गोविंदा और सुनीता आहूजा की तरह कई लोग ले रहे 'ग्रे डिवोर्स', आंकड़े जानकर हैरान रह जाएंगे आप
Govinda Sunita Ahuja Grey Divorce: बॉलीवुड स्टार गोविंदा की वाइफ सुनीता आहूजा उनसे लेने वाली है ग्रे डिवोर्स. इनकी तरह कई और लोग ले रहे हैं ग्रे डिवोर्स. आंकड़े जानकर आप रह जाएंगे हैरान.

Govinda Sunita Ahuja Grey Divorce: दुनिया की सबसे ज्यादा जनसंख्या भारत में रहती है. लेकिन दुनिया में सबसे कम तलाक भारत में होते हैं. आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर 100 जोड़ों में से एक जोड़े का तलाक होता है. पिछले कुछ समय से इजाफा देखने को मिला है. सोशल मीडिया पर आप देखें तो कई सिलेब्रिटीज के अलग होने की खबर सामने आई है. इंडियन क्रिकेट टीम के स्टार ऑल राउंडर हार्दिक पांड्या का नाम शामिल है. पूर्व स्टार ओपनर शिखर धवन या बॉलीवुड स्टार अरबाज खान मलाइका अरोड़ा या नागा चैतन्य और सामंथा रुथ प्रभु यह कुछ ऐसे नाम है.
जिनके डिवोर्स के चर्चे सोशल मीडिया पर खूब रहे. इसमे एक और नाम जुड़ता दिख रहा है गोविंदा और उनकी वाइफ सुनीता आहूजा का. यह दोनों ग्रे डिवोर्स ले रहे हैं. बता दें इसकी जानकारी फिलहाल आधिकारिक तौर पर नहीं आई है. लेकिन यह लगभग कंफर्म ही माना जा रहा है. कुछ वक्त से देखें तो कई लोग ले रहे हैं ग्रे डिवोर्स. आंकड़े जानकर आप रह जाएंगे हैरान.
क्या होता है ग्रे डिवोर्स?
सोशल मीडिया पर बॉलीवुड स्टार गोविंदा और उनकी पत्नी के बीच ग्रे डिवोर्स की खबर पर इन दिनों चर्चा खूब हो रही है.लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं. जिन्होंने ग्रे डिवोर्स शब्द ही पहली बार सुना होगा. तो कई लोगों को इसका मतलब भी नहीं पता होगा. ग्रे डिवोर्स का टर्म अमेरिका से आया है. यह होता तो सामान्य डिवोर्स ही है. लेकिन जिस उम्र में यह होता है. उस उम्र के लिहाज से या कहें वजह से इसे ग्रे डिवोर्स कहा जाता है.
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यानी 50 साल या उससे ऊपर का कोई कपल जब डिवोर्स लेता है. तो उसे ग्रे डिवोर्स कहा जाता है. साल 2004 में अमेरिका में पहली बार इस शब्द का इस्तेमाल किया गया था. और अब ग्रे डिवोर्स सिर्फ अमेरिका तक ही सीमित नहीं रहा है. बल्कि भारत समेत दुनिया के कई देशों में सामान्य हो चला है.
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आंकड़े कर देंगे हैरान
ग्रे डिवोर्स का चलन पिछले कुछ सालों से काफी बढ़ गया है. पिछले कुछ सालों से देखा जाए तो भारत में ही नहीं दुनिया भर में ग्रे डिवोर्स के कई मामले देखने को मिले हैं. एक रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक 1990 के बाद से ग्रे डिवोर्स के केस काफी बढ़े हैं. साल 2030 तक ग्रे डिवोर्स की संख्या में तीन गुना तक इजाफा हो सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2005 से लेकर 2015 तक इंग्लैंड और वेल्स में तलाक के मामलों में 28% तक गिरावट आई.
लेकिन इसी दौरान 65 साल या उससे ज्यादा की पुरुषों और महिलाओं के बीच 23% और 38 प्रतिशत ग्रे डिवोर्स के मामले बढ़े. अमेरिका में बात की जाए तो वहां भी इन आंकड़ों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. तो भारत में भी पिछले कुछ समय से इस तरह के कई केस सामने निकल कर आए हैं.
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