स्थगित कर दिया था. अब उसे पूरी तरह निरस्त कर दिया है.
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने पूर्व प्रधानमंत्री की अपील को स्वीकार करते हुए कहा, "सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने और डॉ. सिंह के खिलाफ संज्ञान लेने का कोई ठोस कारण या औचित्य नहीं था." इस टिप्पणी के साथ बेंच ने मनमोहन को क्लीन चिट देने वाली सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूर कर लिया.
ध्यान रहे कि मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर 2024 को निधन हो गया था. ऐसे में उनके खिलाफ जारी समन निरर्थक हो चुका है. फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने उनके लिए पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के अनुरोध पर विशेष कोर्ट के आदेश की वैधता की समीक्षा की. सिब्बल का कहना था कि समन जारी करते समय कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री के बारे में कई सख्त टिप्पणियां की थीं. उन्हें हटाया जाना रूरी है.
सीबीआई ने 2 बार दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई ने जांच के बाद 2 बार क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और मनमोहन सिंह को निर्दोष बताया. इसके बावजूद विशेष जज ने स्थापित कानूनी सिद्धांतों की अनदेखी की. उन्होंने मामले पर संज्ञान लिया और समन जारी कर दिया. इसलिए उस आदेश को निरस्त किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद मनमोहन के खिलाफ कार्यवाही आधिकारिक तौर पर खत्म हो गई है.
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