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US Iran Conflict: कितने दिन चल सकता है अमेरिका-ईरान युद्ध का दूसरा दौर, जानें ट्रंप के पास कितना वक्त?

US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का दूसरा चरण शुरू हो चुका है. आइए जानते हैं कि यह युद्ध कब तक चल सकता है.

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  • अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा, युद्ध अल्पकालिक रहने की संभावना।
  • होरमुज हमलों से 60-दिवसीय युद्धविराम 21 दिन में खत्म।
  • अमेरिका ईरान सैन्य ढाँचा त्वरित हवाई अभियान से कमजोर करेगा।
  • ट्रंप की राजनीतिक समय-सीमा त्वरित सैन्य कार्रवाई के लिए दबाव।

US Iran Conflict: संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ चुका है. दोनों देशों ने एक दूसरे पर हमला किया है. नए सिरे की दुश्मनी के बावजूद ऐसा कहा जा रहा है कि जंग का यह दूसरा दौर लंबे समय तक नहीं चलेगा. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर संघर्ष का यह दूसरा चरण कितने समय तक चल सकता है और ट्रंप के सामने राजनीतिक समयरेखा क्या होगी.

क्या जंग कुछ ही हफ्तों में खत्म हो सकती है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका का एक और लंबे समय तक चलने वाले सैन्य अभियान में शामिल होने का कोई भी इरादा नहीं है. ट्रंप ने यह संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ कोई भी सैन्य कार्रवाई काफी तेज और निर्णायक होगी. उन्होंने इस बात का विश्वास दिलाया है कि संघर्ष का आखिरी यह चरण काफी जल्दी समाप्त हो जाएगा. 

रणनीतिक रूप से जरूरी  होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाज पर हमलों के बाद 17 जून को फ्रांस के वर्सेल्स में कथित तौर पर 60 दिवसीय युद्ध विराम समझौता सिर्फ 21 दिनों के अंदर खत्म हो जाने के बाद नए सिरे से लड़ाई शुरू हुई है. युद्ध विराम टूटने के बाद ट्रंप ने औपचारिक रूप से इस बात की घोषणा की है कि संघर्ष विराम समाप्त हो गया है. 

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अमेरिका द्वारा कौन सी रणनीति अपनाने की संभावना है? 

टकराव के पहले चरण के दौरान ट्रंप प्रशासन ने कथित तौर पर इस बात का अनुमान लगाया था कि बड़े सैन्य उद्देश्यों को चार से पांच हफ्तों के अंदर हासिल किया जा सकता है. रक्षा विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि मौजूदा रणनीति फिर से लंबे समय तक जमीनी अभियान के बजाय ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को कमजोर करने के उद्देश्य से तेज और गहन हवाई अभियान चलाने पर ही केंद्रित होगी. 

ट्रंप के लिए समय क्यों जरूरी है? 

वाशिंगटन की रणनीति को आकार देने में घरेलू राजनीतिक विचार बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. नवंबर 2026 में होने वाले अमेरिकी मिड टर्म चुनाव के साथ ट्रंप के पास संघर्ष को राजनीतिक दायित्व बनने से रोकने के लिए एक सीमित समय है. लंबे समय तक चलने वाला युद्ध वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को और भी ज्यादा बढ़ा सकता है. हाल ही में हुए हमलों के बाद तेल की कीमतें पहले ही तेजी से बढ़ी हैं. ईंधन की ऊंची कीमतें और जीवन यापन की बढ़ती लागत मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं और साथ ही चुनाव से पहले पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौतियां पैदा कर सकती हैं.


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स्पर्श गोयल एबीपी लाइव के साथ कंटेंट राइटर के तौर पर जुड़े हुए हैं. वह जनरल नॉलेज बीट की जिम्मेदारी संभालते हैं. कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में उन्हें चार साल का अनुभव है. एबीपी से पहले वह डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद में करीब दो साल तक काम कर चुके हैं. उन्होंने नमस्कार भारत से अपने करियर की शुरुआत की थी. .

वह अलग-अलग विषयों पर रिसर्च करके पाठकों के लिए जानकारी को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण अंदाज में पेश करते हैं. उन्होंने न्यूज राइटिंग के साथ-साथ स्क्रीनराइटिंग में भी अपनी पकड़ मजबूत की.

उन्होंने मां शाकुम्भरी यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. इसके साथ उन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन से स्क्रीनप्ले का डिप्लोमा भी हासिल किया है.

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