Nuclear Weapons: जब दुनिया में बेचे जाते हैं हर तरह के हथियार तो परमाणु बम क्यों नहीं, क्या है इसको लेकर नियम?
Nuclear Weapons: डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि पाकिस्तान और रूस जैसे देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि बाकी हथियारों की तरह परमाणु बम का व्यापार क्यों नहीं किया जाता.

Nuclear Weapons: हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है कि पाकिस्तान, रूस, चीन और उत्तर कोरिया जैसे देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं. इसी के साथ ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका भी परमाणु क्षमताओं में पीछे नहीं रहेगा. इसी बीच यह सवाल बना हुआ है कि परमाणु बमों का व्यापार बाकी हथियारों की तरह क्यों नहीं होता. आइए जानते हैं कि बाकी हथियारों की तरह परमाणु बम दुनिया में क्यों नहीं बेचे जाते.
क्या हैं संधियां और नियम
परमाणु हथियारों को विनियमित करने और उनके प्रसार को रोकने के लिए कई बड़ी संधियां की गई थी. ये समझौते परमाणु युद्ध के जोखिम को कम करने, वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देने और साथ ही परमाणु प्रसार की संभावना को कम करने के लिए किए गए थे.
परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी)
इस संधि को 1970 में लागू किया गया था. इसके तीन लक्ष्य थे. पहला कि परमाणु हथियारों और उनसे संबंधित तकनीक को उन देशों तक फैलने से रोका जाए जिनके पास यह नहीं है. दूसरा परमाणु हथियारों को जड़ से खत्म करने को बढ़ावा देना और तीसरा परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना और साथ ही इस तकनीक का हथियारों के विकास में इस्तेमाल होने से रोकना.
इस संधि के तहत जिन देशों के पास पहले से ही परमाणु हथियार हैं वे निरस्तीकरण की दिशा में काम करेंगे. इसी के साथ गैर परमाणु देश को परमाणु हथियार हासिल करने से प्रतिबंधित किया जाएगा. इसी संधि के तहत गैर परमाणु देशों को परमाणु हथियार या फिर तकनीक की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है.
परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि (टीपीएनब्ल्यू)
2017 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे. अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत परमाणु हथियारों के इस्तेमाल, कब्जे, परीक्षण और हस्तांतरण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया. हालांकि इस संधि को कई देशों ने अपनाया लेकिन अमेरिका, रूस और चीन जैसी बड़ी परमाणु शक्तियों ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किया.
कंप्रिहेंसिव न्यूक्लियर टेस्ट बैन ट्रीटी
इस संधि के तहत परीक्षण के लिए सभी परमाणु विस्फोटों पर प्रतिबंध लगाया गया है. नए परमाणु हथियारों के विकास को रोकने में यह बड़ी भूमिका निभाती है. हालांकि अभी तक सभी देशों ने इसकी पूरी तरह से पुष्टि नहीं की है लेकिन इसके बावजूद भी यह दुनिया भर में परमाणु हथियार क्षमताओं के विस्तार को रोकने में एक बड़ा उपकरण बनी हुई है.
क्यों नहीं बेचे जाते परमाणु हथियार
दरअसल परमाणु हथियारों में बड़े पैमाने पर विनाशकारी क्षमताएं होती हैं, जो पूरे शहर को नष्ट कर सकती हैं. परमाणु विस्फोट से निकलने वाले रेडियोएक्टिव विकिरण भूमि और जल को पीडिया तक दूषित कर सकते हैं.
इसी के साथ परमाणु अप्रसार संधि और परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि जैसी अंतरराष्ट्रीय संधियों ने देश के लिए परमाणु हथियारों के व्यापार में शामिल होने को अवैध बनाया है. अगर समझौते का उल्लंघन किया जाता है तो गंभीर प्रतिबंध भी लग सकता है. जिसमें आर्थिक दंड, यात्रा प्रतिबंध और उल्लंघन करने वाले देश का वैश्विक संगठन से बहिष्कार भी शामिल है.
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Source: IOCL






















