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व्हाइट हाउस जैसा घर बनाने में कितना आएगा खर्च? जानिए सरिए सीमेंट का पूरा हिसाब किताब

अपने सपनों का लग्जरी घर कौन नहीं बनवाना चाहता है, लेकिन आपने कभी सोचा है कि अगर कोई व्हाइट हाउस की तर्ज पर घर बनाने के बारे में सोचे तो उसको कितना खर्चा होगा, चलिए यहां समझते हैं.

अपने सपनों का खूबसूरत आशियाना हर कोई बनाना चाहता है, जो कि दिखने में किसी भव्य महल से कम न लगे. जब भी आलीशान बिल्डिंग्स की बात होती है तो सबसे पहला नाम अमेरिका के व्हाइट हाउस का सामने आता है. सफेद संगमरमर जैसी चमक, बड़े-बड़ खंभे और शाही बनावट वाली यह बिल्डिंग इतनी आकर्षक है कि जो इसे देखता है, वो देखता ही रह जाता है. लेकिन सोचिए कि अगर कोई शख्स एकदम हूबहू व्हाइट हाउस के जैसा घर बनाना चाहता हो तो आखिर कितना खर्चा होगा.

इस वक्त लग्जरी कंस्ट्रक्शन का क्या है रेट?

अगर हम अमेरिका के व्हाइट हाउस की बात करें तो वह पूरे 16 एकड़ में फैला है. उसका कुल निर्माण क्षेत्र लगभग 55,000 स्क्वायर फीट का है. अगर आप भारत में हूबहू उसी के जैसा विशाल ढांचा बनाना चाहते हैं तो सिर्फ ढांचे के निर्माण में ही 15 से 20 करोड़ या उससे ज्यादा का खर्चा हो सकता है. लेकिन अगर आप किसी बड़े से प्लॉट पर व्हाइट हाउस के बाहरी लुक यानी उसके नियोक्लासिकल आर्किटेक्चर, भव्य पिलर्स और सफेद रंग की तर्ज पर 5000 स्क्वायर फीट का एक बंगला तैयार करवाते हैं, तो सिर्फ मुख्य निर्माण जैसे कि कॉलर, बीम, फिनिशिंग और पेंट में ही करीब डेढ़ से तीन करोड़ रुपये खर्चा हो सकते हैं. 

बुनियादी ढांचे के लिए कितनी होगी प्रति स्क्वायर फीट कॉस्ट?

भारतीय कंस्ट्रक्शन सेक्टर में सामान्य घरों की तुलना में लग्जरी विला बनाने में करोड़ों रुपये का खर्चा आता है. जहां साधारण मकान 1500 से 2000 रुपये प्रति वर्ग फीट में तैयार हो जाते हैं, वहीं व्हाइट हाउस की तरह से यूनिक डिजाइन और खूबसूरत नक्काशी वाल प्रीमियम बंगले की लागत 3500 से 5000 रुपये स्क्वायर फीट से भी ज्यादा हो सकती है. इस तरीके की शाही बिल्डिंग में सिर्फ ढांचा खड़ा करना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि इसके बाद फिनिशिंग, फ्रंट एलिवेशन, बड़े-बड़े पिलर्स, और विशाल गुंबद को बनाने में बहुत कुशल कारीगर और महंगे आर्किटेक्ट्स की जरूरत होती है, क्योंकि हर कोई इतना बारीक और बेहतरीन काम नहीं कर सकता है.

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फाउंडेशन और मजबूत ढांचे के लिए सरिए की कीमत

आलीशान और ऊंची इमारत का मजबूत रहना बहुत जरूरी होता है, नहीं तो प्राकृतिक आपदा में उसके ढहने का भी डर होता है. ऐसे में लोहे के सरिए बिल्डिंग को मजबूती देने का काम करते हैं. 1000 स्क्वायर फीट के एक हिस्से को तैयार करने में लगभग 3000 से 3500 किलोग्राम सरिए की जरूरत पड़ती है. इस वक्त अच्छे ब्रांड के सरिए की कीमत 60 से 75 रुपये प्रति किलोग्राम चल रही है. इस हिसाब से देखें तो इस बिल्डिंग के लिए सिर्फ सरिया खरीदने में ही ढाई से तीन लाख रुपये लग सकते हैं.

सीमेंट का बजट

मजबूत बुनियाद, छत की ढलाई, दीवारों पर प्लास्टर के लिए सीमेंट की सही मात्रा और अच्छी क्वालिटी की जरूरत होती है. अगर 1000 स्क्वायर फीट के मकान की बात करें तो इसमें कुल निर्माण के लिए आपको करीब 350 से 400 बैग सीमेंट लगती है. बाजार में इस वक्त अच्छे ब्रांड की सीमेंट 50 किलो की बोरी की कीमत 350 रुपये से 400 रुपये के बीच चल रही है. इस आधार पर इस आलीशान निर्माण में सिर्फ सीमेंट  की बोरियों की लागत करीब 1.4 से 2 लाख के आसपास बैठता है.

ईंट, बालू, गिट्टी और मजदूरी का गणित

ढांचे को आकार देने के लिए 6 से 8 रुपये प्रति ईंट के भाव चल रहे हैं. ऐसे में घर को बनाने में 15,000 से 20,000 के करीब ईंट लग सकती हैं, जिसका कुल खर्चा 1.5 से दो लाख के आसपास आ सकता है. वहीं 45 से 60 प्रति घन फीट के हिसाब से बालू और मौरंग पर 1.2 लाख से 1.8 लाख रुपये, गिट्टी, टाइल्स या फिर मार्बल के लिए अलग से 10 से 15 लाख रुपये, राजमिस्त्री और लेबर का चार्ज 200 से 300 प्रति वर्ग स्क्वायर फीट 2-3 लाख रुपये होता है. व्हाइट हाउस जैसा लुक देने, बाहरी खंभों और सफेद पेंट पर खास काम करना होता है, जो कि कुल बजट को 20 से 30 प्रतिशत बढ़ाता है. ऐसे में कुल मिलाकर आपको करोड़ों रुपया बजट लेकर चलना होगा, जितना आलीशान घर होता जाएगा, कीमत उतनी बढ़ती चली जाएगी.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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