BMC Elections 2026: यह है भारत की सबसे अमीर सिविक बॉडी, जानें करोड़ों के बजट को कैसे खर्च करती है मुंबई की बीएमसी?
BMC Elections 2026: बीएमसी भारत की सबसे अमीर म्युनिसिपल बॉडी है. बीएमसी के चुनाव नजदीक हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि यह अपने भारी भरकम बजट को कैसे खर्च करती है?

BMC Elections 2026: बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ना सिर्फ भारत की सबसे अमीर म्युनिसिपल बॉडी है बल्कि देश की सबसे शक्तिशाली लोकल सरकारों में से भी एक है. 15 जनवरी को बीएमसी के चुनाव होने जा रहे हैं. आपको बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बीएमसी ने 74,427 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट पेश किया था. इसी बीच आइए जानते हैं कि बीएमसी करोड़ों के बजट को कैसे खर्च करती है.
कई राज्यों से बड़ा रिकॉर्ड बजट
₹74,427 करोड़ का बजट मुंबई के पैमाने और आर्थिक महत्व को दिखाता है. यह शहर प्रॉपर्टी टैक्स, डेवलपमेंट फीस और म्युनिसिपल निवेश के जरिए भारी रेवेन्यू जेनरेट करता है. इसी वजह से बीएमसी शहर के अंदर लगभग एक राज्य सरकार की तरह ही काम करती है. यहां पर बीएमसी सड़कों और नालियों से लेकर अस्पताल, स्कूल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक सब कुछ मैनेज करती है.
इंफ्रास्ट्रक्चर को सबसे बड़ा हिस्सा
बीएमसी के बजट का एक सबसे बड़ा हिस्सा यानी कि लगभग 58% इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत खर्च के लिए रखा गया है. एक बड़ा हिस्सा सड़कों और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए दिया गया है. वहीं एक और हिस्सा पानी और सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किया गया है. आपको बता दें कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर लगभग ₹5,545 करोड़ और मुंबई के पानी की सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 2,270 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भारी फोकस
सार्वजनिक स्वास्थ्य बीएमसी की मुख्य जिम्मेदारियों में से एक है. कुल बजट का काम से कम 10% स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रखा जाता है. स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ कचरा प्रबंधन एक और बड़ा खर्च है. बीएमसी कचरा इकट्ठा करने, प्रोसेसिंग और लैंडफिल मैनेजमेंट पर सालाना लगभग ₹5,548 करोड़ खर्च करती है.
इतना ही नहीं बल्कि नगर पालिका शिक्षा पर भी काफी ज्यादा निवेश करती है. मुंबई भर में 400 से ज्यादा म्युनिसिपल स्कूल चलाए जाते हैं. फंड का इस्तेमाल स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए किया जाता है. इसी के साथ ट्रांसपोर्टेशन में बीएमसी मुंबई की लाइफ लाइन बस सर्विस BEST को ₹1000 करोड़ की फाइनेंसियल मदद देती है. इसी के साथ बजट का एक बड़ा हिस्सा एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों के लिए रिजर्व रखा जाता है. इसमें बीएमसी के हजारों कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और फायदे शामिल है.
बीएमसी को पैसा कहां से मिलता है?
बीएमसी की फाइनेंसियल ताकत मुख्य रूप से प्रॉपर्टी टैक्स से आती है. इसी के साथ बिल्डर और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट द्वारा दिए जाने वाले डेवलपमेंट चार्ज से भी एक्स्ट्रा इनकम होती है. कॉर्पोरेशन को राज्य और केंद्र सरकार से ग्रांट भी मिलता है.
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