दुनिया के कितने देशों में है भारत-पाकिस्तान जैसी दुश्मनी? एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं करते पसंद
भारत-पाक जैसी कड़वी दुश्मनी दुनिया के कई हिस्सों में मौजूद है. सीमा, सत्ता और विचारधारा की टक्कर कई देशों को सालों से आमने-सामने खड़ा किए हुए है, आइए उन देशों के बारे में जानते हैं.

भारत और पाकिस्तान का नाम आते ही दिमाग में सीमा, युद्ध और कूटनीतिक तनाव की तस्वीर उभरती है, लेकिन क्या ऐसी कड़वी दुश्मनी सिर्फ दक्षिण एशिया तक सीमित है? दुनिया के कई कोनों में ऐसे देश मौजूद हैं जो एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते हैं. कहीं सीमा विवाद है, कहीं विचारधारा की टक्कर, तो कहीं पुराने जख्म आज भी हरे हैं. ऐसे में सवाल यह है कि दुनिया में कितने देश भारत-पाक जैसी तल्ख रिश्तों की मिसाल पेश करते हैं?
दुश्मनी की जड़ सीमा, सत्ता और विचारधारा
जब दो देशों के बीच लंबे समय तक सीमा विवाद, युद्ध या वैचारिक टकराव बना रहता है, तो रिश्ते बेहद कड़वे हो जाते हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच 1947 के बंटवारे के बाद से तीन बड़े युद्ध हो चुके हैं और कश्मीर को लेकर तनाव लगातार बना रहता है. इसी तरह दुनिया के कई और देश भी दशकों से तनाव में जी रहे हैं.
चीन और अमेरिका टकराव की नई धुरी
चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में काफी तनावपूर्ण रहे हैं. व्यापार युद्ध, तकनीकी प्रतिबंध, दक्षिण चीन सागर और ताइवान का मुद्दा दोनों को आमने-सामने खड़ा करता है. अमेरिका ने चीनी टेक कंपनियों पर पाबंदियां लगाईं, तो चीन ने भी जवाबी कदम उठाए. यह दुश्मनी खुली जंग में नहीं बदली, लेकिन रणनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है.
उत्तर और दक्षिण कोरिया
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया तकनीकी रूप से आज भी युद्ध की स्थिति में हैं. 1953 में कोरियाई युद्ध भले ही रुका, लेकिन शांति समझौता कभी नहीं हुआ. दोनों देशों के बीच भारी सैन्य तैनाती है और समय-समय पर मिसाइल परीक्षण हालात को और तनावपूर्ण बना देते हैं.
रूस और यूक्रेन
रूस और यूक्रेन के बीच 2022 से जारी युद्ध ने पूरी दुनिया को हिला दिया है. यूक्रेन में रूसी सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं. यह संघर्ष अब वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है और दोनों देशों के रिश्ते बेहद कटु हो चुके हैं.
ईरान और अमेरिका
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के रिश्ते 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से खराब हैं. परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका ने कई बार प्रतिबंध लगाए हैं. दोनों देशों के बीच सीधा युद्ध नहीं है, लेकिन बयानबाजी और प्रतिबंधों का सिलसिला लगातार चलता रहता है.
इजरायल और ईरान
मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच गहरा अविश्वास है. इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है. दोनों देश सीधे युद्ध में नहीं हैं, लेकिन एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान और परोक्ष कार्रवाइयां जारी रहती हैं.
सूडान और दक्षिण सूडान
सूडान और दक्षिण सूडान 2011 में अलग हुए, लेकिन सीमा और तेल संसाधनों को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है. दोनों देशों के बीच कई बार झड़पें हो चुकी हैं और हालात पूरी तरह सामान्य नहीं कहे जा सकते हैं.
क्या यह दुश्मनी भारत-पाक जैसी है?
हर देश की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन समानता यह है कि जहां सीमा विवाद, राजनीतिक टकराव और ऐतिहासिक जख्म गहरे होते हैं, वहां रिश्ते लंबे समय तक नहीं सुधरते हैं. भारत-पाकिस्तान की तरह इन देशों के बीच भी अविश्वास की दीवार खड़ी है. दुनिया में ऐसे कम से कम आधा दर्जन बड़े उदाहरण हैं, जहां देश दशकों से एक-दूसरे को पसंद नहीं करते हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि कहीं यह तनाव खुली जंग में बदल चुका है, तो कहीं कूटनीतिक लड़ाई तक सीमित है.
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Source: IOCL
























