एक्सप्लोरर

इस देश में खाया जाता है घोड़े का मांस, वजह जानकर नहीं होगा यकीन?

Horse Meat: दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां पर घोड़ों का मांस खाया जाता है. आइए जानते हैं कौन से हैं वे देश और आखिर घोड़े का मांस खाने के पीछे क्या वजह है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • फ्रांस में युद्धकाल में कमी के कारण घोड़े का मांस प्रचलित हुआ।

Horse Meat: कजाकिस्तान, मंगोलिया, जापान और फ्रांस तथा दुनिया भर के कई देशों में घोड़े का मांस बड़े चाव से खाया जाता है. हालांकि दुनिया के कई हिस्सों में घोड़े का मांस खाना असामान्य या फिर अजीब लग सकता है लेकिन इन देशों में इसकी गहरी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक जड़ है. जमा देने वाली सर्दी से बचने के लिए और साथ ही युद्ध के मैदान की जरूरत के लिए घोड़े का मांस खाया जाता है. 

कजाकिस्तान 

कजाकिस्तान घोड़े के मांस के दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है. घोड़े का मांस पारंपरिक व्यंजन में एक जरूरी स्थान रखता है. देश की कठोर सर्दी, जब तापमान शून्य से काफी नीचे गिर सकता है, एक बड़ी वजह है कि स्थानीय लोग पारंपरिक रूप से इसे गर्म करने वाले और ऊर्जा से भरपूर भोजन के रूप में महत्व देते हैं. 

घोड़े का मांस कजाकिस्तान की खानाबदोश विरासत से भी जुड़ा हुआ है. सदियों से घोड़े न सिर्फ परिवहन और युद्ध के लिए बल्कि भोजन और अस्तित्व के स्रोत के रूप में भी जरूरी थे. खानाबदोश समुदाय दूध, मांस और रफ्तार के लिए घोड़े पर निर्भर थे.

कुमिस, घोड़ी के दूध से बना एक पारंपरिक फर्मेंटेड ड्रिंक, कजाख खाद्य संस्कृति का एक जरूरी हिस्सा बना हुआ है. घोड़े के मांस के सॉसेज भी काफी मशहूर हैं. 


इस देश में खाया जाता है घोड़े का मांस, वजह जानकर नहीं होगा यकीन?

जापान 

जापान में घोड़े के मांस की काफी अलग छवि होती है. कच्चे घोड़े का मांस जिसे बसशी के नाम से जाना जाता है एक स्वादिष्ट व्यंजन माना जाता है और अक्सर इसे एक प्रीमियम व्यंजन के रूप में भी परोसा जाता है. अपने खास हल्के गुलाबी रंग की वजह से घोड़े के मांस को सकुरा निकु के नाम से भी जाना जाता है. इसका मतलब होता है चेरी ब्लॉसम मांस. यह खास रूप से जापान के कुछ हिस्सों में पाक परंपराओं से जुड़ा हुआ है और इसे सीजनिंग और डिपिंग सॉस के साथ पतले टुकड़ों में परोसा जा सकता है.   

फ्रांस 

फ्रांस में घोड़े के मांस की खपत का इतिहास आंशिक रूप से युद्ध और कमी के समय से जुड़ा हुआ है. एक मशहूर कहानी नेपोलियन के युद्ध और 1807 में ईलाऊ की लड़ाई से आती है. उस वक्त फ्रांस सैनिकों को भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ा था.

ऐतिहासिक वृतांत के मुताबिक भुखमरी से बचने के लिए सैनिकों को युद्ध के दौरान मारे गए घोड़ों को पकाने और खाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था. खाना पकाने के सीमित उपकरण मौजूद होने की वजह से मांस को कथित तौर पर सैनिकों की लोहे की ढ़ालों का इस्तेमाल करके भुना गया था. 

जो चीज जीवित रहने लायक एक उपाय के रूप में शुरू हुई वह धीरे-धीरे यूरोप खासकर फ्रांस के कुछ हिस्सों में खाद्य संस्कृति से भी जुड़ गई. घोड़े का मांस बाद में व्यावसायिक रूप से बेचा गया और फ्रांसीसी व्यंजनों के कुछ वर्गों में काफी ज्यादा स्वीकार्य हो गया. 


इस देश में खाया जाता है घोड़े का मांस, वजह जानकर नहीं होगा यकीन?

युद्ध और आर्थिक संकट के दौरान घोड़े का मांस

पश्चिमी देशों में घोड़े के मांस को हमेशा असामान्य नहीं माना जाता था. प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, साथ ही गंभीर आर्थिक कठिनाई के समय के दौरान कमी की वजह से गोमांस और चिकन जैसे सामान्य मांस को प्राप्त करना मुश्किल या महंगा हो गया था. 

ब्रिटेन, जर्मनी और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित देश में गरीब समुदाय कभी-कभी प्रोटीन के किफायती स्रोत के रूप में घोड़े के मांस की तरफ रुख करते हैं. पाक संबंधी प्राथमिकता के बजाय आर्थिक जरूरत, अक्सर इसके उपभोग की मुख्य वजह थी.

यह भी पढ़ेंः सूडान में इतना सोना फिर भी सोने के लिए जंग क्यों, जानें क्या है वजह?

घोड़े के मांस का दुनिया भर में अलग-अलग मतलब 

घोड़े के मांस की कहानी से पता चलता है कि भोजन की आदत भूगोल, इतिहास और संस्कृति से कैसे आकार लेती हैं. कजाकिस्तान में, यह खानाबदोश परंपराओं और कठोर जलवायु में जीवित रहने से निकटता से जुड़ा हुआ है. जापान में यह एक प्रीमियम पाक अनुभव के रूप में विकसित हुआ है, इसी के साथ फ्रांस में इसका इतिहास आंशिक रूप से युद्धकालीन कमी से जुड़ा हुआ है.

यह भी पढ़ेंः क्या छिन जाती है हेल्पर से काम कराने वाले सरकारी कर्मचारियों की नौकरी? जानें नियम

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

UPSC की तैयारी के लिए कितने साल का करेंट अफेयर्स पढ़ें? जानें आसान टिप्स
UPSC की तैयारी के लिए कितने साल का करेंट अफेयर्स पढ़ें? जानें आसान टिप्स
साड़ी का बिजनेस शुरू करना है? सूरत के किन बाजारों में मिलता है सही भाव
साड़ी का बिजनेस शुरू करना है? सूरत के किन बाजारों में मिलता है सही भाव
भारतीय पासपोर्ट के साथ जर्मनी में लंबे समय से कैसे रह रहे ध्रुव राठी? जानें नियम
भारतीय पासपोर्ट के साथ जर्मनी में लंबे समय से कैसे रह रहे ध्रुव राठी? जानें नियम
पृथ्वी पर नहीं बनती तो कहां से आई चांदी, क्या यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी?
पृथ्वी पर नहीं बनती तो कहां से आई चांदी, क्या यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी?
Advertisement

वीडियोज

कैमरे पर हुस्न की खतरनाक 'जादूगर'!
दिल्ली पुलिस अलर्ट, 'कॉकरोचों' की धरपकड़
प्रदर्शन पर अंकुश...जरूरी या पुलिस निरंकुश?
SC ने क्यों दिखाई सख्ती?
सड़क पर तकरार...खामोश ज्ञानेश कुमार!
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली में आंधी-बारिश, यूपी-बिहार समेत अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम, जानें चेतावनी
दिल्ली में आंधी-बारिश, यूपी-बिहार समेत अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम, जानें चेतावनी
यूपी में सीट बंटवारा: अनुप्रिया पटेल ने इस सीटों पर किया दावा, सियासी हलचल तेज
यूपी में सीट बंटवारा: अनुप्रिया पटेल ने इस सीटों पर किया दावा, सियासी हलचल तेज
CJI सूर्यकांत ने राहुल-खरगे से मिलने से क्यों किया इनकार? सामने आए ये चार बड़े कारण
CJI सूर्यकांत ने राहुल-खरगे से मिलने से क्यों किया इनकार? सामने आए ये चार बड़े कारण
पाकिस्तान ने श्रीलंका को रुलाया, 21 साल के प्लेयर ने ठोके 96 रन, काटा बवाल
पाकिस्तान ने श्रीलंका को रुलाया, 21 साल के प्लेयर ने ठोके 96 रन, काटा बवाल
'प्यारे पा- दादाजी...' ऐश्वर्या राय ने खास अंदाज में ससुर अमिताभ बच्चन को बर्थडे किया विश, आराध्या संग शेयर की अनसीन तस्वीर
'प्यारे पा- दादाजी...' ऐश्वर्या राय ने खास अंदाज में ससुर अमिताभ बच्चन को बर्थडे किया विश
इंडिया गठबंधन के मार्च पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, 'लोग NDA-BJP…'
इंडिया गठबंधन के मार्च पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, 'लोग NDA-BJP…'
'यूक्रेन में राष्ट्रपति बदले', ट्रंप के बोलते ही जेलेंस्की ने रख दी शर्त, बोले- '60 दिनों का...'
'यूक्रेन में राष्ट्रपति बदले', ट्रंप के बोलते ही जेलेंस्की ने रख दी शर्त, बोले- '60 दिनों का...'
कैप्टन स्मित मच्छार के फैन हुए इजराइली सिंगर, गाया हनुमान चालीसा
कैप्टन स्मित मच्छार के फैन हुए इजराइली सिंगर, गाया हनुमान चालीसा
Embed widget