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Flying Snakes: जमीन‌ पर रेंगने वाले सांपों से कितने खतरनाक उड़ने वाले सांप, जानें इनमें कितना‌ होता है जहर?

Flying Snakes: जमीन पर रहने वाले सांपों के साथ-साथ कुछ उड़ने वाले सांप भी होते हैं. आइए जानते हैं कि वह कितने खतरनाक होते हैं.

Flying Snakes: उड़ने वाले सांप अक्सर हवा में  ग्लाइड करने की अपनी अजीब क्षमता की वजह से डर पैदा करते हैं. लेकिन वैज्ञानिक रूप से जमीन पर रहने वाले कई जहरीले सांपों की तुलना में वे काफी कम खतरनाक होते हैं. यह सांप जो क्राइसोपेलिया जीनस के हैं मुख्य रूप से दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में पाए जाने वाले पेड़ पर रहने वाले सरीसृप हैं. 

जहर की शक्ति और मनुष्यों पर इसका असर 

उड़ने वाले सांपों को हल्के जहरीले सांपों के रूप में पहचाना जाता है. उनका जहर मुख्य रूप से छिपकली, मेंढक, पक्षी और चमगादड़ जैसे छोटे शिकार को स्थिर करने के लिए बनाया गया है. इंसानों में उनके काटने से आमतौर पर सिर्फ हल्के लक्षण होते हैं. जैसे दर्द, हल्की सूजन या फिर अस्थायी जलन. ज्यादा जहरीले  सांपों के उलट उनके जहर को  जानलेवा पर नहीं माना जाता.

दांतों की संरचना खतरा कम करती है 

उड़ने वाले सांपों के कम खतरनाक होने की बड़ी वजह उनके पीछे के दांतों की संरचना है. उनके जहरीले दांत मुंह के पिछले हिस्से में होते हैं. इससे उनके लिए बड़े जानवर या फिर मनुष्यों में प्रभावी ढंग से जहर डालना मुश्किल हो जाता है. जहर पहुंचाने के लिए सांप को आमतौर पर मजबूती से काटना और चबाना पड़ता है.

जमीनी सांपों से तुलना 

जमीन पर रहने वाले सांप जैसे की कोबरा और रसेल वाइपर में सामने के दांतों वाली जहर प्रणाली होती है. यह शक्तिशाली जहर को तेजी से डालने में मदद करती है. उनके टॉक्सिन कुछ ही मिनटों में तंत्रिका तंत्र, खून के थक्के या फिर जरूरी अंगों को प्रभावित कर सकते हैं. इन प्रजातियों की तुलना में उड़ने वाले सांपों के जहर की शक्ति काफी कम होती है.

कैसे उड़ते हैं सांप?

उड़ने वाले सांप असल में उड़ते नहीं हैं. वे अपने शरीर को चपटा करके और हवा के प्रतिरोध का इस्तेमाल करके एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर ग्लाइड करते हैं. इससे वे 100 मीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकते हैं.  इस क्षमता का इस्तेमाल मुख्य रूप से शिकारियों से बचने या फिर पेड़ों के बीच घूमने के लिए किया जाता है. उड़ने वाले सांप मनुष्य के लिए काफी कम खतरा पैदा करते हैं. ज्यादातर उनके काटने पर कोई गंभीर समस्या पैदा नहीं होती. बल्कि जमीन पर रहने वाले जहरीले सांप ज्यादा खतरनाक होते हैं.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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