एक्सप्लोरर

Poverty in India: भारत में गरीबी के भी 3 पैमाने, कमाई के हिसाब से जानें सब कुछ

Poverty in India: भारत में गरीबी को मापने के लिए तीन मुख्य पैमाने तय किए गए हैं. आइए जानते हैं इन पैमानों का गणित क्या है और इससे जुड़ी पूरी जानकारी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • बहुआयामी गरीबी 2005-06 के 53.8% से घटकर 15.5% तक।

Poverty in India: गरीबी कम करने में भारत की प्रगति कैसी दिखती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसे मापने के लिए किस इनकम सीमा का इस्तेमाल किया गया है. अक्टूबर 2026 में जारी विश्व बैंक की इंडिया पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ में देश की स्थिति का आकलन करने के लिए इनकम पर आधारित गरीबी के तीन मानक तय किए गए हैं. यह मानक 2021 की परचेजिंग पावर पैरिटी वैल्यू का इस्तेमाल करते हैं और इनमें अलग-अलग इनकम स्तर शामिल हैं. काफी ज्यादा गरीबी से लेकर उच्च मध्यम आय वाले देशों के लिए लागू होने वाले मानक तक. 

इन पैमानों से पता चलता है कि पिछले कुछ सालों में सुधार हुआ है. खासकर कम इनकम स्तर पर. हालांकि ये यह भी बताते हैं कि जब उच्च इनकम मानकों के आधार पर मापा जाता है तो गरीबी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. 

अत्यधिक गरीबी 

पहला मानक अत्यधिक गरीबी को इस तरह बताता है कि कोई व्यक्ति हर दिन $3 से कम पर गुजारा कर रहा हो. 2021 की परचेसिंग पावर पैरिटी वैल्यू के आधार पर भारतीय मुद्रा में यह लगभग ₹58 प्रतिदिन के बराबर है. भारत में इस सीमा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या में भारी कमी आई है. 2011 में काफी ज्यादा गरीबी की दर 27.1% थी. 2023 तक यह घटकर 2.6% रह गई. इस कमी के बावजूद देश की बड़ी आबादी को देखते हुए लगभग 35 मिलियन लोग अभी भी अत्यधिक गरीबी रेखा के नीचे हैं. यह आंकड़े सबसे निचले इनकम स्तर के मामले में बड़ी प्रगति को दर्शाते हैं. लेकिन साथ ही यह भी बताते हैं कि लाखों लोग अभी भी घोर अभाव का सामना कर रहे हैं. 


Poverty in India: भारत में गरीबी के भी 3 पैमाने, कमाई के हिसाब से जानें सब कुछ

निम्न मध्यम आय वर्ग में गरीबी 

दूसरा मानक गरीबी रेखा को 4.20 डॉलर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन से कम इनकम पर तय करता है. यह भारतीय मुद्रा में लगभग ₹350 से ₹400 के बराबर है. विश्व बैंक इस मानक को भारत जैसे विकासशील और निम्न मध्यम इनकम वाले देशों के लिए खास तौर से उपयुक्त मानता है. इस रेखा से नीचे रहने वाली भारत की आबादी का हिस्सा 2011 में 57.7% से घटकर 2023 में 16.1 प्रतिशत हो गया. रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक 12 सालों में लगभग 496 मिलियन लोग यानी करीब 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ गए.

यह पैमाना अत्यधिक गरीबी रेखा की तुलना में एक बड़ा नजरिया देता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें दैनिक इनकम की एक उच्च सीमा का इस्तेमाल किया गया है. इस वजह से इसमें आई कमी आबादी के एक काफी बड़े हिस्से में हुए सुधार को दर्शाती है. हालांकि 2023 में भी 16.1% लोग इस मानक से नीचे थे. 


Poverty in India: भारत में गरीबी के भी 3 पैमाने, कमाई के हिसाब से जानें सब कुछ

उच्च मध्यम आय वाली गरीबी 

तीसरे मानक में प्रतीक व्यक्ति 8.30 की दैनिक इनकम सीमा का इस्तेमाल किया गया है. यह गरीबी को मापने के लिए एक उच्च मानक देता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि भले ही भारत में अत्यधिक गरीबी लगभग खत्म होने की कगार पर हो लेकिन जब इस उच्च मध्यम आय वाली सीमख के आधार पर मापा जाता है तो गरीबी दर अभी भी काफी ज्यादा बनी हुई है.  यह अंतर जरूरी है. कोई व्यक्ति अत्यधिक गरीबी रेखा से ऊपर तो हो सकता है लेकिन आय के एक उच्च मानक वाले पैमाने के हिसाब से वह अभी भी गरीबी रेखा के नीचे आ सकता है. 

यह भी पढ़ें: 35 हजार फीट ऊपर कैसे जमती है बर्फ, इससे हवाई जहाज को कितनी होती है दिक्कत?

आय से परे गरीबी 

गरीबी को मापने का एकमात्र तरीका सिर्फ इनकम नहीं है. बहुआयामी गरीबी सूचकांक तीन क्षेत्रों में अभाव को ध्यान में रखता है. स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर. यह सिर्फ लोगों की मौद्रिक इनकम पर निर्भर रहने के बजाय यह दिखाता है कि क्या उनके पास बुनियादी सुविधा और जरूरी जीवन स्थितियों तक पहुंच है. 

ऑक्सफोर्ड और विश्व बैंक के आंकड़े बताते हैं कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के आधार पर मापी गई गरीबी 2005-6 में 53.8 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 15.5% हो गई. इन सुविधाओं में पक्का घर, बिजली, साफ पानी, स्वच्छता और खाना पकाने के लिए गैस जैसी चीजें शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: भारत के किन इलाकों में सबसे ज्यादा आते हैं तूफान, जानें कहां बहुत खतरा?

स्पर्श गोयल एबीपी लाइव के साथ कंटेंट राइटर के तौर पर जुड़े हुए हैं. वह जनरल नॉलेज बीट की जिम्मेदारी संभालते हैं. कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में उन्हें चार साल का अनुभव है. एबीपी से पहले वह डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद में करीब दो साल तक काम कर चुके हैं. उन्होंने नमस्कार भारत से अपने करियर की शुरुआत की थी. .

वह अलग-अलग विषयों पर रिसर्च करके पाठकों के लिए जानकारी को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण अंदाज में पेश करते हैं. उन्होंने न्यूज राइटिंग के साथ-साथ स्क्रीनराइटिंग में भी अपनी पकड़ मजबूत की.

उन्होंने मां शाकुम्भरी यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. इसके साथ उन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन से स्क्रीनप्ले का डिप्लोमा भी हासिल किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Green Hydrogen: क्या है ग्रीन हाइड्रोजन, भारत में कहां-कहां हो रहा इस्‍तेमाल?
क्या है ग्रीन हाइड्रोजन, भारत में कहां-कहां हो रहा इस्‍तेमाल?
Murasu Cyclone: 7 दिन में 2 तूफान... एक साइक्लोन बनने में कितना लगता है वक्त?
7 दिन में 2 तूफान... एक साइक्लोन बनने में कितना लगता है वक्त?
Cyclone Risk in India: भारत के किन इलाकों में सबसे ज्यादा आते हैं तूफान, जानें कहां बहुत खतरा?
भारत के किन इलाकों में सबसे ज्यादा आते हैं तूफान, जानें कहां बहुत खतरा?
Shakuntala Devi Birthday: बिना कैलकुलेटर बड़े से बड़ा गुणा कैसे करती थीं शकुंतला देवी, कितना तेज था उनका दिमाग?
बिना कैलकुलेटर बड़े से बड़ा गुणा कैसे करती थीं शकुंतला देवी, कितना तेज था उनका दिमाग?
Advertisement

वीडियोज

Mount Everest Helicopter Crash: एवरेस्ट की गोद में मौत का मंजर | Nepal | Breaking News | ABP
Janhit with Chitra Tripathi: चारधाम में हेलीकॉप्टर सेवा क्यों जानलेवा ? | Uttarakhand Chopper Crash
Dhirendra Shastri Controversy News: राम-श्याम पर अब सियासत में भी बंटवारा! | Yogi | ABP News
Chaar Ki Chaal : बाबा बागेश्वर...अखिलेश को सता रहा डर? | Dhirendra Shastri | Akhilesh Yadav | ABP
Yeh Fitoor Tera:🤩Jeet ने कर दिया दिल का इज़हार! Saumya को कहा 'I Love You'! #sbs
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मनप्रीत सिंह बादल की बेटी की रिसेप्शन में पहुंचे PM मोदी, दिल्ली में जुटे कई बड़े नेता
मनप्रीत सिंह बादल की बेटी की रिसेप्शन में पहुंचे PM मोदी, दिल्ली में जुटे कई बड़े नेता
कांग्रेस से होगी 11 हजार करोड़ के नुकसान की वसूली? व्यापारी बोले- 'हमें मुआवजा चाहिए'
कांग्रेस से होगी 11 हजार करोड़ के नुकसान की वसूली? व्यापारी बोले- 'हमें मुआवजा चाहिए'
हिंदू-यहूदी गठबंधन से घबराया पाकिस्तान, मुनीर बोले-'मुसलमानों के लिए...'
हिंदू-यहूदी गठबंधन से घबराया पाकिस्तान, मुनीर बोले-'मुसलमानों के लिए...'
IND vs NZ: मोहम्मद सिराज बाहर, पहले ODI में टीम इंडिया ने लिया बड़ा रिस्क, देखें दोनों की प्लेइंग XI
मोहम्मद सिराज बाहर, पहले ODI में टीम इंडिया ने लिया बड़ा रिस्क, देखें दोनों की प्लेइंग XI
'रामायण' का आएगा पार्ट 3? नमित मल्होत्रा की वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चा, रणबीर कपूर ने भी लीक कर दिया प्लान
'रामायण' का आएगा पार्ट 3? नमित मल्होत्रा की वायरल वीडियो ने बढ़ाई चर्चा
पंजाब से चुनाव प्रचार की आज शुरुआत करेंगे राहुल गांधी, आखिर पहले संगरूर को ही क्यों चुना?
पंजाब से चुनाव प्रचार की आज शुरुआत करेंगे राहुल गांधी, आखिर पहले संगरूर को ही क्यों चुना?
देवास: पुलिस हिरासत से भागा थाना प्रभारी की हत्या का आरोपी, मुठभेड़ में गंभीर घायल
देवास: पुलिस हिरासत से भागा थाना प्रभारी की हत्या का आरोपी, मुठभेड़ में गंभीर घायल
बंदूक चल गी तेरी...लहंगा पहन हसीना ने ढाया कहर, कुंवारों की हालत खराब
बंदूक चल गी तेरी...लहंगा पहन हसीना ने ढाया कहर, कुंवारों की हालत खराब
Embed widget