एक्सप्लोरर

America Independence Day: किस देश के चंगुल से आजाद हुआ था अमेरिका? जानिए कैसे चढ़ा सुपर पावर बनने की सीढ़ी

America Independence Day: अमेरिका आज अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. आइए जानते हैं कि इस देश को किस से आजादी मिली थी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • 1944 में अमेरिकी डॉलर दुनिया की प्रमुख रिजर्व करेंसी बनी।

America Independence Day: अमेरिका आज स्वतंत्रता दिवस मना रहा है.  आज अमेरिका को दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में से एक माना जाता है. लेकिन इसकी शुरुआत औपनिवेशिक शासन के तहत हुई थी. भारत की तरह अमेरिका पर भी कभी ब्रिटिश साम्राज्य का शासन था. 

अमेरिका को ब्रिटेन से आजादी मिली 

एक आजाद देश बनने से पहले आज के अमेरिका के पूर्वी हिस्से में 13 ब्रिटिश उपनिवेश थे. 4 जुलाई 1776 को 13 उपनिवेशों के प्रतिनिधियों ने स्वतंत्रता की घोषणा को अपनाया और औपचारिक रूप से ब्रिटिश शासन से अलग होने की घोषणा की. हालांकि संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ. अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध कई सालों तक चला. इसके बाद 1783 में पेरिस की संधि के जरिए ब्रिटेन ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका को एक आजाद देश के रूप में मान्यता दी.

क्षेत्रीय विस्तार ने अमेरिका का भविष्य बदल दिया 

अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़े मोड़ में से एक 1803 में लुइसियाना खरीद के साथ आया. अमेरिका ने नेपोलियन बोनापार्ट के नेतृत्व वाले फ्रांस से विशाल लुइसियाना क्षेत्र 15 मिलियन डॉलर में खरीदा. इस एक समझौते ने देश के जमीनी क्षेत्रफल को लगभग दोगुना कर दिया.

अगले दशकों में अमेरिका ने 1848 में मेक्सिको को हराकर और कैलिफोर्निया और टेक्सास जैसे क्षेत्रों पर अपना कंट्रोल ले लिया और उनका विस्तार किया. बाद में 1898 में स्पेनिश अमेरिकी युद्ध में जीत से अमेरिका को प्यूर्तो रिको, गुआम और फिलीपींस जैसे विदेशी क्षेत्र मिले. इससे एक वैश्विक शक्ति के रूप में उसका उदय हुआ. 

यह भी पढ़ेंः कैसे होता है संविधान में संशोधन, किन-किन लोगों से लेनी पड़ती है इजाजत?

विश्व युद्ध ने अमेरिका की वैश्विक स्थिति को ऊंचा उठाया 

दो विश्व युद्ध ने वैश्विक शक्ति के संतुलन को नाटकीय रूप से बदल दिया. पहले विश्व युद्ध के दौरान यूरोपीय देशों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. इसी के साथ अमेरिका ने मित्र देशों को हथियार, भोजन और आर्थिक मदद दी. यही वजह है कि अमेरिका ने काफी धन और दुनिया का सबसे बड़ा सोने का भंडार जमा कर लिया. 

इसी के साथ दूसरे विश्व युद्ध ने अमेरिका की स्थिति को और भी मजबूत किया. पर्ल हार्बर पर हमले के अलावा अमेरिकी मुख्य भूमि बड़े पैमाने पर तबाही से बची रही. युद्ध के अंत की तरफ अमेरिका ने परमाणु बम विकसित किया और हिरोशिमा और नागासाकी के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करके अपनी सैन्य मजबूती को साबित किया. जब युद्ध खत्म हुआ तो यूरोप का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो चुका था और अमेरिका दुनिया की सबसे मजबूत आर्थिक और सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित हो चुका था.

डॉलर दुनिया की रिजर्व करेंसी बन गया 

एक और बड़ी उपलब्धि 1944 में ब्रिटेन वुड्स सम्मेलन के दौरान मिली. अमेरिकी डॉलर दुनिया की मुख्य रिजर्व करेंसी बन गया. इसे अमेरिका के बड़े सोने के भंडार का समर्थन प्राप्त था. इसी दौरान इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड और वर्ल्ड बैंक जैसे अंतर्राष्ट्रीय संस्थान भी स्थापित किए गए. इनके मुख्यालय अमेरिका में स्थित थे.

यह भी पढ़ेंः औरंगजेब टोपियां बेचकर कितनी कमाई करता था, कितने में बिकती थी उसकी बुनी एक टोपी?

स्पर्श गोयल एबीपी लाइव के साथ कंटेंट राइटर के तौर पर जुड़े हुए हैं. वह जनरल नॉलेज बीट की जिम्मेदारी संभालते हैं. कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में उन्हें चार साल का अनुभव है. एबीपी से पहले वह डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद में करीब दो साल तक काम कर चुके हैं. उन्होंने नमस्कार भारत से अपने करियर की शुरुआत की थी. .

वह अलग-अलग विषयों पर रिसर्च करके पाठकों के लिए जानकारी को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण अंदाज में पेश करते हैं. उन्होंने न्यूज राइटिंग के साथ-साथ स्क्रीनराइटिंग में भी अपनी पकड़ मजबूत की.

उन्होंने मां शाकुम्भरी यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. इसके साथ उन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन से स्क्रीनप्ले का डिप्लोमा भी हासिल किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

भारत ही नहीं, अमेरिका में भी वोटर लिस्ट की गलतियां; कैसे हुईं हजारों एंट्री?
भारत ही नहीं, अमेरिका में भी वोटर लिस्ट की गलतियां; कैसे हुईं हजारों एंट्री?
कितने दिन में घिस जाते हैं ट्रेन के पहिये, कितने का आता है एक जोड़ा?
कितने दिन में घिस जाते हैं ट्रेन के पहिये, कितने का आता है एक जोड़ा?
एयरलाइन खोलने में कितना आता है खर्च, कितना है एक दिन का मुनाफा?
एयरलाइन खोलने में कितना आता है खर्च, कितना है एक दिन का मुनाफा?
ग्लोबल मार्केट में धूम मचा रहे ये भारतीय सुपरफूड्स, कहां-कहां होते हैं एक्सपोर्ट?
ग्लोबल मार्केट में धूम मचा रहे ये भारतीय सुपरफूड्स, कहां-कहां होते हैं एक्सपोर्ट?

वीडियोज

Sansani: दरिंदे पति ने हैवानियत की सारी हदें की पार!
Mallikarjun Kharge Statement: खरगे का विवादित बयान..सियासत में उबाल | Congress | Bihar | Patna
Mallikarjun Kharge Statement: कांग्रेस 'बाप' तक क्यों पहुंच गई? | Bihar News | Patna | Janhit
Anant Singh Inside Story: अनंत सिंह ने क्यों कहा JDU खत्म? | Nitish Kumar | Mokama | Bihar
Sandeep Chaudhary: रामलीला मैदान रैली पर बवाल..लोकतंत्र का है सवाल? | Congress Rally | INDIA Bloc

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
UP चुनाव से पहले इंडिया ब्लॉक से गठबंधन पर बोले ओवैसी, ‘हम बार-बार कह रहे...’
UP चुनाव से पहले इंडिया ब्लॉक से गठबंधन पर बोले ओवैसी, ‘हम बार-बार कह रहे...’
'सम्मान में कमी न आए...' रामगोपाल यादव के अल्टीमेटम पर राजकुमार भाटी
'सम्मान में कमी न आए...' रामगोपाल यादव के अल्टीमेटम पर राजकुमार भाटी
हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक में उड़ा जिम्बाब्वे, भारत ने 121 रन से जीता दूसरा वनडे
हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक में उड़ा जिम्बाब्वे, भारत ने 121 रन से जीता दूसरा वनडे
'मुझ पर हमला क्यों किया?' दावे को टाइगर श्रॉफ के स्पोक्सपर्सन ने किया खारिज
'मुझ पर हमला क्यों किया?' दावे को टाइगर श्रॉफ के स्पोक्सपर्सन ने किया खारिज
सौरव दास का बड़ा दावा- 'मैसेज नहीं कर पा रहा, मेरा Whatsapp अकाउंट...'
सौरव दास का बड़ा दावा- 'मैसेज नहीं कर पा रहा, मेरा Whatsapp अकाउंट...'
हाईवे पर इमरजेंसी में नहीं लग रहा 1033, तुरंत करें ये काम
हाईवे पर इमरजेंसी में नहीं लग रहा 1033, तुरंत करें ये काम
बिजली के तार से चिपका नन्हा लंगूर, मौत के मुहाने से खींच लाई मां
बिजली के तार से चिपका नन्हा लंगूर, मौत के मुहाने से खींच लाई मां
घर में नहीं है किचन गार्डन की जगह, जानें कैसे किराए पर उगाएं ताजी सब्जियां?
घर में नहीं है किचन गार्डन की जगह, जानें कैसे किराए पर उगाएं ताजी सब्जियां?
Embed widget