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कैसी होती है 14 कैरेट की ज्वेलरी, कितना बदल जाता है सोने का रंग? 

14 कैरेट सोने में लगभग 58.5% शुद्ध सोना और बाकी 41.5% तांबा, चांदी, जिंक और निकल जैसी धातुएं होती हैं. इन धातुओं का उद्देश्य सोने को मजबूत बनाने के साथ ही पहनावे के लिए टिकाऊ बनाना भी होता है.

भारत में सोना निवेश का सबसे बड़ा और सुरक्षित विकल्प माना जाता है. साथ ही भारत में शादी विवाह और सामाजिक प्रतिष्ठा का भी यह अहम हिस्सा होता है. वहीं किसी भी ज्वेलरी को खरीदते समय सबसे पहले सवाल यह ही उठता है कि सोना कितना शुद्ध है. वहीं सोने की शुद्धता की इकाई कैरेट में मापी जाती हैं. इसमें 24 कैरेट सोना 100 प्रत‍िशत शुद्ध सोना होता है. इसके बाद जैसे-जैसे कैरेट की संख्या कम होती है सोने में दूसरी धातुएं मिलाई जाने लगती है. यही कारण है कि 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड में मजबूती, टिकाऊपन और रंग में फर्क देखने को मिलता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 14 कैरेट की ज्वेलरी कैसी होती है और 14 कैरेट की ज्वेलरी में सोने का रंग कितना बदल जाता है. 

14 कैरेट की ज्वेलरी का रंग और बनावट

14 कैरेट सोने में लगभग 58.5 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है. वहीं बाकी 41.5प्रतिशत   में तांबा, चांदी, जिंक और निकल जैसी धातुएं मिलाई जाती है. इन धातुओं का उद्देश्य केवल सोने को मजबूत बनाना ही नहीं बल्कि से रोजमर्रा के पहनावे के लिए टिकाऊ और आकर्षक बनाना भी होता है. वहीं 14 कैरेट सोने में मिलाई गई धातु है, इसकी बनावट और रंग में भी बदलाव लाती है. जिससे ज्वेलरी अलग-अलग स्टाइल और पसंद के अनुसार तैयार की जा सकती है.  14 कैरेट सोने की ज्वेलरी आमतौर पर 22 और 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी से थोड़ी हल्की-धुंधली दिखाई देती है. लेकिन डेली वि‍यर के हिसाब से 14 कैरेट गोल्ड की ज्वेलरी को सबसे अच्छा ऑप्शन माना जाता है. 14 कैरेट सोने से आमतौर पर रिंग, नेकलेस और ब्रेसलेट जैसी डेली वि‍यर वाली ज्वेलरी बनाई जाती है. इसके अलावा  14 कैरेट सोने की ज्वेलरी का रंग थोड़ा डल और हरा होता है. जब 14 कैरेट  और 18 कैरेट ज्वैलरी को पास में रखा जाए तो अंतर साफ दिखाई देता है, लेकिन फ‍िर भी 14 कैरेट ज्वैलरी भी अपनी खूबसूरती और सोने जैसा प्रभाव बनाए रखती है. 

क्यों बदलता है रंग?

14 कैरेट गोल्ड में तांबे जैसी धातु होने की वजह से यह ऑक्सीकरण के कारण थोड़ा डल और हरा रंग का हाे जाता है. वहीं हवा, नमी, पसीना और घर पर क्लीनिंग के प्रोडक्ट इसकी चमक को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए 14 कैरेट की ज्वेलरी पहनने के बाद उसे साफ करना और सुरक्षित जगह पर रखना भी जरूरी होता है. वहीं 14 कैरेट में कई अन्य धातु मिक्स होने की वजह से यह मजबूत और टिकाऊ होती है. अन्य धातु के मिश्रण से ये डेली लाइफ में पहनने वाली ज्वेलरी के ल‍िए अच्‍छी होती है, वहीं 14 कैरेट की तुलना में 24 कैरेट सोना काफी मुलायम होता है. जिसके कारण उससे रोजमर्रा के जीवन में पहनने वाली ज्वेलरी बनाना काफी मुश्किल होता है.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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