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Colonel GS: क्या कर्नल पाकिस्तान की तरह और देशों के लिए भी होती है नियुक्ति, कैसे काम करती है भारतीय सेना?

Colonel GS: कर्नल पाकिस्तान की तरफ भारतीय सेना में दूसरे देशों को लेकर भी नियुक्तियां हैं. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.

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  • भारतीय सेना में कर्नल पाकिस्तान/चीन विशिष्ट नियुक्तियाँ हैं।
  • यह नियुक्तियाँ रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुसार देशों पर केंद्रित हैं।
  • अधिकारी खुफिया जानकारी, योजना और समन्वय का काम संभालते हैं।
  • यह सिस्टम जटिल सुरक्षा के लिए निरंतर निगरानी सुनिश्चित करता है।

Colonel GS: कर्नल पाकिस्तान का कॉन्सेप्ट भारतीय सेना में कोई अलग या फिर अनोखी नियुक्ति नहीं है. असल में यह एक बड़े और काफी व्यवस्थित सिस्टम का हिस्सा है. यहां अधिकारियों को भारत की रणनीतिक और सुरक्षा प्राथमिकताओं के आधार पर किसी खास देश या फिर इलाके से जुड़े डेस्क पर तैनात किया जाता है. दूसरे देशों के लिए भी ऐसी ही नियुक्तियां की जाती हैं. खासकर उन देशों के लिए जो भूराजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं या फिर जिनकी सीमाएं भारत से लगती हैं.

भारतीय सेना में देश-विशेष नियुक्ति 

जिस तरह पाकिस्तान से जुड़े मामलों को संभालने के लिए एक कर्नल जनरल स्टाफ पाकिस्तान होता है. इस तरह भारतीय सेना में कर्नल जनरल स्टाफ चीन नाम का भी एक खास पद होता है. बीते कुछ सालों में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तनाव की वजह से इस पद का महत्व और भी बढ़ गया है. इस डेस्क पर तैनात अधिकारी पीपल्स लिबरेशन आर्मी की गतिविधि पर बारीकी से नजर रखता है. इसमें सैनिकों की तैनाती, सीमावर्ती इलाकों के पास इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और सैन्य रणनीति में बदलाव शामिल हैं.

पाकिस्तान और चीन के अलावा सेना बांग्लादेश, म्यांमार और अफगानिस्तान जैसे दूसरे रणनीतिक रूप से जरूरी इलाकों के लिए और साथ ही  मिडिल ईस्ट जैसे बड़े इलाकों के लिए भी डेस्क रखती है. इन डेस्क पर तैनात अधिकारी इन इलाकों के राजनीतिक, सैन्य और रणनीतिक घटनाक्रमों को समझने में माहिर होते हैं. इससे यह पक्का होता है कि भारत को पूरी जानकारी मिलती रहे और वह तैयार रहे.

यह भी पढ़ें: इंडियन आर्मी में कौन होता है कर्नल पाकिस्तान, इसका क्या काम?

रैंक बनाम नियुक्ति को समझना 

कर्नल जनरल स्टाफ पाकिस्तान या फिर कर्नल जनरल स्टाफ चीन जैसी भूमिका को पूरी तरह से समझने के लिए रैंक और नियुक्ति के बीच का अंतर समझना काफी जरूरी है. कर्नल सेना के पद में सिर्फ एक रैंक है, जबकि जनरल स्टाफ पाकिस्तान या फिर जनरल स्टाफ चीन उस अधिकारी को सौंपी गई खास जिम्मेदारी को दिखाता है. यह काफी हद तक किसी पेशेवर विशेषज्ञता की तरह काम करता है.

कमांड भूमिका पर स्टाफ भूमिका

भारतीय सेना कमांड और स्टाफ की जिम्मेदारियों के बीच एक साफ बंटवारे के जरिए काम करती है. कमांड अधिकारी वे होते हैं जो जमीन पर सैनिकों को लीड करते हैं. जैसे कि ऑपरेशनल यूनिट्स के लिए जिम्मेदार बटालियन कमांडर. 

इसके उलट स्टाफ अधिकारी मुख्यालय के अंदर काम करते हैं. साथ ही उनका ध्यान योजना बनाने, खुफिया जानकारी, लॉजिस्टिक्स और तालमेल पर होता है. कर्नल जनरल स्टाफ जैसे पद स्टाफ भूमिकाओं के तहत आते हैं. 

यह सिस्टम क्यों मौजूद हैं?

भारत के सुरक्षा माहौल में कई सीमाएं और जटिल क्षेत्रीय समीकरण शामिल हैं. खास देशों के लिए अलग से डेस्क बनाकर भारतीय सेना लगातार निगरानी और तेज रणनीतिक प्रतिक्रिया को पक्का करती है. ये नियुक्तियां खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और फैसला लेने के बीच की खाई को पाटने में मदद करती हैं.

यह भी पढ़ें: चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी को कितनी मिलेगी पेंशन, क्या है नियम?

स्पर्श गोयल एबीपी लाइव के साथ कंटेंट राइटर के तौर पर जुड़े हुए हैं. वह जनरल नॉलेज बीट की जिम्मेदारी संभालते हैं. कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में उन्हें चार साल का अनुभव है. एबीपी से पहले वह डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद में करीब दो साल तक काम कर चुके हैं. उन्होंने नमस्कार भारत से अपने करियर की शुरुआत की थी. .

वह अलग-अलग विषयों पर रिसर्च करके पाठकों के लिए जानकारी को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण अंदाज में पेश करते हैं. उन्होंने न्यूज राइटिंग के साथ-साथ स्क्रीनराइटिंग में भी अपनी पकड़ मजबूत की.

उन्होंने मां शाकुम्भरी यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. इसके साथ उन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन से स्क्रीनप्ले का डिप्लोमा भी हासिल किया है.

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