Holi in Pakistan: क्या पाकिस्तान में भी मनाई जाती है होली, कहां होता है सबसे बड़ा फेस्टिवल?
Holi in Pakistan: भारत के साथ पाकिस्तान में भी होली मनाई जाती है. आइए जानते हैं कि पाकिस्तान में कहां पर यह त्योहार सबसे ज्यादा मनाया जाता है.

Holi in Pakistan: होली को भारत में रंगों के त्योहार के रूप में जाना जाता है. यह त्योहार खुशी, नई शुरुआत और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. सीमा पार पाकिस्तान में भी यह त्योहार हर साल हिंदू समुदाय द्वारा मनाया जाता है. आइए जानते हैं पाकिस्तान में कहां पर होली का सबसे बड़ा जश्न मनाया जाता है.
पाकिस्तान में होली का जश्न
पाकिस्तान में भी होली मनाई जाती है खासकर सिंध में. यह त्योहार आमतौर पर मार्च की शुरुआत में आता है. इस साल होली 4 मार्च को मनाई जा रही है. अल्पसंख्यक त्योहार होने के बावजूद भी होली को उत्साह, पारंपरिक रीति रिवाज और समुदाय की मजबूत भागीदारी के साथ मनाया जाता है. इतना ही नहीं बल्कि सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन का भी समर्थन मिलता है.
कराची में सबसे बड़ा होली उत्सव
पाकिस्तान में सबसे बड़ा होली उत्सव कराची में होता है. इन समारोह का मुख्य केंद्र ऐतिहासिक श्री स्वामीनारायण हिंदू मंदिर है. यहां हर साल सैकड़ो भक्त इकट्ठा होते हैं. त्योहार की शुरुआत होलिका दहन से होती है जिसके बाद रंगों से खेलना, भक्ति गीत, नृत्य और सामुदायिक दावतें होती हैं. कराची की होली इस वजह से खास है क्योंकि इसमें शहर के अलग-अलग हिस्सों के लोग शामिल होते हैं.
सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक
सिंध में मीठी शहर को अक्सर हिंदू मुस्लिम एकता के मॉडल के रूप में जाना जाता है. यहां पर हिंदू बहुसंख्यक हैं और होली को सिर्फ एक धार्मिक आयोजन के रूप में नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक त्योहार के रूप में मनाते हैं. मुस्लिम निवासी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और मटकी फोड़ जैसी पारंपरिक गतिविधियों में शामिल होते हैं.
मुल्तान और होली की प्राचीन जड़े
मुल्तान में भी होली का गहरा ऐतिहासिक महत्व है. परंपरा के मुताबिक ऐसा माना जाता है कि इस त्योहार की शुरुआत प्राचीन मुल्तान के प्रहलाद पुरी मंदिर से हुई थी. पौराणिक कथा इस स्थान को प्रहलाद और भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की कहानी से जोड़ती है. हालांकि आज यह मंदिर खंडहर हो चुका है लेकिन होली से इसका संबंध क्षेत्र के प्राचीन विरासत के हिस्से के रूप में याद किया जाता है.
दूसरे शहरों में होली का जश्न
कराची, मीठी और मुल्तान के अलावा लाहौर, रावलपिंडी और बलूचिस्तान के हिंदू बहुल इलाकों में भी होली मनाई जाती है. भले ही पैमाना काफी छोटा हो लेकिन गुलाल लगाना, गाना, नाचना और मिठाइयां बांटना जैसे रीति रिवाज जश्न का एक बड़ा हिस्सा बने रहते हैं.
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Source: IOCL


























