India Visa: भारत कितने देशों को देता है वीजा फ्री एंट्री, जानें कितने सख्त हैं यहां के कानून?
India Visa: भारत सिर्फ कुछ चुनिंदा देशों को ही वीजा फ्री एंट्री देता है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह और कौन से हैं वे देश.

- नेपाल, भूटान नागरिकों को वीज़ा-मुक्त प्रवेश, जापान आदि को सशर्त।
- भारत संवेदनशील देशों के लिए सख्त सुरक्षा जांच, बायोमेट्रिक्स अनिवार्य।
- वीज़ा उल्लंघन पर भारी जुर्माना, निर्वासन, पंजीकरण आवश्यक होता।
India Visa: भारत की वीजा और इमीग्रेशन व्यवस्था दुनिया की सबसे सख्त व्यवस्थाओं में से एक है. इसमें सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है. अभी सिर्फ दो देशों के नागरिकों को ही भारत में पूरी तरह से वीजा फ्री एंट्री मिलती है. साथ ही तीन दूसरे देशों के नागरिकों को कुछ खास शर्तों के तहत विजा ऑन अराइवल सुविधा का फायदा मिलता है.
सिर्फ दो देशों को वीजा फ्री एंट्री
भारत नेपाल और भूटान के उन नागरिकों को पूरी तरह से वीजा फ्री एंट्री देता है जिनके पास सामान्य पासपोर्ट हैं. इन पड़ोसी देशों के नागरिक पासपोर्ट या फिर नागरिकता प्रमाण पत्र जैसे वैध पहचान दस्तावेज दिखाकर भारत में आ सकते हैं. उन्हें बिना वीजा के भारत में रहने और काम करने की भी अनुमति है.
तीन देशों के लिए वीजा ऑन अराइवल सुविधा
भारत अभी जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों को विजा ऑन अराइवल सुविधा देता है. हालांकि संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक इस सुविधा के लिए तभी पात्र होते हैं जब उन्होंने पहले भारतीय ई वीजा या फिर पेपर वीजा लिया हो. दूसरे देशों के नागरिकों को यात्रा करने से पहले या तो ऑनलाइन ई वीजा के लिए आवेदन करना होगा या फिर भारतीय दूतावास से रेगुलर वीजा लेना होगा.
सुरक्षा जांच सबसे सख्त
भारत विदेशी यात्रियों खासकर सुरक्षा के नजरिए से संवेदनशील माने जाने वाले देशों के आवेदकों के लिए सबसे सख्त बैकग्राउंड वेरीफिकेशन प्रक्रिया अपनाता है. पाकिस्तान, बांग्लादेश या फिर चीनी मूल के नागरिकों के आवेदनों की काफी ज्यादा जांच की जाती है और वीजा देने से पहले गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी लेनी पड़ती है.
इसी के साथ सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत लगभग सभी विदेशी नागरिकों के लिए आगमन पर बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य करता है. पहचान की पुष्टि करने और नकली दस्तावेज या फिर झूठी पहचान का इस्तेमाल करके प्रवेश रोकने के लिए फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन लिए जाते हैं.
वीजा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
जो विदेशी नागरिक अपने वीजा की वैधता के खत्म होने के बाद भी भारत में रहते हैं उन पर काफी ज्यादा आर्थिक जुर्माना लगाया जाता है. गंभीर मामलों में अधिकारी तुरंत देश से निकालने के आदेश भी दे सकते हैं और कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं. इसमें जेल की सजा भी शामिल है. इतना ही नहीं, बल्कि वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है. इससे वे भविष्य में दोबारा भारत में नहीं आ पाएंगे.
रजिस्ट्रेशन और प्रतिबंधित क्षेत्र के नियम
भारत में 180 दिन से ज्यादा समय तक रहने वाले विदेशी नागरिकों को 14 दिन के अंदर स्थानीय फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है. इससे अधिकारियों को लंबे समय तक रहने वाले लोगों पर नजर रखने में मदद मिलती है.
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