एक्सप्लोरर

कितना पुराना है आपके टूथपेस्ट का इतिहास, जानें किस जानवर की हड्डी-बालों से बना था पहला टूथब्रश?

टूथपेस्ट का सफर प्राचीन मिस्र की राख और खुरों से शुरू होकर आज के फ्लोराइड युक्त जेल तक पहुंचा है. 5000 साल पहले लोग दांतों की चमक के लिए अलग-अलग नुस्खों का इस्तेमाल करते थे.

क्या आपने कभी सोचा है कि जिस टूथपेस्ट से आप अपने दिन की शुरुआत करते हैं, उसका इतिहास कितने हजारों साल पुराना है? आज हम जिस मलाईदार पेस्ट का उपयोग करते हैं, वह कभी ममी बनाने वाले मिस्रवासियों की प्रयोगशाला में बैल के खुरों और अंडे के छिलकों से तैयार किया जाता था. प्राचीन सभ्यताओं से लेकर मॉडर्न कोलगेट तक, दांतों की सफाई का यह सफर जितना अजीब है, उतना ही दिलचस्प भी है. आइए जानते हैं कि कैसे एक कचरा समझी जाने वाली राख आज करोड़ों रुपये के ओरल हाइजीन उद्योग में तब्दील हो गई.

मिस्र के ममी बनाने वाले कारीगरों की पहली खोज

टूथपेस्ट का इतिहास लगभग 5000 ईसा पूर्व प्राचीन मिस्र से शुरू होता है. मिस्र के लोग अपनी सुंदरता को लेकर काफी सजग थे और वे नहीं चाहते थे कि गंदे दांतों की वजह से उनकी मुस्कान खराब दिखे. इंडियाना यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ डेंटिस्ट्री के शोध के अनुसार, मिस्रवासियों ने दांत साफ करने के लिए एक पाउडर तैयार किया था. दिलचस्प बात यह है कि इस पाउडर में वे उन चीजों को मिलाते थे जिन्हें आज हम कचरा समझकर फेंक देते हैं, जैसे बैल के खुरों की राख, जले हुए अंडे के छिलके और गंधरस.

यूनानी और रोमन सभ्यता में पाउडर का विकास

मिस्र के बाद यूनानियों और रोमनों ने इस फॉर्मूले को और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की. उन्होंने इसमें घर्षण पैदा करने के लिए कुचली हुई हड्डियां और सीप के खोल जैसी चीजें मिलाईं. रोमन लोग अपनी सांसों की बदबू दूर करने के लिए इसमें कुछ विशेष जड़ी-बूटियां भी डालते थे. हालांकि, यह मिश्रण आज के पेस्ट जैसा नहीं था, बल्कि एक खुरदरा पाउडर था जिसे उंगलियों या कपड़े की मदद से दांतों पर रगड़ा जाता था ताकि पीलापन दूर हो सके.

मध्यकाल और घर में बनने वाले नुस्खे

सदियों बाद भी जब टूथपेस्ट का व्यावसायिक उत्पादन शुरू नहीं हुआ था, लोग अपने घरों में ही इसे तैयार करते थे. ‘द प्रैक्टिकल हाउसवाइफ’ जैसी पुरानी किताबों में टूथपेस्ट बनाने के कई अजीबोगरीब तरीके मिलते हैं. उस समय पिसा हुआ चारकोल (कोयला), चाक, लैवेंडर का तेल और पेरू की छाल को मिलाकर मंजन बनाया जाता था. 18वीं शताब्दी के दौरान अमेरिका और ब्रिटेन में तो जली हुई रोटी के टुकड़ों से भी दांत साफ करने का रिवाज था, जो सुनने में काफी अजीब लगता है.

कोलगेट और आधुनिक टूथपेस्ट का उदय

1873 में अमेरिकी कंपनी कोलगेट ने पहली बार आधुनिक टूथपेस्ट का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया. शुरुआत में यह पेस्ट ट्यूब में नहीं, बल्कि कांच के जार में आता था. 19वीं सदी के अंत तक बाजार में टूथपेस्ट उपलब्ध हो गए थे, लेकिन प्रथम विश्व युद्ध तक लोग टूथपाउडर का ही अधिक इस्तेमाल करते थे. इसके बाद वैज्ञानिक विलॉबी डी. मिलर और न्यूवेल सिल जेनकिंस ने मिलकर कीटाणुनाशक युक्त पहला पेस्ट तैयार किया, जिसने संक्रमण और कीड़ों से लड़ने में मदद की.

फ्लोराइड का दौर और विज्ञापन क्रांति

20वीं सदी के मध्य में टूथपेस्ट में फ्लोराइड मिलाना अनिवार्य कर दिया गया. अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन (ADA) की स्वीकृति के लिए आज भी फ्लोराइड एक महत्वपूर्ण पैमाना है. विज्ञापनों ने भी इसकी लोकप्रियता में बड़ी भूमिका निभाई. आज कई शहरों में तो पीने के पानी में भी फ्लोराइड मिलाया जाता है ताकि दांतों की सेहत बनी रहे.

पेड़ की टहनियों से बना पहला टूथब्रश

टूथपेस्ट की तरह ही टूथब्रश का इतिहास भी बहुत पुराना है. 3000 ईसा पूर्व के आसपास लोग पेड़ की पतली टहनियों को चबाकर ब्रश की तरह इस्तेमाल करते थे. इसे 'चू स्टिक' कहा जाता था. 1600 ईसा पूर्व में चीनी लोगों ने खुशबूदार पेड़ों की डालियों का उपयोग शुरू किया ताकि सांसें महकें. यह भारत में इस्तेमाल होने वाले दातून जैसा ही था, जो दांतों की सफाई के साथ-साथ मसूड़ों को भी मजबूत करता था.

सूअर के बालों से बना आधुनिक ब्रश

ब्रश के आधुनिक स्वरूप का श्रेय चीन के मिंग वंश के राजा होंगझी को जाता है. साल 1498 में उन्होंने सूअर के सख्त बालों को एक हड्डी या लकड़ी के हत्थे पर लगाकर पहला ब्रिसल वाला ब्रश बनाया था. यह डिजाइन इतना सफल रहा कि पूरी दुनिया में फैल गया. 

यह भी पढ़ें: भारत में कितने तरह के होते हैं पेट्रोलियम पदार्थ, उनका कहां-कहां और कितना होता है इस्तेमाल?

About the author निधि पाल

निधि पाल एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. ये यहां पर जीके सेक्शन की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं. पिछले 7 साल से पत्रकारिता की दुनिया में कार्यरत निधि पाल ने इससे पहले अमर उजाला डिजिटल, न्यूज 24, ईटीवी भारत हैदराबाद जैसे बड़े संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है.

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने आईआईएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन लखनऊ से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अपनी सेना पर कितना खर्च करते हैं भारत और चीन? अरुणाचल तनाव के बीच जानें जवाब
अपनी सेना पर कितना खर्च करते हैं भारत और चीन? अरुणाचल तनाव के बीच जानें जवाब
एक भी जंग न हारने वाले बाजीराव पेशवा पर कितना था उधार, कहां से लिया था कर्ज?
एक भी जंग न हारने वाले बाजीराव पेशवा पर कितना था उधार, कहां से लिया था कर्ज?
बंगाल की खाड़ी में क्यों आते हैं भयानक तूफान, अक्टूबर-नवंबर में ही कैसे बढ़ता है खतरा?
बंगाल की खाड़ी में क्यों आते हैं भयानक तूफान, अक्टूबर-नवंबर में ही कैसे बढ़ता है खतरा?
दुनिया की सबसे कड़क शराब में 96% अल्कोहल, क्या इसे सीधे पी सकते हैं?
दुनिया की सबसे कड़क शराब में 96% अल्कोहल, क्या इसे सीधे पी सकते हैं?

वीडियोज

Sansani: चाची के गहने...भतीजे की थार..गुप्त खेल का खुलासा ! Special Report। ABP News
MLC Election Results: काउंटिंग के बीच पुलिस से भिड़े सपा कार्यकर्ता | Bihar | Congress | NDA | JDU
UP MLC Election Result News: UP में इन सीटों पर BJP की जीत | Uttar Pradesh | Breaking | SP | ABP
Bharat Ki Baat: SIR संग्राम का 'दिवाली धमाका' बाकी! | Gyanesh Kumar | Supreme Court | Rahul Gandhi
Sandeep Chaudhary: CEC पर कब थमेगा घमासान? SIR का सटीक विश्लेषण!| Rahul | Akhilesh Yadav | MLC

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'महादेव किसी पार्टी के नहीं', त्रिपुंड तिलक पोस्ट पर शिवराज सिंह चौहान का तंज
'महादेव किसी पार्टी के नहीं', त्रिपुंड तिलक पोस्ट पर शिवराज सिंह चौहान का तंज
UP MLC Election Results 2026 Live: वाराणसी की दूसरी सीट पर भी सपा जीतेगी? अखिलेश के प्रत्याशी बदलेगें काशी का गणित
Live: वाराणसी की दूसरी सीट पर भी सपा जीतेगी? अखिलेश के प्रत्याशी बदलेगें काशी का गणित
MLC Election Winner List: MLC चुनाव की 28 सीटों में कौन, कहां जीता, पढ़ें पूरी लिस्ट
MLC Election Winner List: MLC चुनाव की 28 सीटों में कौन, कहां जीता, पढ़ें पूरी लिस्ट
आयुष्मान खुराना की 'उड़ता तीर' की 5वें दिन घटी कमाई, लेकिन 'पेद्दी' का तोड़ दिया रिकॉर्ड
'उड़ता तीर' की 5वें दिन घटी कमाई, लेकिन 'पेद्दी' का तोड़ दिया रिकॉर्ड
WPL 2027 ऑक्शन में सबसे महंगे बिक सकते हैं ये 3 खिलाड़ी, टूटेंगे सारे रिकॉर्ड
WPL 2027 ऑक्शन में सबसे महंगे बिक सकते हैं ये 3 खिलाड़ी, टूटेंगे सारे रिकॉर्ड
अखिलेश यादव की रैली से 3 दिन पहले सपाईयों ने वाराणसी में दिया गिफ्ट, BJP को लगा झटका
अखिलेश यादव की रैली से 3 दिन पहले सपाईयों ने वाराणसी में दिया गिफ्ट, BJP को लगा झटका
भारत को खतरा महसूस हुआ तो नतीजे भुगतने होंगे', PAK पहुंचे मुइज्जू को किसने दी चेतावनी
भारत को खतरा महसूस हुआ तो नतीजे भुगतने होंगे', PAK पहुंचे मुइज्जू को किसने दी चेतावनी
Karwa Chauth Gifts For Wife: करवाचौथ पर पत्नी को क्या दें गिफ्ट? ऐसे लूटें अपने चांद का दिल
करवाचौथ पर पत्नी को क्या दें गिफ्ट? ऐसे लूटें अपने चांद का दिल
Embed widget