किसी मुस्लिम से शादी कर ले जैन लड़की तो क्या होगा, पुश्तैनी जायदाद में हिस्सा मिलेगा या नहीं?
भारत में सभी लोगों को अपने धर्म मानने की स्वतंत्रता है.क्या आप ये जानते हैं कि अगर कोई जैन लड़की किसी मुस्लिम लड़के से शादी करते हैं, तो उसे संपत्ति में कितना हिस्सा मिलेगा? जानिए क्या कहता है कानून.

भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है. यहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं और सभी धर्मों को समान मान्यता और अवसर मिलते हैं. भारत में कोई आधिकारिक धर्म नहीं है और नागरिकों को अपनी इच्छा से किसी भी धर्म को मानने की आज़ादी है. भारत में विवाद और संपत्ति जैसे मामलों के निपटारे के लिए धर्म के आधार पर पर्सलन लॉ है. लेकिन सवाल ये है कि अगर कोई जैन लड़की किसी मुस्लिम लड़के से शादी करती है, तो क्या उसे पुश्तैनी जायदाद में हिस्सा मिलेगा? आज हम आपको इसका जवाब देंगे.
भारत में शादी को लेकर कानून
आज के वक्त भारत में सभी धर्मों के लोग रहते हैं. भारत में अब इंटरकास्ट के साथ इंटर रिलिजन मैरिज का चलन भी बढ़ रहा है. ये लोग अपने धर्मों से बाहर भी जाकर शादियां कर रहे हैं. वहीं इन सभी धर्मों के लोगों की शादी, संपत्ति बंटवारा समेत अन्य धार्मिक विवाद के निपटारे के लिए कानून बना हुआ है. जैसे हिंदू धर्म के लिए हिंदू पर्सनल लॉ और मुसलमानों के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ है. लेकिन सवाल ये है कि अगर कोई जैन लड़की किसी मुस्लिम लड़के से शादी करती है, तो उसे पुश्तैन जायदाद में कितना हिस्सा मिलेगा.
जैन लड़की को कितनी मिलेगी संपत्ति?
अब सवाल ये है कि जैन लड़की अगर मुस्लिम लड़के से शादी करती है, तो उसे संपत्ति में कितना हिस्सा मिलेगा? इसको समझने के लिए सबसे पहले ये जानते हैं कि जैन धर्म के लोग किस धर्म के अंतर्गत आएंगे. इसका जवाब है हिंदू पर्सनल लॉ. हिंदू पर्सनल लॉ में वीरशैव, लिंगायत, ब्रह्म, प्रार्थना, आर्य समाज के मानने वाले शामिल हैं. इसके अलावा हिंदू पर्सनल लॉ बौद्ध, जैन, और सिख धर्म के लोगों पर भी लागू होता है.
हिंदू पर्सनल लॉ
बता दें कि अब ये तो क्लियर है कि जैन धर्म की लड़के के ऊपर भी हिंदू पर्सनल लॉ लागू होगा. अब जानिए कि उसे कितनी संपत्ति मिलेगी. बता दें कि 2005 के पहले हिंदू उत्तराधिकार कानून में बेटियों को हिंदू अविभाजित परिवार का सदस्य माना जाता था. आसान भाषा में वे पिता की संपत्ति में समान उत्तराधिकारी नहीं थीं. लेकिन बाद में इस कानून में बदलाव किया गया है. नए संशोधन के बाद बेटी को भी समान रूप से पिता की संपत्ति में उत्तराधिकारी माना गया है. यानी अब बेटी के विवाह से पिता की संपत्ति में उसके अधिकार में कोई बदलाव नहीं आता है. शादी के बाद भी बेटियां अपने पिता की संपत्ति में बराबर की हकदार होती हैं.
मुस्लिम लड़के से शादी करने पर क्या मिलेगा?
अब सवाल यह है कि अगर जैन लड़की मुस्लिम लड़के से शादी करती है, तो क्या होगा? बता दें कि इन मामलों में अदालतों का बयान पहले भी सामने आ चुका है. जिसको लेकर कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ मुस्लिम में शादी करने से यह तय नहीं होता कि हिंदू लड़की ने अपना धर्म भी बदल लिया है. यानी मुस्लिम लड़के से शादी करने के बाद भी हिंदू लड़की हिंदू उत्तराधिकार कानून के बाद अपने पिता की संपत्ति में बराबर की हकदार होगी. वह अपने पिता की संपत्ति में आधा हिस्सा मांग सकती है. वहीं बता दें कि मुस्लिम लॉ के मुताबिक बेटियों को पिता की संपत्ति में भाई के मुकाबले आधा हिस्सा दिया जाता है.
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