NRI और OCI नागरिकों में क्या होता है अंतर, कैसे तय होती है इनकी नागरिकता?
NRI भारतीय नागरिकता और पासपोर्ट धारक होते हैं जो विदेश में रहते हैं, जबकि OCI विदेशी नागरिक होते हैं जिन्हें भारत में बिना वीजा रहने, काम करने और यात्रा करने का आजीवन अधिकार मिलता है.

विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के लिए अक्सर NRI और OCI शब्द एक जैसे लगते हैं, जबकि कानूनी तौर पर इन दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है. NRI का मतलब जहां भारतीय नागरिकता बनाए रखते हुए विदेश में रहना है, वहीं OCI एक ऐसी सुविधा है जो भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को दी जाती है. टैक्स, वोटिंग राइट्स, प्रॉपर्टी खरीदने और सरकारी नौकरी जैसे कई मामलों में इन दोनों कैटेगरी के नियम पूरी तरह अलग हैं. आइए समझते हैं कि NRI और OCI में क्या फर्क है और इनकी पहचान किन आधार पर तय होती है.
कौन होता है NRI?
NRI यानी नॉन-रेजिडेंट इंडियन वह व्यक्ति होता है, जो भारत का नागरिक है, लेकिन नौकरी, बिजनेस या पढ़ाई की वजह से विदेश में रह रहा है. NRI का स्टेटस तय करने का आधार टैक्स कानूनों के तहत भारत में बिताए गए दिनों की संख्या होती है. अगर कोई व्यक्ति एक वित्त वर्ष में कुल मिलाकर 182 दिन या उससे ज्यादा भारत से बाहर रहता है, तो उसे NRI माना जाता है. चूंकि NRI की नागरिकता भारतीय ही बनी रहती है, इसलिए उसे भारत में वोट देने जैसे सभी अधिकार पूरी तरह हासिल रहते हैं.
कौन होता है OCI?
OCI यानी ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया वह विदेशी नागरिक होता है, जो भारतीय मूल का है या जिसके माता-पिता, दादा-दादी या परदादा-परदादी कभी भारत के नागरिक रह चुके हों. OCI कार्ड भारतीय मूल के लोगों को भारत में बार-बार वीजा लेने की झंझट से बचाने के लिए दिया जाता है, जिसमें लाइफटाइम मल्टी-एंट्री वीजा जैसी सुविधा मिलती है. हालांकि इसे दोहरी नागरिकता नहीं समझना चाहिए, क्योंकि भारतीय संविधान किसी को भी एक साथ दो देशों की नागरिकता रखने की इजाजत नहीं देता.
OCI को नहीं मिलते यह अधिकार
OCI कार्ड धारकों को आर्थिक, वित्तीय और शिक्षा से जुड़े मामलों में लगभग एनआरआई जैसी ही सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन कुछ अधिकार उनसे पूरी तरह दूर रखे गए हैं. OCI कार्ड धारक भारत में न तो वोट डाल सकते हैं और न ही चुनाव लड़ सकते हैं. वे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज जैसे संवैधानिक पदों पर भी नहीं बैठ सकते. इसके अलावा उन्हें सरकारी नौकरी में नियुक्ति और कृषि भूमि या फार्महाउस खरीदने का अधिकार भी नहीं मिलता, जब तक कि इसकी खास तौर पर अनुमति न दी जाए.
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किन्हें नहीं मिल सकता OCI कार्ड
OCI कार्ड के लिए पात्रता तय करते समय कुछ सख्त शर्तें भी रखी गई हैं. जिस व्यक्ति के माता-पिता, दादा-दादी या परदादा-परदादी कभी पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक रह चुके हों, उसे OCI कार्ड के लिए अयोग्य माना जाता है. इसके अलावा किसी देश की सेना, पुलिस या अर्धसैनिक बल में सेवा दे चुके या दे रहे विदेशी नागरिक भी OCI के लिए पात्र नहीं माने जाते. किसी गंभीर अपराध में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को भी OCI कार्ड नहीं दिया जाता.
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