एक्सप्लोरर

तुर्कमान गेट से 52 दरवाजों तक, जानें दिल्ली के 7 किले 8 शहर और इनकी अनगिनत कहानियां

आज जिस तुर्कमान गेट पर विवाद है, वह कभी 52 दरवाजों वाली दिल्ली की शान था. आइए जानें कि कौन से गेट का क्या इतिहास है, जो कि अब सिर्फ यादों में बचे हुए हैं.

आधी रात की कार्रवाई, पत्थरबाजी और पुलिस की तैनाती के बीच तुर्कमान गेट एक बार फिर चर्चा में है. लेकिन इस हंगामे के पीछे छिपा है दिल्ली का वह इतिहास, जो सिर्फ इमारतों का नहीं, बल्कि सदियों की सत्ता, संस्कृति और संघर्ष की कहानी कहता है. क्या आप जानते हैं कि दिल्ली कभी 7 किलों, 8 शहरों और 52 दरवाजों की पहचान रखती थी? तुर्कमान गेट उसी विरासत का एक जीवित सबूत है. चलिए जानें. 

तुर्कमान गेट क्यों चर्चा में है

पुरानी दिल्ली का तुर्कमान गेट इलाका हाल ही में उस वक्त सुर्खियों में आया, जब फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के लिए नगर निगम ने हाईकोर्ट के आदेश पर आधी रात कार्रवाई की. इस दौरान कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए और बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई संदिग्ध पकड़े गए. लेकिन इस ताजा विवाद से कहीं ज्यादा तुर्कमान गेट का इतिहास पुराना और गहरा है. 

7 किले और 8 शहरों की राजधानी

इतिहासकारों के मुताबिक दिल्ली कोई एक शहर नहीं रही, बल्कि अलग-अलग दौर में यहां आठ बड़े शहर बसाए गए थे. 1611 में यूरोपीय व्यापारी विलियम फिंच ने दिल्ली को 7 किलों और 52 दरवाजों का शहर बताया था.
समय के साथ यहां राय पिथोरा या लाल कोट, सीरी फोर्ट, तुगलकाबाद, जहांपनाह, फिरोजाबाद, दीनपनाह या शेरगढ़, शाहजहानाबाद और अंत में आधुनिक नई दिल्ली अस्तित्व में आए. हर नया शासक अपनी सत्ता की छाप छोड़ने के लिए नया शहर और किला बसाता गया. 

शाहजहानाबाद और उसके दरवाजे

मुगल बादशाह शाहजहां ने 17वीं सदी में शाहजहानाबाद की नींव रखी, जो आज की पुरानी दिल्ली है. इस शहर को सुरक्षा के लिहाज से मजबूत दीवारों और भव्य दरवाजों से घेरा गया था. इतिहास में दर्ज है कि शाहजहानाबाद में 14 बड़े प्रवेश द्वार और करीब 16 छोटे खिड़कीनुमा गेट थे. कश्मीरी गेट, अजमेरी गेट, दिल्ली गेट और तुर्कमान गेट आज भी उस दौर की याद दिलाते हैं. 

सूफी संत के नाम पर तुर्कमान गेट

तुर्कमान गेट का नाम सूफी संत शाह तुर्कमान बयाबानी के नाम पर पड़ा, जिनकी दरगाह यहां 13वीं सदी से मौजूद है. शाहजहां ने 1658 के आसपास इस दरवाजे को बनवाया. यह इलाका सिर्फ एक प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी रहा. हर साल शाह तुर्कमान की बरसी पर यहां उर्स लगता है, जिसमें दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं. 

आपातकाल की कड़वी यादें

तुर्कमान गेट का नाम 1976 में आपातकाल के दौरान हुई जबरन नसबंदी और बुलडोजर कार्रवाई के कारण भी इतिहास में दर्ज है. उस दौर में यहां हुई हिंसा और मौतों ने इस इलाके को डर और विरोध का प्रतीक बना दिया. यही वजह है कि तुर्कमान गेट दिल्ली के इतिहास में सम्मान और पीड़ा, दोनों का प्रतीक माना जाता है. 

बाकी मशहूर दरवाजे

लाहौरी गेट, जो लाल किले का मुख्य द्वार है, लाहौर की दिशा में खुलता था. अजमेरी गेट अजमेर जाने वाले मार्ग पर स्थित था और 1857 की क्रांति का गवाह बना. दिल्ली गेट से अंग्रेज अधिकारी लॉर्ड लेक 1803 में शहर में दाखिल हुआ था. ये दरवाजे सिर्फ रास्ते नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन के गवाह भी हैं. 

सूर्यास्त के साथ बंद हो जाती थी दिल्ली

इतिहासकारों के अनुसार पुरानी दिल्ली चारों ओर से खाई से घिरी रहती थी. सूरज ढलते ही सभी दरवाजे बंद कर दिए जाते थे. मोरी गेट की ओर से यमुना का पानी शहर के चारों ओर घूमकर राजघाट गेट से वापस नदी में चला जाता था. यह व्यवस्था सुरक्षा और जल प्रबंधन, दोनों के लिए अहम थी. 

52 दरवाजों का शहर अब सिर्फ यादों में

कभी दिल्ली और उसके आसपास 52 दरवाजे हुआ करते थे, जिनमें कश्मीरी, काबुली, बदरौ, निगमबोध, राजघाट और पानी दरवाजा शामिल थे. 1803 के बाद अंग्रेजों ने सुरक्षा कारणों से इनमें से ज्यादातर को तुड़वा दिया. आज ये दरवाजे इतिहास की किताबों और बुजुर्गों की यादों में ही बचे हैं.

यह भी पढ़ें: ईरान से क्या-क्या मंगवाते थे मुगल बादशाह, इसमें कितना आता था खर्चा?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

दुनिया की टॉप-5 नेवी की रैंकिंग जारी, अमेरिका पहले और चीन नंबर-2 पर, भारत-पाकिस्तान की रैंक कर देगी हैरान!
दुनिया की टॉप-5 नेवी की रैंकिंग जारी, US पहले और चीन नंबर-2 पर, भारत-PAK की रैंक कर देगी हैरान!
Weather Update: दिल्ली में कड़ाके की ठंड का डबल अटैक, घना कोहरा-शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें, 615 तक पहुंचा AQI
दिल्ली में कड़ाके की ठंड का डबल अटैक, घना कोहरा-शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें, 615 तक पहुंचा AQI
Dhurandhar BO Day 40: ‘धुरंधर’ ने 40वें दिन फिर मचाया भौकाल, कमाई में दिखाई तेजी, 'स्त्री 2' का तोड़ा ये रिकॉर्ड
‘धुरंधर’ ने 40वें दिन फिर मचाया भौकाल, कमाई में दिखाई तेजी, 'स्त्री 2' का तोड़ा ये रिकॉर्ड
भारत और CSK नहीं, बल्कि इस टीम की ड्रेसिंग रूम मीटिंग में जाने के लिए पैसे देने को तैयार अश्विन
भारत और CSK नहीं, बल्कि इस टीम की ड्रेसिंग रूम मीटिंग में जाने के लिए पैसे देने को तैयार अश्विन
Advertisement

वीडियोज

ISRO MISSION FAIL: टेक्निकल ग्लिच या षड्यंत्र? INSIDE STORY | ABPLIVE
दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कहर!
महिलाओं की सुरक्षा पर सख्त CM Yogi, छेड़खानी करने वालों को खुली चेतावनी
क्या 'हिंदू-मुस्लिम' ध्रुवीकरण ही है जीत का नया शॉर्टकट?
क्या BMC चुनाव में नोट बांटे जा रहे?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दुनिया की टॉप-5 नेवी की रैंकिंग जारी, अमेरिका पहले और चीन नंबर-2 पर, भारत-पाकिस्तान की रैंक कर देगी हैरान!
दुनिया की टॉप-5 नेवी की रैंकिंग जारी, US पहले और चीन नंबर-2 पर, भारत-PAK की रैंक कर देगी हैरान!
Weather Update: दिल्ली में कड़ाके की ठंड का डबल अटैक, घना कोहरा-शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें, 615 तक पहुंचा AQI
दिल्ली में कड़ाके की ठंड का डबल अटैक, घना कोहरा-शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें, 615 तक पहुंचा AQI
Dhurandhar BO Day 40: ‘धुरंधर’ ने 40वें दिन फिर मचाया भौकाल, कमाई में दिखाई तेजी, 'स्त्री 2' का तोड़ा ये रिकॉर्ड
‘धुरंधर’ ने 40वें दिन फिर मचाया भौकाल, कमाई में दिखाई तेजी, 'स्त्री 2' का तोड़ा ये रिकॉर्ड
भारत और CSK नहीं, बल्कि इस टीम की ड्रेसिंग रूम मीटिंग में जाने के लिए पैसे देने को तैयार अश्विन
भारत और CSK नहीं, बल्कि इस टीम की ड्रेसिंग रूम मीटिंग में जाने के लिए पैसे देने को तैयार अश्विन
जम्मू के राजौरी में LoC पर फिर दिखे 5 पाकिस्तानी ड्रोन, सुरक्षाबलों ने किया काउंटर अटैक
जम्मू के राजौरी में LoC पर फिर दिखे 5 पाकिस्तानी ड्रोन, सुरक्षाबलों ने किया काउंटर अटैक
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, अमेरिका ने मुस्लिम ब्रदरहुड को घोषित किया आतंकी संगठन, किन देशों को झटका?
ट्रंप का बड़ा फैसला, US ने मुस्लिम ब्रदरहुड को घोषित किया आतंकी संगठन, किन देशों को झटका?
BMC Elections 2026: यह है भारत की सबसे अमीर सिविक बॉडी, जानें करोड़ों के बजट को कैसे खर्च करती है मुंबई की बीएमसी?
यह है भारत की सबसे अमीर सिविक बॉडी, जानें करोड़ों के बजट को कैसे खर्च करती है मुंबई की बीएमसी?
PM किसान योजना की 22वीं किस्त का इंतजार, जानें लिस्ट में कैसे चेक कर सकते हैं अपना नाम?
PM किसान योजना की 22वीं किस्त का इंतजार, जानें लिस्ट में कैसे चेक कर सकते हैं अपना नाम?
Embed widget