रिटायरमेंट के बाद अजिंक्य रहाणे को कितनी पेंशन देगी BCCI?
Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने संन्यास ले लिया है. आइए जानते हैं कि उन्हें बीसीसीआई से कितनी पेंशन मिलेगी.

- अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया।
- 85 टेस्ट खेलने पर उन्हें ₹70,000 मासिक पेंशन मिलेगी।
- बीसीसीआई पेंशन आईपीएल प्लेऑफ और टिकट बिक्री से पोषित।
- मेडिकल बीमा सहित, बोर्ड नौकरी लेने पर पेंशन रुकेगी।
Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट और खेल के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी है. इससे एक दशक से भी लंबे शानदार करियर का समापन हो गया है. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में रहाणे ने बीसीसीआई, अपने साथी, अपनी पत्नी और लाखों फैंस का उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद किया. उनके संन्यास के आधिकारिक होने के बाद अब ध्यान एक बार फिर से एक बड़े सवाल पर जा चुका है. संन्यास के बाद अजिंक्य रहाणे को बीसीसीआई से आखिर कितनी पेंशन मिलेगी? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
अजिंक्य रहाणे की पेंशन
अजिंक्य रहाणे ने 85 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. यह बीसीसीआई की रिटायर्ड प्लेयर्स वेलफेयर पॉलिसी के तहत सबसे ऊंचे पेंशन कैटेगरी के लिए जरूरी योग्यता से काफी ज्यादा है. बीसीसीआई पेंशन स्कीम के मुताबिक जिन पूर्व क्रिकेटरों ने 25 या फिर उससे ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं वह जीवन भर ₹70,000 की मासिक पेंशन के हकदार हैं. क्योंकि रहाणे ने इस सीमा से कहीं ज्यादा मैच खेले हैं इस वजह से वह अपने आप कई भारतीय क्रिकेट दिग्गजों के साथ टॉप पेंशन ब्रैकेट में आ जाते हैं.
बीसीसीआई का पेंशन स्लैब कैसे काम करता है?
बीसीसीआई ने रिटायर्ड खिलाड़ियों को उनके इंटरनेशनल और घरेलू करियर के आधार पर अलग-अलग पेंशन कैटेगरी में बांटा है. जिन पूर्व क्रिकेटरों ने 25 या फिर उससे ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं उन्हें हर महीने ₹70,000 मिलते हैं. इसी के साथ जिन्होंने 1 से 24 टेस्ट मैच खेले हैं वे हर महीने ₹60,000 पाने के हकदार हैं. जिन खिलाड़ियों ने भारत का बड़े पैमाने पर प्रतिनिधित्व नहीं किया लेकिन घरेलू क्रिकेट में खेले, उन्हें भी आर्थिक मदद मिलती है. 75 या फिर उससे ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेलने वालों को ₹52,500 मिलते हैं और 50 से 74 फर्स्ट क्लास है मैच खेलने वाले क्रिकेटर हर महीने ₹45,000 पाने के हकदार हैं.

खिलाड़ियों की पेंशन के लिए बीसीसीआई को पैसा कहां से मिलता है?
पेंशन स्कीम के लिए फंड बीसीसीआई के रेगुलर ऑपरेटिंग बजट के बजाय एक खास वेलफेयर सिस्टम से जुटाया जाता है. बोर्ड रिटायर्ड खिलाड़ियों की मदद के लिए खासतौर पर प्लेटिनम जुबली कॉर्पस फंड और एक अलग वेलफेयर फंड बनाए रखता है. इस फंड का एक बड़ा हिस्सा आईपीएल प्लेऑफ मैच और स्टेडियम में टिकटों की बिक्री से होने वाली कमाई से आता है. यह मॉडल बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के कार्यकाल में शुरू किया गया था ताकि इस बात को पक्का किया जा सके कि रिटायर हो चुके क्रिकेट खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट की आर्थिक तरक्की का फायदा उठाते रहें.
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क्या अजिंक्य रहाणे को दो पेंशन मिल सकती हैं?
रहाणे घरेलू क्रिकेट में मुंबई को लीड करते आ रहे हैं. मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की पूर्व खिलाड़ियों के लिए अपनी पेंशन योजना है. हालांकि बीसीसीआई के नियम रिटर्न हो चुके क्रिकेटरों को एक ही समय में सेंट्रल बोर्ड और स्टेट संगठन दोनों से पेंशन लेने की इजाजत नहीं देते. अगर कोई खिलाड़ी दोनों के लिए योग्य है तो उसे सिर्फ एक पेंशन चुननी होगी पर आमतौर पर वे ज्यादा पैसे वाली योजना चुनते हैं.
रहाणे को रिटायरमेंट के और क्या फायदे मिलेंगे?
बीसीसीआई की कल्याणकारी नीति सिर्फ हर महीने पेंशन देने तक ही सीमित नहीं है. बीसीसीआई इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन की संयुक्त मेडिकल इंश्योरेंस योजना के तहत पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ₹10 लाख तक के मेडिकल कवरेज के लिए योग्य हैं.
इस इंश्योरेंस में खिलाड़ी के जीवनसाथी और 25 साल से कम उम्र के अविवाहित बच्चे भी शामिल हैं. अगर इलाज का खर्च इंश्योरेंस की रकम से ज्यादा हो जाता है तो खिलाड़ी बीसीसीआई की मेडिकल बेनेवोलेंस कमेटी से संपर्क कर सकते हैं. यह मेडिकल मामले की समीक्षा के बाद कुछ एक्स्ट्रा आर्थिक मदद को मंजूरी दे सकती है.

अगर रहाणे फिर से बीसीसीआई से जुड़ते हैं तो क्या उनकी पेंशन जारी रहेगी?
पेंशन के साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी हैं. अगर अजिंक्य रहाणे भविष्य में बीसीसीआई के तहत कोई भी सैलरी वाली नौकरी स्वीकार करते हैं जैसे नेशनल सेलेक्टर, कोच या फिर नेशनल क्रिकेट एकेडमी में कोई आधिकारिक भूमिका तो उस कार्यकाल के दौरान उनकी मासिक पेंशन रोक दी जाएगी.
हालांकि अगर वे टेलीविजन कमेंटेटर, क्रिकेट एनालिस्ट या फिर आईपीएल फ्रैंचाइजी के लिए मेंटर के तौर पर काम करते हैं तो इसका उनकी पेंशन पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि ये भूमिका बीसीसीआई के तहत सैलरी वाली नौकरियां नहीं हैं.
इसके अलावा कल्याणकारी नीति खिलाड़ी के परिवार को लंबे समय तक मदद देती है. किसी भी खिलाड़ी की मृत्यु के बाद उनके जीवनसाथी को जीवन भर उनकी मासिक पेंशन का 50% हिस्सा मिलता है. इसी के साथ आईसीए की ग्रुप टर्म इंश्योरेंस योजना परिवार को ₹1 लाख की एकमुश्त आर्थिक मदद भी देती है.
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