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India First Hydrogen Train: नॉर्मल ट्रेन से कितनी सस्ती पड़ती है हाइड्रोजन ट्रेन, जानें 1 किलोमीटर में कितना आता है खर्चा

India First Hydrogen Train: आज देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच दौड़ने लगी है. चलिए जानें कि यह नॉर्मल ट्रेन के मुकाबले कितनी सस्ती पड़ेगी और 1 किलोमीटर में कितना खर्चा होगा.

India First Hydrogen Train: भारतीय रेलवे के इतिहास में आज का दिन बेहद खास है. देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पटरियों पर दौड़ने जा रही है, जिसे आज पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखा दी है. हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर शुरू हो रही यह ट्रेन पर्यावरण को बिल्कुल भी नुकसान पहुंचाए बिना सफर का एक नया जरिया बनेगी. सबसे बड़ी बात यह है कि इस तकनीक से प्रदूषण बिल्कुल शून्य हो जाएगा. तकनीक के स्तर पर यह भारत की बहुत बड़ी कामयाबी है, जो कि देश के रेल सफर की पूरी तस्वीर को हमेशा के लिए बदलने का दम रखती है. चलिए जानें कि यह नॉर्मल ट्रेन से कितनी सस्ती पड़ती है और एक किलोमीटर के लिए कितनी खर्चा आएगा.

नॉर्मल ट्रेन के मुकाबले कितनी सस्ती है हाइड्रोजन ट्रेन?

जब हम इस ट्रेन को चलाने के खर्चे की बात करते हैं तो इसके आंकड़े काफी हैरान करने वाले हैं. भारतीय रेलवे के मुताबिक, पटरियों पर दौड़ते समय इस ट्रेन में प्रति किलोमीटर हाइड्रोजन ईंधन का खर्चा मात्र 4 से 6 रुपये के बीच आता है. पेट्रोल, डीजल या फिर बिजली के मुकाबले यह ऑपरेटिंग का खर्चा काफी कम माना जा रहा है. यही वजह है कि इसे भविष्य का सबसे किफायती और टिकाऊ ईंधन विकल्प माना जा रहा है. लंबी दूरी और लागत संचालन में यह ईंधन रेलवे के बड़े फंड को बचाने में मदद करेगा.

एक नई हाइड्रोजन ट्रेन बनाने में कितना है खर्चा?

भले ही इसे चलाने का रोज का खर्चा कम हो, लेकिन इस तकनीक को अपनाने की शुरुआती लागत काफी ज्यादा है. एक नई हाइड्रोजन ट्रेन को बनाने में करीब 41 से 50 करोड़ रुपये का खर्चा आता है, जो सामान्य डीजल ट्रेन की 27 करोड़ रुपये की लागत से 20-30% अधिक है. हालांकि, कुछ विशेष सुविधाओं से लैस पूरी ट्रेन की अनुमानित कीमत 80 करोड़ रुपये तक भी आती है. लेकिन जानकारों का कहना है कि इसके रख-रखाव में होने वाली बचत और ईंधन की कम कीमत के कारण इसका लाइफटाइम खर्चा पारंपरिक ट्रेनों से काफी कम बैठता है.

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इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश

ट्रेन को सुचारू रूप से चलाने के लिए जमीन पर मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना बेहद जरूरी था. इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत हाइड्रोजन प्लांट, स्टोरेज यूनिट और फ्यूल स्टेशन विकसित करने में प्रति रूट लगभग 70 करोड़ रुपये की जरूरत होती है. अगर जींद के इस पहले प्रोजेक्ट की बात की जाए तो प्लांट और रिफ्यूलिंग स्टेशन समेत पूरी व्यवस्था को खड़ा करने में कुल 112 करोड़ रुपये का बजट खर्चा हुआ है. यह भारी निवेश भविष्य में तैयार होने वाले नए रूट्स के लिए एक मजबूत ब्लूप्रिंट का काम करेगा.

सफर की क्षमता और ट्रेन की रफ्तार

क्षमता और स्पीड के मामले में भी यह ट्रेन किसी नॉर्मल ट्रेन से कम नहीं है. 10 कोच वाली यह आधुनिक ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ने की ताकत रखती है. एक बार पूरी तरह से ईंधन भरने के बाद आसानी से यह ट्रेन 250 किलोमीटर लंबा सफर तय कर सकती है. आम लोगों की जेब का ध्यान रखते हुए रेलवे ने इसका न्यूनतम किराया बेहद किफायती रखा है, जो मात्रा 5 रुपये से लेकर अधिकतम 25 रुपये रखा गया है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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