किस विचारधारा के हैं नेतन्याहू के विरोधी कैंडिडेट गादी आइजनकोट?
बेंजामिन नेतन्याहू को टक्कर दे रहे पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट की आखिर क्या है राजनीतिक विचारधारा? जानिए उनकी नई पार्टी का सुरक्षा एजेंडा और इजरायल के भविष्य को लेकर पूरा प्लान

इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को संसद के आम चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया है. इस बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सबसे बड़ी टक्कर देने वाले प्रतिद्वंदी के रूप में इजराइली रक्षा बलों के पूर्व प्रमुख गादी आइजनकोट उभरे हैं. आइजनकोट ने साल 2025 में अपनी नई पार्टी याशर का गठन किया, जिसका हिब्रू भाषा में अर्थ सीधा या ईमानदार होता है. मतदान खत्म होने के बाद आए शुरुआती रुझानों और एग्जिट पोल के आंकड़ों में आइजनकोट की पार्टी नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को बराबर की टक्कर देती दिख रही है. ऐसे में पूरी दुनिया की दिलचस्पी इस बात में है कि नेतन्याहू की दक्षिणपंथी राजनीति के विपरीत गादी आइजनकोट किस राजनीतिक विचारधारा के नेता है और इजरायल के भविष्य को लेकर उनका क्या नजरिया है.
मध्य-मार्गी और व्यावहारिक विचारधारा
गादी आइजनकोट की राजनीतिक विचारधारा को सेंटर-राइट या एक व्यावहारिक मध्यमार्गी विचारधारा के रूप में देखा जाता है. उनकी पार्टी याशर खुद को पारंपरिक वामपंथी या धुर-दक्षिणपंथी खेमे से दूर रखती है. आइजनकोट का चुनावी नारा भी इसी सोच पर आधारित रहा है कि यह न तो वामपंथ है, दक्षिणपंथ है, यह सिर्फ सीधा रास्ता है.
वे एक ऐसे इजरायल की वकालत करते हैं जो अपने राष्ट्रीय और यहूदी मूल्यों में गहराई से जुड़ा हो, लेकिन साथ ही देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की लोकतांत्रिक सोच पर आधारित हो. नेतन्याहू के कट्टर राष्ट्रवाद के मुकाबले आइजनकोट का नजरिया अधिक संस्थागत, कानून के शासन का सम्मान करने वाला राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित माना जाता है.
राष्ट्रीय सुरक्षा और फिलिस्तीन के मुद्दे पर सख्त रवैया
भले ही आइजनकोट राजनीतिक रूप से मध्यमार्गी माने जाते हों, लेकिन जब बात इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा और फिलिस्तीन की आती है, तो उनका रुख काफी हद तक आक्रामक और व्यावहारिक है. वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा समर्थित टू-स्टेट सॉल्यूशन यानी एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश के निर्माण का स्पष्ट रूप से विरोध करते हैं.
उनका मानना है कि इजरायल को वेस्ट बैंक के प्रमुख यहूदी बस्ती ब्लॉकों और जॉर्डन घाटी पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहिए. गाजा पट्टी को लेकर उनकी विचारधारा हमास के सैन्य ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करने और वहीं एक दीर्घकालिक सुरक्षा कॉरिडोर बनाए रखने की है. इसके साथ ही वे ईरान को इजरायल के लिए सबसे बड़ा रणनीतिक खतरा मानते हैं.
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समान सैन्य सेवा संस्थागत सुधारों के पक्षधर
इजरायल की घरेलू राजनीति में आइजनकोट की विचारधारा का सबसे बड़ा स्तंभ समानता और जवाबदेही है. इजरायल में वर्तमान में अति-रूढ़िवादी यहूदियों को सेना में अनिवार्य भर्ती से छूट मिली है, जिसका नेतन्याहू राजनीतिक कारणों से समर्थन करते हैं.
इसके विपरित, आइजनकोट की स्पष्ट विचारधारा है कि देश के हर नागरिक, चाहे वे रूढ़िवादी यहूदी हों या अरब नागरिक, सभी के लिए सैन्य सेवा या राष्ट्रीय नागरिक सेवा अनिवार्य होनी चाहिए. इसके अलावा, वे नेतन्याहू सरकार द्वारा न्यायपालिका की ताकत कम करने के प्रयासों के सख्त खिलाफ हैं और सरकार के अंगों के बीच शक्तियों के संतुलन को मजबूत करने वाली लोकतांत्रिक विचारधारा का समर्थन करते हैं.
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