एक्सप्लोरर

Gold Demand in India: धड़ाम हुई सोने की मांग...अभी 1 लाख का खरीदा तो कब बना देगा करोड़पति?

Gold Demand in India: रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में सोने की मांग काफी ज्यादा गिर चुकी है. आइए जानते हैं कि क्या है इसके पीछे की वजह. जानें इससे जुड़ी पूरी जानकारी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • भारत में रिकॉर्ड कीमतों, महंगाई से सोने की मांग गिरी.
  • कमजोर मॉनसून से ग्रामीण इलाकों में सोने की मांग घटी है.
  • चक्रवृद्धि ब्याज से 1 लाख रुपये 40 साल में 1 करोड़.
  • निवेश पोर्टफोलियो में सोना 10-15% तक सीमित रखें.

Gold Demand in India: भारत में दिवाली की तैयारी चल रही है. कल धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन लोग सोने चांदी के आभूषणों की खरीदारी करते हैं. आपको बता दें कि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने की मांग गिरकर लगभग 650 मेट्रिक टन के 6 साल के निचले स्तर पर आ गई है. इसकी वजह रिकॉर्ड कीमतें, ईरान से जुड़े संघर्ष की वजह से आई महंगाई और कमजोर मानसून को बताया है.

 हालांकि वैश्विक अनिश्चितता के बीच  केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं. लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर कोई अभी ₹100000 का निवेश करता है तो उसे ₹1 करोड़ तक पहुंचने में कितना वक्त लग सकता है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब. 

100 गुना बढ़ोतरी का गणित 

1 लाख रुपये को ₹1 करोड़ रुपये में बदलने के लिए 100 गुना बढ़ोतरी, यानी 10,000 प्रतिशत के मुनाफा की जरूरत होती है. चक्रवृद्धि ब्याज की मदद से पहले मिले मुनाफे पर और मुनाफा जुड़ता जाता है. 

72 के नियम से यह पता लगाया जा सकता है कि पैसा कितने समय में दोगुना होगा. 12% के हिसाब से 72 को 12 से भाग देने पर 6 साल मिलते हैं. इस तरह ₹1लाख रुपये 6 साल में ₹2 लाख, 12 साल में ₹4 लाख, 18 साल में ₹8 लाख, 24 साल में ₹16 लाख, 30 साल में ₹32 लाख और 36 साल में ₹64 लाख हो जाएंगे.

इस गणना के मुताबिक 40 साल तक 64 लाख की राशि लगभग 1.1 करोड़ तक हो जाएगी. 12% की दर से 100 गुना का लक्ष्य लगभग 40.5 साल में पूरा हो जाता है. 11% सीएजीआर पर इसमें 44.1 साल लगते हैं. इसी के साथ 10% पर 48.3 साल. इस वजह से रिटर्न में थोड़ा सा भी अंतर समय सीमा को बदल देता है.

इस तुलना को शुरुआती मान्यताओं के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए. यह अनुमान इस बात पर आधारित है कि बताई गई सालाना रिटर्न दर पूरी अवधि के दौरान लगातार मिलती रहेगी और उस पर कंपाउंडिंग का असर होगा. इन आंकड़ों में सोने की कीमतों में होने वाले बदलाव या सोने में निवेश से जुड़े किसी अतिरिक्त खर्च या टैक्स को शामिल नहीं किया गया है. इस वजह से यह ये आंकड़े किसी निवेशक को मिलने वाले वास्तविक रिटर्न का सटीक अनुमान नहीं देते, बल्कि सिर्फ कंपाउंडिंग की ताकत को दर्शाते हैं. 


Gold Demand in India: धड़ाम हुई सोने की मांग...अभी 1 लाख का खरीदा तो कब बना देगा करोड़पति?

कंपाउंडिंग का असर तेजी से क्यों बढ़ता है? 

ग्रोथ समान रूप से नहीं होती. उदाहरण के लिए एक लाख की रकम पहले 20 साल में बढ़कर लगभग 9.6 लाख हो जाती है और अगले 20 साल में यह 1 करोड़ से भी काफी ऊपर पहुंच जाती है. इसे बैकएंड लोडिंग कहा जाता है. इसका मतलब है कि निवेश की अवधि के आखिरी सालों में कुल रकम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी होती है. 

सोने की मांग में कमी क्यों आई? 

हाल ही में 24 कैरेट सोने की कीमत 1.41 लाख से 1.46 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है. यह कई आम खरीदारों के बजट से बाहर है. महंगाई और ईरान संकट की वजह से जीवन यापन का खर्च बढ़ गया है जिससे लोगों के पास बचत के लिए कम पैसा बच रहा है. ग्रामीण इलाकों में भी मांग कमजोर हुई है. भारत में सोने की आधी से ज्यादा खरीदारी ग्रामीण क्षेत्रों में होती है. यह इस बार कमजोर मानसून से प्रभावित हुई है. वैश्विक अनिश्चितता के बीच केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं. माना जाता है कि इससे लंबी अवधि में सोने की कीमतें बनी रह सकती हैं. 


Gold Demand in India: धड़ाम हुई सोने की मांग...अभी 1 लाख का खरीदा तो कब बना देगा करोड़पति?

यह भी पढ़ें: सेना या पुलिस, किस पर हमला करने पर ज्यादा मिलती है सजा?

निवेश योजना में सोने की भूमिका 

सिर्फ सोने के भरोसे बड़ी संपत्ति नहीं बनाई जा सकती है. पोर्टफोलियो में सोने का हिस्सा 10% से 15% रखने की  सलाह दी जाती है. इसे मुख्य संपत्ति बनाने के बजाय एक हेज या सेफ्टी नेट के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए. 

अगर आपका लक्ष्य ₹1 लाख से ₹1 करोड़ तक पहुंचना है तो इसके लिए इक्विटी म्युचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान या फिर लंप सम इन्वेस्टमेंट करने का सुझाव दिया जाता है. 12% से 15% के संभावित सालाना रिटर्न के साथ इस लक्ष्य तक पहुंचने में लगभग 30 से 35 साल लग सकते हैं.

यह भी पढ़ें: दिवाली की रात कितनी जहरीली हो जाती है हवा? देखें 5 साल के आंकड़े

स्पर्श गोयल एबीपी लाइव के साथ कंटेंट राइटर के तौर पर जुड़े हुए हैं. वह जनरल नॉलेज बीट की जिम्मेदारी संभालते हैं. कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में उन्हें चार साल का अनुभव है. एबीपी से पहले वह डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद में करीब दो साल तक काम कर चुके हैं. उन्होंने नमस्कार भारत से अपने करियर की शुरुआत की थी. .

वह अलग-अलग विषयों पर रिसर्च करके पाठकों के लिए जानकारी को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण अंदाज में पेश करते हैं. उन्होंने न्यूज राइटिंग के साथ-साथ स्क्रीनराइटिंग में भी अपनी पकड़ मजबूत की.

उन्होंने मां शाकुम्भरी यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. इसके साथ उन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन से स्क्रीनप्ले का डिप्लोमा भी हासिल किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

BSF Personnel Attack: सेना या पुलिस, किस पर हमला करने पर ज्यादा मिलती है सजा?
सेना या पुलिस, किस पर हमला करने पर ज्यादा मिलती है सजा?
Midterm Elections 2026: US में कौन-कौन से राष्ट्रपति हारे थे मिडटर्म चुनाव, क्या हुआ था उनका हाल?
US में कौन-कौन से राष्ट्रपति हारे थे मिडटर्म चुनाव, क्या हुआ था उनका हाल?
Dhanteras 2026: धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा कहां से शुरू हुई, धन्वंतरि से इसका क्या संबंध?
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा कहां से शुरू हुई, धन्वंतरि से इसका क्या संबंध?
How Loco Pilot Knows Platform: लोको पायलट को कैसे पता लगता है, किस प्लेटफॉर्म पर लेनी है ट्रेन?
लोको पायलट को कैसे पता लगता है, किस प्लेटफॉर्म पर लेनी है ट्रेन?
Advertisement

वीडियोज

Horrifying Crime Story: दहशत की 20 रातों की कहानी... आधी रात को 'आत्मा' Calling और हत्या का खुलासा!
US Politics News Live: 'ट्रंप कार्ड' पड़ा फीका! डेमोक्रेटिक पार्टी की बल्ले-बल्ले
US Midterm Election Results: काम के,ना धाम के...Donald प्रेसिडेंट रहेंगे सिर्फ नाम के! | Republican
Sandeep Chaudhary: 'US जनादेश' से भारत को राहत या जारी रहेगी आफत? सटीक विश्लेषण! US Midterm Election
US Midterm Election Results: चुनावों में ट्रंप की हार...डेमोक्रेट्स की बहार! | Donald Trump
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पीएम मोदी के 'Gen-Z' अंदाज वाले पोस्ट पर CJP के सौरव दास बोले- 'प्लीज आप...'
पीएम मोदी के 'Gen-Z' अंदाज वाले पोस्ट पर CJP के सौरव दास बोले- 'प्लीज आप...'
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब नहीं दिखेंगे बैरिकेड्स, पुलिस ने हटाई पाबंदी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब नहीं दिखेंगे बैरिकेड्स, पुलिस ने हटाई पाबंदी
'लाभार्थियों के लिए आधार की जगह जल्द...', मंत्री के बयान को कांग्रेस ने SIR से जोड़ा
'लाभार्थियों के लिए आधार की जगह जल्द...', मंत्री के बयान को कांग्रेस ने SIR से जोड़ा
रणजी ट्रॉफी में बवाल, कोर्ट के फैसले के बाद बदल गई पूरी टीम; खिलाड़ी नाखुश
रणजी ट्रॉफी में बवाल, कोर्ट के फैसले के बाद बदल गई पूरी टीम; खिलाड़ी नाखुश
Maatrubhumi Release Date: सलमान खान की 'मातृभूमि' की रिलीज डेट आउट! सनी देओल की 'सूर्या' से करेगी क्लैश?
सलमान खान की 'मातृभूमि' की रिलीज डेट आउट! सनी देओल की 'सूर्या' से करेगी क्लैश?
मनीष कश्यप को मिली दुल्हनिया? नाम- अनुष्का शर्मा, शेयर की 'हमसफर' की तस्वीर
मनीष कश्यप को मिली दुल्हनिया? नाम- अनुष्का शर्मा, शेयर की 'हमसफर' की तस्वीर
हिरासत के समय पर SC का बड़ा फैसला, '24 घंटे की गिनती उसी समय से शुरू होगी, जब पकड़ा गया'
हिरासत के समय पर SC का बड़ा फैसला, '24 घंटे की गिनती उसी समय से शुरू होगी, जब पकड़ा गया'
फील्ड पर फिट रहने के लिए कितनी मेहनत करते हैं कोहली? जानें उनका डाइट रुटीन
फील्ड पर फिट रहने के लिए कितनी मेहनत करते हैं कोहली? जानें उनका डाइट रुटीन
Embed widget