T20 World Cup: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पास कितना पैसा, जानें BCCI के मुकाबले यह कितना कंगाल?
T20 World Cup: पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ग्रुप मैच को खेलने से मना कर दिया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि पीसीबी और बीसीसीआई के पास कितनी संपत्ति है.

T20 World Cup: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप से पहले बड़ा हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ ग्रुप मैच का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है. इसी बीच आइए जानते हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड आर्थिक रूप से कितना मजबूत है और भारत के क्रिकेट बोर्ड की तुलना में यह कितना गरीब है.
कुल संपत्ति में भारी अंतर
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है. बीसीसीआई की कुल संपत्ति लगभग 18,760 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. इसके ठीक उलट पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कुल संपत्ति 458 करोड़ रुपये से 600 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है. आसान शब्दों में कहें तो बीसीसीआई पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से 30 से 40 गुना ज्यादा अमीर है.
बीसीसीआई इतना अमीर क्यों है
ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल अधिकार बीसीसीआई के सबसे बड़े कैश जनरेटर हैं. 2023-2028 मीडिया अधिकार चक्र के लिए बीसीसीआई ने अपने अधिकार 5,963 करोड़ रुपये में बेचे. इसमें प्रयोजन, टिकट बिक्री और ब्रांड साझेदारी को जोड़ दें तो बीसीसीआई एक पारंपरिक खेल निकाय की तुलना में एक वैश्विक खेल निगम की तरह ज्यादा काम करता है.
पीसीबी के सीमित राजस्व स्त्रोत
पीसीबी की कमाई काफी ज्यादा सीमित है. इसके मुख्य आय स्रोत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से प्राप्त धन और पाकिस्तान सुपर लीग से होने वाला राजस्व है. हालांकि पीएसएल पाकिस्तान की सबसे बड़ी क्रिकेट संपत्ति है लेकिन इसका व्यावसायिक मूल्य भारत की तुलना में काफी मामूली है. बीसीसीआई के उलट पीसीबी के पास एक बड़ा घरेलू प्रसारण बाजार नहीं है और जीवित रहने के लिए बाहरी डिस्ट्रीब्यूशन पर काफी ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है.
आईसीसी रेवेन्यू शेयरिंग से और भी ज्यादा अंतर
आईसीसी के मौजूदा रेवेन्यू डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल के तहत बीसीसीआई को आईसीसी की कुल कमाई का लगभग 38.5% मिलता है. यह ग्लोबल क्रिकेट में भारत के कमर्शियल प्रभाव को दिखाता है. वहीं पीसीबी को सिर्फ 5.54% ही दिया जाता है. यह असमानता सीधे तौर पर इस बात पर असर डालती है कि हर बोर्ड डेवलपमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन पर कितना ज्यादा खर्च कर सकता है.
पीसीबी के फाइनेंस के लिए एक और बड़ा झटका भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज का ना होना है. भारत के साथ मैच से भारी विज्ञापन और ब्रॉडकास्टिंग रेवेन्यू मिलता है. पीसीबी अपने सबसे बड़े इनकम बूस्टर को खो रहा है जिसकी भरपाई कोई दूसरा विरोधी नहीं कर सकता.
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