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Earth Formation: कैसे बनी थी दुनिया? बिग बैंग के बाद सबसे पहले कहां अस्तित्व में आई थी आबादी

Earth Formation: बिग बैंग थ्योरी के बारे में लोगों ने जरुर सुना होगा. आइए जानते हैं क्या कहती है यह थ्योरी और पृथ्वी का निर्माण आखिर कैसे हुआ.

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  • ब्रह्मांड की शुरुआत बिग बैंग से 13.8 अरब साल पहले हुई।
  • पृथ्वी 4.54 अरब साल पहले बनी, जीवन समुद्रों में आया।
  • सायनोबैक्टीरिया ने ऑक्सीजन छोड़ी, जिससे जीवन का विकास हुआ।

Earth Formation: अक्सर ही लोगों के मन में यह सवाल आता है कि ब्रह्मांड की शुरुआत कैसे हुई और जीवन का पहला रूप कहां से आया. यह मानवता द्वारा पूछे गए सबसे पुराने सवालों में से एक है. आधुनिक विज्ञान के मुताबिक सृष्टि की कहानी लगभग 13.8 अरब साल पहले बिग बैंग से शुरू हुई. वहीं पृथ्वी के महासागरों में जीवन काफी बाद में उभरा. एक छोटे अविश्वसनीय रूप से घने बिंदु से आकाशगंगाओं, सितारों, ग्रहों और अंत में मनुष्यों तक की यात्रा अरबों सालों तक फैली हुई है और विज्ञान की सबसे आकर्षक खोजों में से एक बनी हुई है.

कैसे हुई यूनिवर्स की शुरुआत? 

वैज्ञानिकों का ऐसा मनाना है कि ब्रह्मांड की उत्पत्ति लगभग 13.8 अरब साल पहले बिग बैंग नाम की एक घटना से हुई थी. इस घटना से पहले सभी मैटर और एनर्जी एक काफी ज्यादा गर्म और घने बिंदु में कंप्रेस्ड थे. इसके बाद हुए तीव्र विस्तार से स्पेस, टाइम, मैटर और एनर्जी का जन्म हुआ. आम धारणा के उलट बिग बैंग अंतरिक्ष में कोई विस्फोट नहीं था यह अंतरिक्ष का ही विस्तार था.

तारे और आकाशगंगाएं कैसे बनीं? 

बिग बैंग के बाद ब्रह्मांड धीरे-धीरे ठंडा हो गया. गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से हाइड्रोजन और हीलियम गैस के बड़े बादल एक साथ इकट्ठा होने लगे. इन गैस के बादलों ने पहले तारों को बनाया जो बाद में आकाशगंगाओं को बनाने के लिए एक साथ इकट्ठा हुए. लाखों और अरबों सालों में आकाशगंगाएं विकसित होती रहीं, जिस वजह से तारों और ग्रह प्रणालियों की नई पीढ़ियां पैदा हुई. 

पृथ्वी अस्तित्व में कैसे आई? 

हमारा ग्रह काफी बाद में लगभग 4.54 अरब साल पहले बना. सूरज के चारों तरफ धूल, चट्टान और गैस की डिस्क के अंदर अनगिनत कण टकराए और उसमें ही मर्ज हो गए. वक्त के साथ इन टकरावों ने बड़े पिंडों को बनाया जिससे पृथ्वी का जन्म हुआ. अपने शुरुआती चरण में पृथ्वी एक जलती हुई दुनिया थी जो पिघली हुई चट्टान, ज्वालामुखी गतिविधि और लगातार क्षुद्रग्रह प्रभावों से ढकी हुई थी.

कब आया जीवन पहली बार? 

पृथ्वी के बनने के तुरंत बाद ही जीवन नहीं आया. वैज्ञानिकों का ऐसा अनुमान है कि जीवन के पहले लक्षण 3.7 से 4.1 अरब साल पहले दिखाई दिए थे. इसका मतलब है कि बिग बैंग और शुरुआती जीवित जीवों की उपस्थिति के बीच 9 अरब साल से ज्यादा का अंतर था. 

जीवन के लिए पृथ्वी का पहला घर 

ज्यादातर वैज्ञानिक सिद्धांत यह बताते हैं कि जीवन की उत्पत्ति पृथ्वी के महासागरों में हुई. समुद्र के अंदर हाइड्रोथर्मल वेंट ने गर्मी और खनिजों को जारी किया. इसने सरल रासायनिक यौगिकों को संयोजित करने और पहले जीवित जीवों को बनाने के लिए आदर्श वातावरण दिया होगा. यह शुरुआती जीवन रूप बैक्टीरिया के समान सूक्ष्म और सिंगल सेल्ड आर्गनिज्म वाले जीव थे. 

ऑक्सीजन ने सब कुछ बदल दिया 

अरबों सालों तक पृथ्वी के वायुमंडल में काफी कम मुक्त ऑक्सीजन थी. यह तब बदल गया जब सायनोबैक्टीरिया के नाम से जाने जाने वाले प्राचीन सूक्ष्मजीवों ने फोटोसिंथेसिस के जरिए से ऊर्जा बनाने के लिए सूरज की रोशनी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. जैसे ही इन जीवों ने ऑक्सीजन छोड़ी पृथ्वी का वातावरण धीरे-धीरे बदल गया. 

जीवन के विकास में अरबों साल लगे. सिंगल सेल्ड कोशिका वाले जीव मल्टीसेल्यूलर प्राणियों में विकसित हुए. समुद्री जानवर भूमि पर चले गए और समय के साथ तेजी से जटिल प्रजातियां उभरीं. इंसान इस समय रेखा में काफी हाल ही में आया है जो उससे पहले के अरबों सालों की तुलना में पृथ्वी के इतिहास का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा दिखाई देता है.

यह भी पढ़ेंः क्या है पाकिस्तान का पीरियड्स टैक्स, जिसे जनता से वसूलती थी सरकार?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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